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Independence Day: विपक्ष ने दी जश्न-ए-आजादी की बधाई, जानें प्रियंका-राहुल से स्टालिन-विजयन तक किसने क्या कहा
Fri, 15 Aug 2025 11:24 AM IST
बशु जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: बशु जैन
Updated Fri, 15 Aug 2025 11:24 AM IST
सार
कांग्रेस कार्यालय पर ध्वजारोहण के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने देशवासियों को जश्न ए आजादी की शुभकामनाएं और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी। आइए जानें किसने क्या कहा...?
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी।
- फोटो : ANI/वीडियो ग्रैब
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विस्तार
स्वतंत्रता दिवस पर विपक्ष के नेताओं ने भी देशवासियों को बधाई दी। कांग्रेस कार्यालय पर ध्वजारोहण के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने देशवासियों को जश्न ए आजादी की शुभकामनाएं और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लोगों से सांविधानिक अधिकारों, सामाजिक न्याय, आर्थिक सशक्तीकरण और राष्ट्रीय एकता के लिए संघर्ष जारी रखते हुए राष्ट्रीय आंदोलन की विरासत का सम्मान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। हम अनगिनत महान स्वतंत्रता सेनानियों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उनके बलिदान और राष्ट्रीय आंदोलन में उनके अमूल्य योगदान को याद करते हैं। यह दिन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हम भारत के लोग आज अपने अधिकारों, सांविधानिक संस्थाओं की सुरक्षा, सामाजिक न्याय, आर्थिक सशक्तीकरण और भाईचारे के लिए संघर्ष कर रहे हैं। आइए, हम सब मिलकर इस संघर्ष को आगे बढ़ाएं और प्रत्येक भारतीय के हितों की रक्षा का संकल्प लें। जय हिंद।
भारत के सम्मान की रक्षा करना हमारा कर्तव्य: राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि स्वतंत्रता सत्य, समानता और भाईचारे पर आधारित राष्ट्र के निर्माण का संकल्प है। उन्होंने कहा कि सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। महान स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से प्राप्त यह स्वतंत्रता, एक ऐसे भारत के निर्माण का संकल्प है जहां न्याय, सत्य और समानता की नींव पर टिका हो और हर हृदय सम्मान और भाईचारे से भरा हो। इस अनमोल धरोहर के गौरव और सम्मान की रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है। जय हिंद, जय भारत!
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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लोगों से सांविधानिक अधिकारों, सामाजिक न्याय, आर्थिक सशक्तीकरण और राष्ट्रीय एकता के लिए संघर्ष जारी रखते हुए राष्ट्रीय आंदोलन की विरासत का सम्मान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। हम अनगिनत महान स्वतंत्रता सेनानियों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। उनके बलिदान और राष्ट्रीय आंदोलन में उनके अमूल्य योगदान को याद करते हैं। यह दिन इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हम भारत के लोग आज अपने अधिकारों, सांविधानिक संस्थाओं की सुरक्षा, सामाजिक न्याय, आर्थिक सशक्तीकरण और भाईचारे के लिए संघर्ष कर रहे हैं। आइए, हम सब मिलकर इस संघर्ष को आगे बढ़ाएं और प्रत्येक भारतीय के हितों की रक्षा का संकल्प लें। जय हिंद।
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भारत के सम्मान की रक्षा करना हमारा कर्तव्य: राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि स्वतंत्रता सत्य, समानता और भाईचारे पर आधारित राष्ट्र के निर्माण का संकल्प है। उन्होंने कहा कि सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। महान स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से प्राप्त यह स्वतंत्रता, एक ऐसे भारत के निर्माण का संकल्प है जहां न्याय, सत्य और समानता की नींव पर टिका हो और हर हृदय सम्मान और भाईचारे से भरा हो। इस अनमोल धरोहर के गौरव और सम्मान की रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है। जय हिंद, जय भारत!
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कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जय हिंद, जय भारत: प्रियंका गांधी वाड्रा
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। हमारे लाखों वीरों ने हमें आज़ादी दिलाने के लिए अनगिनत बलिदान दिए। उन्होंने हमें लोकतंत्र, न्याय, समानता और आपसी एकता का राष्ट्रीय संकल्प सौंपा। एक व्यक्ति-एक वोट के सिद्धांत के माध्यम से उन्होंने हमें एक समृद्ध लोकतंत्र दिया। अपनी स्वतंत्रता, संविधान और उसके सिद्धांतों की रक्षा के लिए हमारा संकल्प अटूट है। जय हिंद, जय भारत!
