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Statue of Equality row: रामानुजाचार्य की 216 फीट ऊंची प्रतिमा चीन में बनी, राहुल के इस दावे पर केंद्रीय मंत्री ने सफाई में यह कहा

Thu, 10 Feb 2022 09:41 AM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Thu, 10 Feb 2022 09:41 AM IST
सार

केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि प्रतिमा के निर्माण में सरकार की कोई भूमिका नहीं है। राहुल गांधी का बयान खोखला है। इस प्रतिमा की स्थापना का मूल विचार चिन्ना जियर स्वामी का था। 

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Statue of Equality row: 216 feet high statue of Ramanujacharya made in China, on Rahuls claim, Union Minister said this in clarification
प्रतिमा के लोकार्पण समारोह में पीएम मोदी हुए थे शरीक - फोटो : ANI

विस्तार

अब हैदराबाद के समता केंद्र में स्थापित संत रामानुजाचार्य की 216 फीट ऊंची प्रतिमा को लेकर विवाद पैदा हो गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दावा किया है कि यह प्रतिमा चीन में बनी है। इसके बाद केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि मूर्ति की स्थापना निजी पहल है। राहुल गांधी का बयान खोखला है। 

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प्रतिमा चीन में बनी होने को लेकर केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने स्पष्ट किया कि इसके निर्माण में सरकार की कोई भूमिका नहीं है। इस प्रतिमा की स्थापना का विचार वर्षों पूर्व किया गया था।  हैदराबाद के एक मंदिर में 11 वीं सदी के संत रामानुजाचार्य की इस प्रतिमा का अनावरण पीएम नरेंद्र मोदी ने बीते दिनों किया था। 
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राहुल का दावा- प्रतिमा चीन में बनी, आत्म निर्भर भारत पर सवाल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को दावा किया कि यह प्रतिमा चीन में बनी है। इसके साथ ही उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' के वादे पर सवाल खड़े किए थे। इसे लेकर केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने राहुल के बयान की निंदा की है। 
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प्रतिमा को लेकर कुछ अहम बातें

  • स्टैच्यू ऑफ इक्वैलिटी या 'समता की प्रतिमा' चीन के एरोसम कार्पोरेशन ने की है। खबरों में कहा गया है कि इसे ढाला चीन में गया है जबकि असेंबल भारत में किया गया है।
  • प्रतिमा के निर्माण के लिए चंदा व दान लिया गया था। 135 करोड़ रुपये प्रतिमा निर्माण पर खर्च किए गए। समूची परियोजना 1000 करोड़ रुपये की है।
  • केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने स्पष्ट किया कि सरकार इस प्रतिमा के निर्माण में शामिल नहीं है। यह पूरी तरह एक निजी पहल है। इस प्रतिमा का विचार आठ साल पहले सामने आया था। 
  • रेड्डी ने यह भी कहा कि यह परियोजना पीएम नरेंद्र मोदी के 'आत्म निर्भर भारत' के आह्वान से पहले की है।  एरोसम कार्पोरेशन को ठेका 2015 में दिया गया था। इससे एक साल पहले केंद्र में मोदी सरकार बनी थी।
  • टेंडर की दौड़ में एक भारतीय कंपनी भी थी, लेकिन चीनी कंपनी टेंडर हासिल करने में सफल रही।
  • इस प्रतिमा को असेंबल करने का काम भारत में हुआ और यह 15 माह चला। 
  • यह प्रतिमा हैदराबाद एयरपोर्ट के समीप शमशाबाद के एक मंदिर में बने समता केंद्र में यह प्रतिमा स्थापित की गई है। 
  • इस केंद्र के निर्माण के लिए उद्योगपति जुपल्ली रामेश्वर राव ने 45 एकड़ जमीन दान की है।
  • इस प्रतिमा का विचार चिन्ना जियर स्वामी का था। 
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