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पेगासस कांड: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में दायर नहीं किया हलफनामा, 13 सितंबर तक टली सुनवाई
Tue, 07 Sep 2021 12:19 PM IST
प्रशांत कुमार झा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत कुमार झा
Updated Tue, 07 Sep 2021 12:19 PM IST
सार
केंद्र सरकार पर इस्राइली सॉफ्टवेयर पेगासस के जरिए भारत में तीन सौ लोगों की फोन टैपिंग कराने का आरोप है। इसमें सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता भी शामिल है। हालांकि, सरकार ऐसे आरोप को निराधार बता रही है। वहीं, यह मामला देश की शीर्ष अदालत में चल रहा है।
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सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : ANI
विस्तार
पेगासस जासूसी मामले पर केंद्र सरकार को आज सुप्रीम कोर्ट में हफनामा दायर करना था, लेकिन सरकार की ओर से दायर नहीं किया गया। केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि कुछ कारणों से हलफनामा अभी दाखिल नहीं हो पाया है, सॉलिसीटर जनरल मेहता ने शीर्ष अदालत से इस पर अपनी रिपोर्ट देने के लिए समय की मांग की, जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने एक हफ्ते के लिए सुनवाई टाल दी । मामले की अगली सुनवाई अब 13 सिंतबर को होगी।
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Supreme Court adjourns for September 13 the hearing in petitions seeking court-monitored probe into the reports of government allegedly using Israeli software Pegasus pic.twitter.com/bIqIPqKBw3
— ANI (@ANI) September 7, 2021विज्ञापन
प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण की अध्यक्षता वाली तीन न्यायाधीशों की पीठ ने 17 अगस्त को याचिकाओं पर केंद्र को नोटिस जारी करते हुए साफ किया था कि वह नहीं चाहती कि सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता करने वाली किसी भी चीज का खुलासा करे। शीर्ष कोर्ट ने मामले की जांच के लिए अपनी तरफ से विशेषज्ञ कमिटी बनाने का प्रस्ताव दिया था। इसपर सॉलिसीटर तुषार मेहता ने कहा कि सरकार यह नहीं कह रही कि वह किसी को कुछ नहीं बताएगी, लेकिन कुछ चीजें सार्वजनिक तौर पर हलफनामा दायर कर नहीं बताई जा सकतीं। यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है।
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याचिकाकर्ताओं ने इसका विरोध किया था। कोर्ट ने सरकार को नोटिस जारी करते हुए कहा था कि वह विचार करे कि उसे और कुछ कहना है या नहीं। कोर्ट सरकार का जवाब देखने के बाद इस पर विचार करेगा। जैसे ही आज मामला पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए आया तो केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि कुछ कठिनाइयों के कारण हलफनामा, दायर नहीं किया जा सका है।
केंद्र ने कोर्ट से क्या बताया था
पिछली सुनवाई में केंद्र की ओर से पेश सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने विस्तृत हलफनामा देने में असमर्थता जताते हुए कहा था कि याचिकाकर्ता चाहते हैं कि सरकार यह बताए कि वह कौन सा सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करती है, और कौन सा नहीं। राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में यह सब हलफनामे के रूप में नहीं बताया जा सकता। कल को कोई वेबसाइट इस्तेमाल कर कोई खबर प्रकाशित कर दे तो क्या हम सार्वजनिक रूप से उन सभी बातों का खुलासा करने लगेंगे।
एन राम की याचिका पर सुनवाई
पीठ में मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण के अलावा जस्टिस सूर्यकांत और अनिरुद्ध बोस भी शामिल हैं। बता दें कि वरिष्ठ पत्रकार एन राम की ओर से सुप्रीम कोर्ट में पेगासस जासूसी कांड की निष्पक्ष जांच के लिए याचिका दायर की गई है। एन राम के वकील कपिल सिब्बल पक्ष को रख रहे हैं।