कांग्रेस ने स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि
कांग्रेस पार्टी ने स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके समर्पण, बलिदान और शहादत को स्वीकार किया जिसने भारत की स्वतंत्रता का मार्ग प्रशस्त किया। कांग्रेस ने पोस्ट में लिखा कि आज हम उन स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया। उनके त्याग, समर्पण और शहादत से ही देश को आजादी मिली। सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। हमारे लाखों वीरों ने हमें आज़ादी दिलाने के लिए अनगिनत बलिदान दिए। उन्होंने हमें लोकतंत्र, न्याय, समानता और आपसी एकता का राष्ट्रीय संकल्प सौंपा। एक व्यक्ति-एक वोट के सिद्धांत के माध्यम से उन्होंने हमें एक समृद्ध लोकतंत्र दिया। अपनी स्वतंत्रता, संविधान और उसके सिद्धांतों की रक्षा के लिए हमारा संकल्प अटूट है। जय हिंद, जय भारत!
कांग्रेस ने स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि
कांग्रेस पार्टी ने स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उनके समर्पण, बलिदान और शहादत को स्वीकार किया जिसने भारत की स्वतंत्रता का मार्ग प्रशस्त किया। कांग्रेस ने पोस्ट में लिखा कि आज हम उन स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपना सब कुछ कुर्बान कर दिया। उनके त्याग, समर्पण और शहादत से ही देश को आजादी मिली। सभी देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
जयराम रमेश और पवन खेड़ा
- फोटो : एएनआई
आजादी पूर्वजों के सामूहिक प्रयास का परिणाम: पवन खेड़ा
वरिष्ठ कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि आजादी पूर्वजों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है और इस बात पर जोर दिया कि आजादी के मूल्यों, सपनों और उद्देश्यों की रक्षा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हमारी आजादी हमारे पूर्वजों के सामूहिक संघर्ष की साझी जीत है। अगर हमारी अज्ञानता या लापरवाही के कारण इसे कोई नुकसान पहुंचता है तो हम अपने पूर्वजों के सामने दोषी होंगे। आजादी को मज़बूत और टिकाऊ बनाने का मतलब है यह सुनिश्चित करना कि इसके उद्देश्य, सपने और मूल्य न तो खंडित हों और न ही लूटे जाएं। भारत की जय हो।
15 अगस्त 1947 को नेहरू ने खुद को जनता का प्रधान सेवक बताया था: रमेश
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने याद दिलाया कि कैसे भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने ऑल इंडिया रेडियो पर एक प्रसारण किया था, जिसकी शुरुआत उन्होंने खुद को भारतीय लोगों का प्रधान सेवक बताते हुए की थी। उन्होंने एक्स पर लिखा कि14 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि को संविधान सभा की बैठक हुई और इसके तुरंत बाद जवाहरलाल नेहरू ने अपना ऐतिहासिक और अमर 'ट्रिस्ट विद डेस्टिनी' भाषण दिया। 15 अगस्त 1947 की सुबह सभी समाचार पत्रों में भारत के लोगों के साथ-साथ प्रवासी भारतीयों के लिए भी एक संदेश छपा था। उसी दिन नेहरू ने ऑल इंडिया रेडियो पर एक प्रसारण किया, जिसमें उन्होंने स्वयं को भारतीय जनता का प्रधान सेवक बताते हुए शुरुआत की। 15 अगस्त, 1947 का कार्यक्रम काफी व्यस्त था। इसलिए 16 अगस्त, 1947 को नेहरू ने पहली बार लाल किले से भाषण दिया, जहां उन्होंने न केवल महात्मा गांधी, बल्कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का भी उल्लेख किया।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि आजादी पूर्वजों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम है और इस बात पर जोर दिया कि आजादी के मूल्यों, सपनों और उद्देश्यों की रक्षा करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि हमारी आजादी हमारे पूर्वजों के सामूहिक संघर्ष की साझी जीत है। अगर हमारी अज्ञानता या लापरवाही के कारण इसे कोई नुकसान पहुंचता है तो हम अपने पूर्वजों के सामने दोषी होंगे। आजादी को मज़बूत और टिकाऊ बनाने का मतलब है यह सुनिश्चित करना कि इसके उद्देश्य, सपने और मूल्य न तो खंडित हों और न ही लूटे जाएं। भारत की जय हो।
15 अगस्त 1947 को नेहरू ने खुद को जनता का प्रधान सेवक बताया था: रमेश
