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Steel Slag Road Technology: स्टील स्लैग रोड तकनीक बीआरओ के लिए वरदान, नीति आयोग के सदस्य ने की तारीफ

Tue, 28 Mar 2023 01:36 PM IST
हिमांशु मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Tue, 28 Mar 2023 01:36 PM IST
सार

डॉ. सारस्वत ने सोमवार को अरुणाचल प्रदेश के जोराम-कोलोरियांग रोड पर बनी देश की पहली बार्डर इलाके में स्टील स्लैग रोड का निरीक्षण किया।

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Steel slag road technology a boon to BRO: Niti Aayog member
डॉ. सारस्वत ने सोमवार को अरुणाचल प्रदेश के जोराम-कोलोरियांग रोड पर बनी देश की पहली बार्डर इलाके में - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके सारस्वत ने कहा कि सीएसआईआर-सीआरआरआई की स्टील स्लैग रोड टेक्नोलॉजी से बार्डर इलाके में बन रही सड़क वरदान है। उन्होंने कहा कि स्टील स्लैग से बनने वाली रोड लोहालाट होंगी, जो सामान्य सड़कों के मुकाबले लंबे समय तक चलेंगी। ये सड़क सामरिक और रणनीतिक रूप में भी देश के लिए महत्वपूर्ण होंगी। 
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डॉ. सारस्वत ने सोमवार को अरुणाचल प्रदेश के जोराम-कोलोरियांग रोड पर बनी देश की पहली बार्डर इलाके में स्टील स्लैग रोड का निरीक्षण किया। इस दौरान सीएसआईआर- सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट बॉर्डर रोड आर्गनाइजेशन, टाटा स्टील और अरुणाचल प्रदेश राज्य सरकार अधिकारी शामिल रहे। डा. वीके सारस्वत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस सड़क की सराहना कर चुके हैं। 
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उन्होंने आगे कहा कि, 'देश की सुरक्षा भारत सरकार की प्राथमिकता है, इसी को ध्यान में रखते हुए बॉर्डर इलाकों में नई नई तकनीक का इस्तेमाल कर सड़कों का निर्माण किया जा रहा है, जो जल्दी खराब नहीं होंगी। पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश अधिक होने की वजह से तारकोल की सड़कें जल्दी खराब हो जाती हैं। इस वजह से सेना और रसद को बॉर्डर पहुंचाने में परेशानी होती है। बॉर्डर इलाकों की सड़कें सुरक्षा से जुड़ी होती है। इसलिए इनका निर्माण स्वयं बॉर्डर रोड आर्गनाइजेशनज (बीआरओ) करता है। जो टिकाऊं बनें और जल्दी टूटे नहीं। इसलिए बीआरओ ने इन सड़कों को स्टील स्लैग से बनाने का फैसला किया है।' 
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उन्होंने दोहराया कि यह बीआरओ महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल राजीव चौधरी की पर्यावरण अनुकूल नई तकनीकों को पेश करने की पहल थी और सड़क निर्माण के लिए स्टील स्लैग का उपयोग नीति आयोग के तत्वावधान में रक्षा मंत्रालयों के बीच एक अंतर-मंत्रालयी सहयोग कार्य के रूप में किया गया था। सारस्वत ने कहा कि बीआरओ बेहद कठिन परिस्थिति में काम करती है। इसके लिए इन्हें बधाई दी जानी चाहिए। 
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