छात्रों के समूह ने पूछा अब तक क्यों नहीं लगी मिलावट पर नकेल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सरकार के मंत्री का संसद के अंदर सवालों का बौछार झेलना आम बात है। मंत्री सियासी चतुराई दिखाते हुए घिरने वाले सवालों का चक्रव्यूह भी तोड़ते रहे हैं। मगर संसद के बाहर स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ऐसा नहीं कर पाए। दरअसल संसद की कार्यवाही देखने आए छात्रों के एक समूह ने उन पर गुरूवार को सवालों की बौछार कर दी। छात्रों ने मंत्री से जानना चाहा कि खाद्य पदार्थों में मिलावट पर अब तक रोक क्यों नहीं लग पाई।
छात्रों ने इस दौरान सरकारी अस्पतालों की बदतर हालत पर भी मंत्री को घेरा। अंत में संसद की कार्यवाही, सरकार के काम करने के तरीके के बारे में भी जानकारी हासिल की। हालांकि इस दौरान नड्डा ने बेहद धैर्य से छात्रों के सवाल का जवाब दिया। सरकार की ओर से मिलावट पर लगाम लगाने और स्वास्थ्य सेवा में सुधार के प्रयासों की जानकारी दी। राहत की बात यह रही कि छात्रों ने बाद में मंत्री के प्रति आत्मीयता जताते हुए उन्हें धन्यवाद भी दिया।
दरअसल नेताजी सीनियर सेकेंड्री सर्वोदय विद्यालय के छात्रों ने संसद द्वार के पास ही नड्डा से बातचीत करने की इच्छा जाहिर की। नड्डा इसके लिए तैयार तो हो गए, मगर इसके साथ ही उन पर सवालों की बौछार शुरू हो गई। गौरव नाम के छात्र ने पहला सवाल दागा कि कोई भी खाद्य पदार्थ मिलावट से अछूता नहीं है। इस कमी को अब तक दूर क्यों नहीं किया गया है? इस पर नड्डा ने बताया कि इस संबंध में जल्द ही एक कठोर कानून आने वाला है।
छात्रों की अन्य जिज्ञासा को शांत किया
इसके अलावा सरकार मिलावट रोकने की दिशा में कई ठोस कदम उठा रही है। इसके बाद एक छात्रा ने सरकारी अस्पतालों में बदतर स्थिति पर सवाल दागा। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पतालों में डाक्टरों की संख्या और साफ सफाई बढ़ाने के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी दी। नड्डा ने देश में डाक्टरों की कमी की बात स्वीकारी और जल्द ही रिक्तियां खत्म करने का भी आश्वासन दिया।
इसके बाद कुछ छात्रों ने संसद में कानून बनने की प्रक्रिया, संसद की कार्यवाही और सरकार के कामकाज के तरीके की भी जानकारी ली। सवाल-जवाब के बीच जब मंत्री ने समस्याओं से इतर छात्रों की अन्य जिज्ञासा को शांत किया तो छात्रों के समूह ने कुछ नरमी दिखाई। हालांकि इस दौरान नड्डा ने बेहद शांति और धैर्य के साथ छात्रों के सवाल का सामना किया।