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Study: जलवायु परिवर्तन से कीटों के व्यवहार में बदलाव, बढ़ते तापमान के कारण रात में हो रहे ज्यादा सक्रिय

Fri, 03 May 2024 06:31 AM IST
निर्मल कांत अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली।
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 03 May 2024 06:31 AM IST
सार

Study: शोधकर्ताओं का कहना है कि तापमान जैसे पर्यावरणीय कारक इन कीटों को प्रभावित कर रहे हैं। बढ़ते तापमान के चलते कीट दिन की गर्मी से बचने के लिए अपने आश्रय में छुपे रहते हैं। 

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Study: Changes in the behavior of insects due to climate change and rapidly increasing temperatures
जलवायु परिवर्तन (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

दिन की तुलना में रात के समय कीटों की गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। इसके पीछे जलवायु परिवर्तन और बढ़ता तापमान प्रमुख कारण है। पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया विश्वविद्यालय के डॉक्टर मार्क वोंग के नेतृत्व में वैज्ञानकों ने दुनिया भर में कीटों पर किए अध्ययन में इसका खुलासा किया है। इसके नतीजे जर्नल नेचर कम्युनिकेशंस में प्रकाशित हुए हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि कीटों के व्यवहार यह बदलाव पारिस्थितिकी तंत्र के लिए ठीक नहीं है।

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शोधकर्ताओं ने 1959 से 2022 के बीच किए गए 99 ऐसे अध्ययनों का विश्लेषण किया। इनमें उष्णकटिबंधीय, समशीतोष्ण वनों, शुष्क घास के मैदानों और जलीय पारिस्थितिक तंत्रों में कीट गतिविधियों के पैटर्न को रिकॉर्ड किया गया है। शोधकर्ताओं का कहना है कि तापमान जैसे पर्यावरणीय कारक इन कीटों को प्रभावित कर रहे हैं। बढ़ते तापमान के चलते कीट दिन की गर्मी से बचने के लिए अपने आश्रय में छुपे रहते हैं। अध्ययन में ग्लोबल वार्मिंग के खतरों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में बढ़ते तापमान से कीटों को नई चुनौतियों का सामना करना पड़  रहा है।
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रात में 31.4% बढ़ जाती है कीटों की गतिविधियां
शोध के अनुसार बढ़ते तापमान के कारण वैश्विक स्तर पर दिन की तुलना में रात में कीटों की गतिविधियां औसतन 31.4% बढ़ जाती हैं। पतंगे, मेफ्लाइज, कैडिसफ्लाइज और ईयरविग्स जैसे कीटों के समूह रात में ज्यादा सक्रिय रहते हैं। वहीं, ततैया, थ्रिप्स, मधुमक्खियां और चींटियां दिन में ज्यादा सक्रिय रहती हैं। इसी तरह नदियों और झरनों के आसपास रात के समय दिन की तुलना में दोगुने कीट सक्रिय थे। परिवेश के लिहाज से भूमि पर कीटों की गतिविधियां आमतौर पर दिन के दौरान अधिक दर्ज की गईं।
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कृत्रिम प्रकाश भी कीटों को पहुंचा रहा नुकसान
शोध के अनुसार कृत्रिम प्रकाश भी इन कीटों को नुकसान पहुंचा रहा है। इन्हें दिन और रात में फर्क करने में दिक्कत हो रही है। इसकी वजह से पारिस्थितिक तंत्र में इनके प्राकृतिक व्यवहार में धीरे-धीरे गड़बड़ी आ रही है। यह कीट परागण, पोषक तत्व चक्र और कीट नियंत्रण जैसी सेवाएं प्रदान करके कीट पारिस्थितिक तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनमें से कई सेवाएं यह रात में प्रदान करते हैं जब यह अधिक सक्रिय होते हैं। लेकिन इस दौरान होने वाला कृत्रिम प्रकाश इनके लिए परेशानी खड़ी कर रहा है।

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