वैज्ञानिकों की प्रमोशन फाइल रोकने वाले मंत्रालयों पर सख्ती, अब 72 घंटे में डीओपीटी को भेजेंगे रिपोर्ट
'संशोधित लचीला पूरक योजना' के तहत प्रमोशन के लिए योग्य सभी वैज्ञानिकों की फाइल दस जुलाई तक डीओपीटी के आरआर सेक्शन में जमा करानी होगी...
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'संशोधित लचीला पूरक योजना' के तहत प्रमोशन के लिए योग्य सभी वैज्ञानिकों की फाइल दस जुलाई तक डीओपीटी के आरआर सेक्शन में जमा करानी होगी।
बता दें कि विभिन्न वैज्ञानिक मंत्रालयों एवं विभागों में 'संशोधित लचीला पूरक योजना' के अंतर्गत वैज्ञानिकों को प्रमोशन देने के लिए बायो तकनीकी विभाग के प्रोफेसर के. विजय राघवन की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया था।
इस कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर 'कमेटी ऑफ सेक्रेटरी' (सीओएस) ने गाइडलाइन निर्धारित की थी। सीओएस ने 20 फरवरी 2020 को एक बैठक कर प्रमोशन के मुद्दे पर अपनी सिफारिश दी। इनमें कहा गया था कि संबंधित मंत्रालय और विभाग बहुत ही सामान्य तरीके से परमोशन के मानक तय करें।
ये ध्यान रहे कि जो भी मानक तैयार करें, उनमें उत्कृष्ट वैज्ञानिक का कामकाज शामिल हो। यानी जिन्होंने अत्यंत उत्कृष्ट कार्य किया है, वे प्रमोशन के मामले में पीछे न छूट जाएं। कितने वैज्ञानिकों को प्रमोशन मिलेगा, उनका एचएजी लेवल क्या होगा, इस बाबत सभी मंत्रालय और विभाग अलग-अलग व अपनी जरूरत के हिसाब से रिपोर्ट तैयार करेंगे।
इस मामले में 16 अप्रैल 2020 को एक रिमाइंडर भेजा गया था। इसमें सभी वैज्ञानिक मंत्रालयों और विभागों से कहा गया था कि वे 31 मई तक सीओएस द्वारा तैयार गाइड लाइन के आधार पर अपनी एक्शन टेकन रिपोर्ट 'एटीआर' जमा करा दें।
हैरानी की बात है कि किसी भी मंत्रालय ने एटीआर जमा नहीं कराई। अब डीओपीटी ने दो दिन पहले दोबारा से उन सभी मंत्रालयों और विभागों से कहा है कि वे दस जुलाई तक अपनी एटीआर भेज दें।