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने याद दिलाया कि कैसे भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने ऑल इंडिया रेडियो पर एक प्रसारण किया था, जिसकी शुरुआत उन्होंने खुद को भारतीय लोगों का प्रधान सेवक बताते हुए की थी। उन्होंने एक्स पर लिखा कि14 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि को संविधान सभा की बैठक हुई और इसके तुरंत बाद जवाहरलाल नेहरू ने अपना ऐतिहासिक और अमर 'ट्रिस्ट विद डेस्टिनी' भाषण दिया। 15 अगस्त 1947 की सुबह सभी समाचार पत्रों में भारत के लोगों के साथ-साथ प्रवासी भारतीयों के लिए भी एक संदेश छपा था। उसी दिन नेहरू ने ऑल इंडिया रेडियो पर एक प्रसारण किया, जिसमें उन्होंने स्वयं को भारतीय जनता का प्रधान सेवक बताते हुए शुरुआत की। 15 अगस्त, 1947 का कार्यक्रम काफी व्यस्त था। इसलिए 16 अगस्त, 1947 को नेहरू ने पहली बार लाल किले से भाषण दिया, जहां उन्होंने न केवल महात्मा गांधी, बल्कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस का भी उल्लेख किया।
पिनाराई विजयन
- फोटो : ANI
सांप्रदायिक ताकतों के खिलाफ एकजुट हों: विजयन
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने स्वतंत्रता दिवस पर सेंट्रल स्टेडियम में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक ताकतें भारत के विचार को नष्ट करने के अपने प्रयासों को मजबूत कर रही हैं और उन्होंने ऐसे प्रयासों से बचाव के लिए सभी को एकजुट होने का आह्वान किया। देश स्वतंत्रता सेनानियों, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी थी, के सामाजिक असमानता रहित भारत के सपने को साकार नहीं कर पाया है। यद्यपि देश ने विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति की है और इसके लिए सराहना भी प्राप्त की है, फिर भी गरीबी, भुखमरी, बाल श्रम, सांप्रदायिक विभाजन, रोजगार की कमी जैसे सामाजिक मुद्दे अभी भी बने हुए हैं। हमें यह सब बदलने के लिए खुद को पुनः समर्पित करने की जरूरत है तथा स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों का भारत बनाने की जरूरत है।
केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने स्वतंत्रता दिवस पर सेंट्रल स्टेडियम में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक ताकतें भारत के विचार को नष्ट करने के अपने प्रयासों को मजबूत कर रही हैं और उन्होंने ऐसे प्रयासों से बचाव के लिए सभी को एकजुट होने का आह्वान किया। देश स्वतंत्रता सेनानियों, जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति दी थी, के सामाजिक असमानता रहित भारत के सपने को साकार नहीं कर पाया है। यद्यपि देश ने विभिन्न क्षेत्रों में प्रगति की है और इसके लिए सराहना भी प्राप्त की है, फिर भी गरीबी, भुखमरी, बाल श्रम, सांप्रदायिक विभाजन, रोजगार की कमी जैसे सामाजिक मुद्दे अभी भी बने हुए हैं। हमें यह सब बदलने के लिए खुद को पुनः समर्पित करने की जरूरत है तथा स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों का भारत बनाने की जरूरत है।
एमके स्टालिन
- फोटो : PTI
कानूनी कार्रवाई से ही मिलेगी राज्यों को शक्ति वापस: स्टालिन
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने स्वतंत्रता दिवस पर आरोप लगाया कि राज्यों को अतिरिक्त शक्तियों की आवश्यकता है, लेकिन शिक्षा जैसे मामलों में उनकी शक्तियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। एक राज्य सरकार को केंद्र से अपना उचित धन पाने के लिए हमेशा संघर्ष करना पड़ता है, जो संघवाद के लिए अच्छा संकेत नहीं है। राज्यों की भूमिका और शक्तियों को पुनः प्राप्त करने के लिए कानूनी कार्रवाई ही एकमात्र समाधान है। उन्होंने कहा कि राज्यों की शक्तियों को पुनः प्राप्त करने के लिए कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए प्रारंभिक कदम उठाने का समय आ गया है।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने स्वतंत्रता दिवस पर आरोप लगाया कि राज्यों को अतिरिक्त शक्तियों की आवश्यकता है, लेकिन शिक्षा जैसे मामलों में उनकी शक्तियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। एक राज्य सरकार को केंद्र से अपना उचित धन पाने के लिए हमेशा संघर्ष करना पड़ता है, जो संघवाद के लिए अच्छा संकेत नहीं है। राज्यों की भूमिका और शक्तियों को पुनः प्राप्त करने के लिए कानूनी कार्रवाई ही एकमात्र समाधान है। उन्होंने कहा कि राज्यों की शक्तियों को पुनः प्राप्त करने के लिए कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए प्रारंभिक कदम उठाने का समय आ गया है।