फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Stalin DMK allies to boycott governor Independence Day reception Over Anti-Tamil Nadu Acts

Politics: तमिलनाडु के सीएम स्टालिन ने राज्यपाल के समारोह का किया बहिष्कार, ‘राज्य विरोधी’ रवैये का लगाया आरोप

Fri, 15 Aug 2025 11:39 AM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई Published by: हिमांशु चंदेल Updated Fri, 15 Aug 2025 11:39 AM IST
सार

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने राज्यपाल आरएन रवि के स्वतंत्रता दिवस स्वागत समारोह का बहिष्कार किया है। राज्य सरकार ने इसे ‘तमिलनाडु विरोधी’ कृत्यों का नतीजा बताया। कलाईंगर यूनिवर्सिटी विधेयक को राष्ट्रपति के पास भेजने, राज्य सरकार के कामों को भाषण में न मानने और गंभीर आरोप लगाने से विवाद बढ़ा। डीएमके ने इसे संवैधानिक पद का राजनीतिक दुरुपयोग बताया।

विज्ञापन
Stalin DMK allies to boycott governor Independence Day reception Over  Anti-Tamil Nadu Acts
एमके स्टालिन - फोटो : PTI

विस्तार

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने राज्यपाल आरएन रवि के स्वतंत्रता दिवस के पारंपरिक "एट होम" स्वागत समारोह का बहिष्कार करने का फैसला लिया है। यह राज्य सरकार और राजभवन के बीच टकराव का नया और बड़ा चरण माना जा रहा है। राज्य सरकार ने इस बहिष्कार की वजह राज्यपाल के ‘तमिलनाडु विरोधी कृत्यों’ को बताया है। इसके साथ ही उच्च शिक्षा मंत्री के. पोनमुदी भी दो विश्वविद्यालयों के आगामी दीक्षांत समारोह में शामिल नहीं होंगे। डीएमके इसे राज्य सरकार के अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश के खिलाफ एक मजबूत संदेश के रूप में पेश कर रही है।
विज्ञापन


इस विवाद का मुख्य कारण राज्यपाल का वह फैसला है, जिसमें उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री एम. करुणानिधि के सम्मान में ‘कलाईंगर यूनिवर्सिटी’ स्थापित करने वाले विधानसभा से पारित विधेयक को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पास भेज दिया। डीएमके का आरोप है कि यह कदम जानबूझकर मंजूरी में देरी करने और राज्य की विधायी शक्तियों को कमजोर करने की कोशिश है। यह मुद्दा ऐसे समय पर उठा है, जब पहले भी कई विधेयकों को राज्यपाल ने लंबित रखा था, जिसे लेकर सुप्रीम कोर्ट को हस्तक्षेप करना पड़ा था। अदालत ने इन विधेयकों को ‘मंजूर’ मानते हुए साफ कहा था कि राज्यपाल और राष्ट्रपति के पास ऐसे मामलों में कोई विवेकाधिकार नहीं है, और अधिकतम तीन महीने में फैसला करना होगा।
विज्ञापन


राज्यपाल के भाषण से बढ़ा विवाद
ताजा विवाद राज्यपाल रवि के स्वतंत्रता दिवस भाषण से भड़का। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार की उपलब्धियों की जमकर तारीफ की, लेकिन राज्य सरकार या मुख्यमंत्री स्टालिन के कार्यों का कोई सकारात्मक जिक्र नहीं किया। अपने संबोधन में उन्होंने तमिलनाडु में ‘गंभीर चुनौतियों’ का जिक्र करते हुए गरीबों के खिलाफ शैक्षणिक और सामाजिक भेदभाव, राष्ट्रीय औसत से दोगुनी आत्महत्या दर, युवाओं में नशीले पदार्थों की बढ़ती लत और महिलाओं व बच्चों के खिलाफ अपराधों में वृद्धि जैसे मुद्दे उठाए। उन्होंने इन मामलों में सत्ता से जुड़े लोगों के संरक्षण का भी आरोप लगाया।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें- विपक्ष ने दी जश्न-ए-आजादी की बधाई, जानें प्रियंका-राहुल से स्टालिन-विजयन तक किसने क्या कहा


डीएमके का पलटवार
राज्य के स्थानीय प्रशासन मंत्री केएन नेहरू ने राज्यपाल पर नागपुर के ‘एजेंट’ के रूप में काम करने का आरोप लगाया और कहा कि वे बिना सबूत के राज्य की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने तंज कसा कि राज्यपाल का बयान पढ़कर तो केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी हंस पड़ेंगे। नेहरू ने दावा किया कि तमिलनाडु की अर्थव्यवस्था 11.19% की दर से बढ़ रही है और शिक्षा, लैंगिक समानता और उद्यमिता में राज्य अग्रणी है। उन्होंने केंद्र सरकार पर भी आरोप लगाया कि वह आपदा राहत और शिक्षा फंडिंग की वैध मांगों को नजरअंदाज कर रही है, जबकि ‘आर्यन थोपने’ जैसी नीतियां लागू कर रही है।

ये भी पढ़ें- 'देश के 300 से ज्यादा स्टार्टअप सिर्फ अंतरिक्ष क्षेत्र में काम कर रहे' लालकिले से बोले पीएम मोदी

राजनीतिक टकराव का नया मोर्चा
यह विवाद ऐसे समय आया है जब हाल ही में एक पीएचडी स्कॉलर ने राज्यपाल से अपना डिग्री प्रमाणपत्र लेने से इनकार कर दिया था। डीएमके का मानना है कि राज्यपाल एक संवैधानिक प्रमुख के बजाय राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी की तरह व्यवहार कर रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस समारोह में डीएमके और उसके सहयोगी दलों के बहिष्कार ने इस टकराव को और खुला बना दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला अब राज्य बनाम राजभवन की बड़ी लड़ाई का रूप ले चुका है, जिसका असर आने वाले समय में और बढ़ सकता है।



 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed