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कश्मीर में बच्चों की नजरबंदी का दावा करने वाली याचिका पर सुनवाई पांच नवंबर तक स्थगित
Tue, 15 Oct 2019 03:43 PM IST
Nilesh Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Nilesh Kumar
Updated Tue, 15 Oct 2019 03:43 PM IST
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सुप्रीम कोर्ट
जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद बच्चों की नजरबंदी के मामले में सुप्रीम कोर्ट में पांच नवंबर तक सुनवाई स्थगित कर दी गई है। बाल अधिकार कार्यकर्ता इनाक्षी गांगुली और अन्य समाजिक कार्यकर्ताओं ने इस संबंध में याचिका दाखिल की थी। इस याचिका में कश्मीर में बंदी के दौरान बच्चों और नाबालिगों को हिरासत में रखे जाने का दावा किया गया था।
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Supreme Court adjourns for November 5, the plea filed by child rights activist, Enakshi Ganguly, claiming detention of children in the state of Jammu and Kashmir, after the abrogation of Article 370 and subsequent lockdown in the Valley. pic.twitter.com/SeJ03ESUoJ
— ANI (@ANI) October 15, 2019विज्ञापन
याचिकाकर्ता इनाक्षी गांगुली और शांता सिन्हा (राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पूर्व अध्यक्ष) ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी। इसमें उन्होंने अनुकच्छेद 370 हटाए जाने के बाद लागू हुए कड़े प्रतिबंधों का जिक्र करते हुए जम्मू-कश्मीर हाई कोर्ट तक लोग संपर्क साधने में असमर्थ होने का जिक्र किया था।
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याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ता हुजेफा अहमदी ने कोर्ट से कहा था कि प्रतिबंध के चलते वह जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट से संपर्क करने में असमर्थ हैं। वहीं बाल अधिकारों से जुड़े मामलों को लेकर याचिकाकर्ता इनाक्षी और शांता ने दावा किया था कि प्रतिबंध के चलते बच्चों को भी हिरासत में रखा जा रहा है।
अहमदी ने 16 सितंबर को कोर्ट को बताया था कि राज्य में बच्चों को हिरासत में रखा गया है जो कि पूरी तरह से गलत है। उन्होंने इस मामले को गंभीर बताते हुए सुप्रीम कोर्ट से दखल देने का आग्रह किया था। वहीं चीफ जस्टिस गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा था कि वह कश्मीर में बच्चों को कथित तौर पर हिरासत में लिए जाने का मुद्दा उठाने संबंधी याचिका पर सुनवाई करेगी क्योंकि याचिका में नाबालिगों से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए हैं। अब इस मामले में सुनवाई पांच नवंबर तक के लिए स्थगित हो गई है।