{"_id":"6a02fa9322831ed6c0007ec8","slug":"supreme-court-agrees-to-hear-ed-plea-challenging-anticipatory-bail-granted-to-anup-majee-money-laundering-case-2026-05-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"2700 करोड़ की धोखाधड़ी: सुप्रीम कोर्ट में ईडी की याचिका पर होगी सुनवाई, अनूप माझी की अग्रिम जमानत को दी चुनौती","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
2700 करोड़ की धोखाधड़ी: सुप्रीम कोर्ट में ईडी की याचिका पर होगी सुनवाई, अनूप माझी की अग्रिम जमानत को दी चुनौती
Tue, 12 May 2026 03:32 PM IST
Devesh Tripathi
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Devesh Tripathi
Updated Tue, 12 May 2026 03:32 PM IST
सार
अनूप माझी पर आरोप है कि उन्होंने ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (ईसीएल) के लीजहोल्ड क्षेत्र से अवैध कोयला खनन और चोरी के माध्यम से 2,742.32 करोड़ रुपये (करों/रॉयल्टी सहित) के कोयले का गबन किया गया। मनी लॉन्ड्रिंग के इस मामले में अनूप माझी को दिल्ली हाई कोर्ट ने जमानत दे दी थी।
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में एक निजी फर्म के निदेशक को धन शोधन मामले में मिली अग्रिम जमानत को चुनौती देते हुए एक याचिका दायर की है। यह मामला कथित अवैध कोयला खनन और चोरी से जुड़ा हुआ है।
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई की पीठ ने अनूप माझी को नोटिस जारी किया है। माझी कोयला खरीद-बिक्री के कारोबार में लगी एक फर्म के निदेशक थे। कोर्ट ने ईडी की याचिका पर माझी से जवाब मांगा है।
दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को दी चुनौती
ईडी ने दिल्ली हाई कोर्ट के पिछले साल जून में दिए गए उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें 2020 में दर्ज धन शोधन मामले में माझी को अग्रिम जमानत दी गई थी। ईडी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि माझी 2,700 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मुख्य सूत्रधार थे, जिसमें राष्ट्रीय संसाधनों की लूट हुई। उन्होंने तर्क दिया कि माझी काफी समय से फरार चल रहे थे।
विज्ञापन
पीठ ने ईडी से पूछे सवाल
पीठ ने ईडी से पूछा कि माझी सीबीआई की हिरासत में थे, तो ईडी ने उन्हें हिरासत में क्यों नहीं लिया? कानून अधिकारी ने मामले में राष्ट्रीय संसाधनों की लूट का तर्क देते हुए उनके खिलाफ सबूतों का हवाला दिया। पीठ ने पूछा, "क्या उन्होंने जांच में सहयोग किया?" अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि अदालत से सुरक्षा मिलने के बाद जांच में कुछ सहयोग हुआ।
माझी के वकील ने भी रखा पक्ष
माझी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ डेव ने कहा कि उनके मुवक्किल ने जांच में सहयोग किया है और 13 बार जांच एजेंसी के समक्ष पेश हो चुके हैं। पीठ ने ईडी की याचिका पर नोटिस जारी किया है और मामले की सुनवाई सितंबर में तय की है। हाई कोर्ट ने धन शोधन मामले में अग्रिम जमानत की मांग करने वाली माझी की याचिका पर यह आदेश पारित किया था।
ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड से गबन का आरोप
हाई कोर्ट में ईडी ने आरोप लगाया था कि ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (ईसीएल) के लीजहोल्ड क्षेत्र से अवैध कोयला खनन और चोरी के माध्यम से 2,742.32 करोड़ रुपये (करों/रॉयल्टी सहित) के कोयले का गबन किया गया। माझी के वकील ने हाई कोर्ट में तर्क दिया था कि हिरासत में पूछताछ की कोई आवश्यकता नहीं थी क्योंकि वह कई मौकों पर जांच में शामिल हुए थे और जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग किया था।
अन्य वीडियो
विज्ञापन
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति विजय बिश्नोई की पीठ ने अनूप माझी को नोटिस जारी किया है। माझी कोयला खरीद-बिक्री के कारोबार में लगी एक फर्म के निदेशक थे। कोर्ट ने ईडी की याचिका पर माझी से जवाब मांगा है।
विज्ञापन
दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश को दी चुनौती
ईडी ने दिल्ली हाई कोर्ट के पिछले साल जून में दिए गए उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें 2020 में दर्ज धन शोधन मामले में माझी को अग्रिम जमानत दी गई थी। ईडी की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने अग्रिम जमानत रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि माझी 2,700 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मुख्य सूत्रधार थे, जिसमें राष्ट्रीय संसाधनों की लूट हुई। उन्होंने तर्क दिया कि माझी काफी समय से फरार चल रहे थे।
विज्ञापन
पीठ ने ईडी से पूछे सवाल
पीठ ने ईडी से पूछा कि माझी सीबीआई की हिरासत में थे, तो ईडी ने उन्हें हिरासत में क्यों नहीं लिया? कानून अधिकारी ने मामले में राष्ट्रीय संसाधनों की लूट का तर्क देते हुए उनके खिलाफ सबूतों का हवाला दिया। पीठ ने पूछा, "क्या उन्होंने जांच में सहयोग किया?" अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि अदालत से सुरक्षा मिलने के बाद जांच में कुछ सहयोग हुआ।
माझी के वकील ने भी रखा पक्ष
माझी की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ डेव ने कहा कि उनके मुवक्किल ने जांच में सहयोग किया है और 13 बार जांच एजेंसी के समक्ष पेश हो चुके हैं। पीठ ने ईडी की याचिका पर नोटिस जारी किया है और मामले की सुनवाई सितंबर में तय की है। हाई कोर्ट ने धन शोधन मामले में अग्रिम जमानत की मांग करने वाली माझी की याचिका पर यह आदेश पारित किया था।
ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड से गबन का आरोप
हाई कोर्ट में ईडी ने आरोप लगाया था कि ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (ईसीएल) के लीजहोल्ड क्षेत्र से अवैध कोयला खनन और चोरी के माध्यम से 2,742.32 करोड़ रुपये (करों/रॉयल्टी सहित) के कोयले का गबन किया गया। माझी के वकील ने हाई कोर्ट में तर्क दिया था कि हिरासत में पूछताछ की कोई आवश्यकता नहीं थी क्योंकि वह कई मौकों पर जांच में शामिल हुए थे और जांच एजेंसी के साथ पूरा सहयोग किया था।
अन्य वीडियो
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन