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सफलतापूर्वक लॉन्च हआ 'सिंधू नेत्र', छात्रों द्वारा बनाए गए पांच उपग्रह भेजे गए अंतरिक्ष 

Sun, 28 Feb 2021 06:37 PM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर अजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर अजाला, नई दिल्ली Published by: प्रियंका तिवारी Updated Sun, 28 Feb 2021 06:37 PM IST
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Successfully launched Sindhu Netra five satellites made by students sent to space
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

हिंद महासागर क्षेत्र में सैन्य युद्धपोत और मर्चेंट शिपिंग दोनों की गतिविधियों की निगरानी के साथ ही देश की निगरानी क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए रविवार को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के वैज्ञानिकों की एक टीम द्वारा विकसित ‘सिंधू नेत्र’ उपग्रह को सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में भेज दिया गया।

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उपग्रह को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पीएसएलवी (ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान)- सी 51 का उपयोग करके लॉन्च किया गया, जिसका आज सुबह 10:30 बजे आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से सफल प्रक्षेपण हुआ। 
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इसके अलावा भारत के पीएसएलवी (ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान) सी-51 के जरिये ब्राजील के अमेजोनिया-1 और 18 अन्य उपग्रहों का रविवार को यहां श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से सफल प्रक्षेपण किया गया। इनमें से पांच उपग्रह छात्र निर्मित हैं।
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इन छोटे उपग्रहों में चेन्नई स्थित स्पेस किड्ज इंडिया द्वारा निर्मित ‘सतीश धवन सैटेलाइट (एसडीसैट) भी शामिल है, जो कि तीन उपग्रहों ‘यूनिटीसैट’ और प्रौद्योगिकी प्रदर्शन उपग्रह ‘सिंधू नेत्र’ का संयोजन है।

तीन उपग्रहों (यूनिटीसैट) को जेप्पियार इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी, श्रीपेरम्बदूर (जेआईटीसैट), जी एच रायसोनी कालेज आफ इंजीनियरिंग, नागपुर (जीएचआरसीईसैट) और श्री शक्ति इंटीट्टयूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, कोयम्बटूर (श्री शक्ति सैट) के बीच संयुक्त विकास के तहत डिजाइन और निर्मित किया गया है।

बेंगलुरु-मुख्यालय में इसरो के एक अधिकारी ने कहा कि ‘यूनिटीसैट का उद्देश्य रेडियो रिले सेवाएं प्रदान करना है।’ एसडीसैट एक नैनो उपग्रह है, जिसका उद्देश्य विकिरण स्तर/अंतरिक्ष मौसम का अध्ययन करना और लंबी दूरी की संचार प्रौद्योगिकियों को प्रदर्शित करना है।

वहीं, सिंधू नेत्र को बेंगलुरु स्थित पीईएस विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा विकसित किया गया है, जिसे रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के हिस्से, रिसर्च सेंटर इमरत द्वारा 2.2 करोड़ रुपये का ठेका दिया गया था। एक अधिकारी ने कहा कि डीआरडीओ द्वारा यह परियोजना उपग्रह इमेजिंग के माध्यम से संदिग्ध जहाजों की पहचान करने में मदद करेगी। 

भारत ने 2021 के अपने पहले मिशन में ब्राजील के अमेजोनिया-1 समेत 19 सैटेलाइट को अंतरिक्ष में भेजने में कामयाबी पाई। इनमें युवा वैज्ञानिकों द्वारा बनाया गया सैटेलाइट ‘सिंधु नेत्र’ भी शामिल है, जो हिंद महासागर से लेकर चीन व पाकिस्तान की सीमा पर निगरानी करने में सक्षम है। इसरो ने आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से रविवार सुबह 10.24 बजे पीएसएलवी-सी51 को सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया।  

सूत्रों ने बताया, ‘सिंधु नेत्र’ हिंद महासागर क्षेत्र में सक्रिय युद्धपोत व व्यावसायिक जहाजों की पहचान करने में सक्षम है। सैटेलाइट ने ग्राउंड सिस्टम के साथ संचार शुरू भी कर दिया है। सिंधु नेत्र अपनी तरह का पहला सैटेलाइट है, जो चीन के साथ लद्दाख और पाकिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में जमीन पर भी देश की निगरानी क्षमता को बढ़ाएगा।

यह भारतीय सीमा के आसपास और चार हजार किलोमीटर लंबी एलएसी पर चीनी सेना की गतिविधियों पर भी नजर रख सकता है। अगर जरूरत पड़ती है तो सैटेलाइट से दक्षिण चीन सागर से लेकर अदन की खाड़ी में समुद्री लुटेरे वाले क्षेत्र व अफ्रीकी तट पर भी निगरानी की जा सकती है।

पहली बार ब्राजील का सैटेलाइट लॉन्च  
17 मिनट बाद ही अमेजोनिया-1 को अंतरिक्ष की प्राथमिक कक्षा में पहुंचा दिया। करीब डेढ़ घंटे बाद चेन्नई के स्पेस किड्ज इंडिया के सतीश धवन सैट समेत अन्य सैटेलाइट को लॉन्च किया गया।

इसरो ने पहली बार ब्राजील के सैटेलाइट को अंतरिक्ष में भेजा है। 637 किलो वजनी यह सैटेलाइट अमेजन क्षेत्र में वनों की कटाई की निगरानी और कृषि विश्लेषण के लिए उपभोक्ताओं को रिमोट सेंसिंग डाटा मुहैया कराएगा।

अंतरिक्ष में भेजे गए 18 अन्य सैटेलाइट में से तीन यूनिटी सैट भारतीय अकादमिक संस्थानों के हैं, जबकि 14 इसरो की वाणिज्यिक इकाई न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (एनएसआईएल) के हैं। लॉन्चिंग के समय ब्राजीली प्रतिनिधिमंडल और इसरो प्रमुख के सिवन भी मौजूद रहे। 

भगवत गीता को भी अंतरिक्ष में भेजा

सतीश धवन सैट के अग्रिम हिस्से पर पीएम मोदी की तस्वीर उकेरी गई है और इससे डिजिटल भगवत गीता को भी अंतरिक्ष में भेजा गया है। स्पेस किड्ज इंडिया ने कहा, सैटेलाइट में सिक्योर्ड डिजिटल कार्ड फॉर्मेट में भगवत गीता को रखा गया है। पीएम मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान और अंतरिक्ष क्षेत्र के निजीकरण के प्रति एकजुटता और सम्मान दर्शाने के लिए इसके ऊपरी हिस्से पर उनकी तस्वीर बनाई गई है।

मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति को दी बधाई
पीएसलएवी-सी51 द्वारा अमेजोनिया-1 सैटेलाइट की सफल लॉन्च पर राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो को बधाई। यह हमारे अंतरिक्ष सहयोग में ऐतिहासिक क्षण है। इसरो और ब्राजील के वैज्ञानिकों को मेरी शुभकामनाएं। 

आज गर्व का दिन: सिवन 
सिवन ने कहा, भारत के लिए आज गर्व का दिन है। पीएसएलवी-सी51 भारत के लिए बेहद खास मिशन है। अमेजोनिया-1 व अन्य 18 सैटेलाइट की सफल लॉन्चिंग के लिए इसरो की टीम को बधाई देता हूं। मैं इस उपलब्धि के लिए ब्राजील की टीम की भी सराहना करता हूं। 

नंबर गेम 
342 विदेशी सैटेलाइट लॉन्च हो चुके हैं अब तक
53वां मिशन था पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल का  
78वां लॉन्च व्हीकल मिशन था सतीश धवन स्पेस सेंटर से 

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