छात्रा ने लिखी चिट्ठी - गुरुजी मुझे शर्म आती है, मेरे घर भी बनवा दो शौचालय
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उत्तर प्रदेश के चंदौसी के बीएमजी इंटर कालेज की कक्षा-चार की एक छात्रा ने प्रधानाचार्य को पत्र लिखकर कहा है कि गुरु जी मेरे घर पर भी शौचालय बनवा दीजिये, मुझे व मेरे परिवार को बाहर खुले में शौच जाना पड़ता है। मुझे काफी शर्म लगती है।
स्वच्छता अभियान और शौचालय निर्माण की हकीकत कहां तक पहुंची है इसकी बानगी कक्षा चार की छात्रा का एक पत्र दे रहा है। कक्षा चार की छात्रा आरती कश्यप ने अपनी प्रधानाचार्य के नाम एक चिट्ठी लिखी। बालिका ने अखबार में पढ़ा था कि जिलाधिकारी ने सभी के घरों में शौचालय बनवाने के निर्देश दिए हैं।
छात्रा ने बताया कि उसे भी लगा कि तब तो उसके घर में भी शौचालय बन सकता है, उसके परिवार को भी खुले में शौच से मुक्ति मिल सकती है। आरती ने नौ जुलाई को विद्यालय आकर प्रधानाचार्य को पत्र लिखकर दिया, मेरे घर में शौचालय बनवा दीजिये।
कार्यवाहक प्रधानाचार्य रमा रस्तोगी ने भी बालिका के पत्र को गंभीरता से लिया और उसी चिट्ठी पर जिला विद्यालय निरीक्षक को उसके घर में शौचालय बनवाए जाने की लिए संस्तुति करके पत्र को भेज दिया। कार्यवाहक जिला विद्यालय निरीक्षक चंद्रपाल सिंह ने बताया कि बालिका की चिट्ठी को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी व अन्य संबंधित अधिकारियों को भेजा जाएगा।