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Tuberculosis: देखभाल में लापरवाही से बच्चियों में टीबी का खतरा ज्यादा, अध्ययन में आया सामने

Sun, 15 Oct 2023 05:26 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जलज मिश्रा Updated Sun, 15 Oct 2023 05:26 AM IST
सार

अध्ययन का उद्देश्य मौखिक स्क्रीनिंग, ट्यूबरकुलिन त्वचा परीक्षण (टीएसटी) और छाती की रेडियोग्राफी से टीबी के लिए बाल चिकित्सा घरेलू संपर्कों की स्क्रीनिंग के असर का मूल्यांकन करना है।

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study reveals Due to negligence in care risk of TB in girls is higher
Tuberclosis

विस्तार

बच्चों में टीबी की बीमारी तेजी से बढ़ रही है। ताजा अध्ययन में 686 बच्चे शामिल किए गए थे, जिनकी आयु 15 वर्ष से कम थी। इनमें से 50 फीसदी बच्चे संक्रमित पाए गए, जबकि तीन फीसदी में संक्रमण बीमारी में तब्दील हो गया था। इनमें से लगभग 80 फीसदी मामले छह से 15 वर्ष आयु वर्ग के थे। वहीं, बच्चियों में बच्चों की तुलना में टीबी होने का खतरा 22 फीसदी अधिक पाया गया। बच्चियों में अधिक खतरे की वजह देखभाल में लापरवाही  को बताया गया है।

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कर्नाटक में किया गया तथा अध्ययन
अध्ययन राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के तहत बच्चों में टीबी संक्रमण को लेकर 2021 से 2022 में  कर्नाटक के दो जिलों में किया गया था। अध्ययन बंगलूरू के कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज, मणिपाल और ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज और पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च, राजाजीनगर तथा उडुपी जिलों में स्टेट ट्यूबरकुलोसिस (टीबी) डिवीजन के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया। अध्ययन का उद्देश्य मौखिक स्क्रीनिंग, ट्यूबरकुलिन त्वचा परीक्षण (टीएसटी) और छाती की रेडियोग्राफी से टीबी के लिए बाल चिकित्सा घरेलू संपर्कों की स्क्रीनिंग के असर का मूल्यांकन करना है। मौजूदा एनटीईपी के दिशानिर्देशों में टीबी उपचार शुरू होने पर छह साल से कम उम्र के संपर्कों के लिए केवल मौखिक जांच की जरूरत पड़ती है। अध्ययन का उद्देश्य इस जानकारी की कमी को पूरा करना और भारत में बाल चिकित्सा घरेलू संपर्कों में टीबी की जांच में सुधार के लिए अहम जनाकरी देना है।

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2021 में 1.06 करोड़ चपेट में आए, 16 लाख की मौत
डब्ल्यूएचओ के अनुसार, साल 2021 में टीबी से 16 लाख लोगों की मौत हुई। दुनियाभर में टीबी मौत का 13वां प्रमुख कारण है और कोविड के बाद दूसरी प्रमुख संक्रामक बीमारी है, जो लोगों की मौत तक के लिए जिम्मेदार है। 2021 में दुनियाभर में लगभग 1.06 करोड़ लोग टीबी की चपेट में आए, जिनमें 12 लाख बच्चे थे। टीबी सभी देशों और आयु समूहों में मौजूद है।

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