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त्रिपुरा में लग रहा था भाजपा को डर, अमित शाह ने ऐसे किया दूर
अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
Updated Tue, 13 Mar 2018 09:47 PM IST
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त्रिपुरा में भाजपा की जीत में मुंबई के सुनील देवधर की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। लेकिन, त्रिपुरा में काम करते हुए उन्हें भय महसूस हो रहा था। माकपा सरकार के कार्यकाल में भाजपा कार्यकर्ताओं पर लगातार हमले हो रहे थे। राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री बिप्लब देब के घर पर भी हमले हुए थे। भाजपा के 11 कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी थी। उन्होंने कहा कि मुझ पर हमले का डर था, लेकिन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के आश्वासन के बाद मेरा डर खत्म हो गया।
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'अमित शाह के आश्वासन के बाद बेखौफ हो गया'
मंगलवार को मुंबई प्रेस क्लब में आयोजित वार्तालाप कार्यक्रम में सुनील देवधर ने यह बातें पत्रकारों के साथ साझा की। सुनील देवधर ने कहा कि त्रिपुरा में वामपंथी कार्यकर्ताओं की दहशत थी। ऐसी स्थिति में एक दिन भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से मैंने बात की। उनसे कहा कि भले ही मुझे अपनी जान गवानी पड़े लेकिन त्रिपुरा में भाजपा की जीत पक्की है। इस पर भाजपा अध्यक्ष शाह ने उन्हें आश्वस्त किया कि माकपा कार्यकर्ता आप पर हमले की हिम्मत नहीं करेंगे क्योंकि उन्हें पता है कि मैंने आपको वहां भेजा है। देवधर ने कहा कि इसके बाद से मैं पूरी तरह निश्चिंत हो गया और बेखौफ हो गया।
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पूर्वोत्तर में बीफ बैन नहीं
पूर्वोत्तर के राज्यों में बीफ खाने की छूट देने के सवाल पर देवधर ने कहा कि वहां अधिकांश लोग बीफ खाते हैं। कुछ हिंदू जनजातियों के लोग भी बीफ खाते हैं। उन्होंने बीफ का समर्थन करते हुए कहा कि लोकतंत्र में बहुसंख्यक समाज की भावनाओं का ख्याल रखना आवश्यक होता है। जहां लोग बीफ पर पाबंदी चाहते हैं वहां पाबंदी लगाई गई।
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