सीएपीएफ में सिपाही बनने की राह देख रहे 30 हजार से अधिक उम्मीदवारों को लगा झटका, देंगे अनिश्चिकालीन धरना
कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने इस बाबत 14 फरवरी से अनिश्चिकालीन धरना देने की बात कही है। यह धरना दिल्ली के जंतर-मंतर पर होगा...
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एसएससी जीडी के माध्यम से केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में तीन साल से सिपाही बनने की राह देख रहे 30 हजार से अधिक उम्मीदवारों को झटका लगा है। इन उम्मीदवारों को यह आस थी कि भर्ती की फाइनल मेरिट सूची में इनका नाम शामिल होगा। वजह, भर्ती का रिजल्ट तीन साल बाद आया है और बहुत से उम्मीदवारों के पास अब दूसरा चांस भी नहीं बचा है। ये उम्मीदवार अब उम्रसीमा पार कर चुके हैं। इनकी मांग है कि जो उम्मीदवार भर्ती के सभी मापदंड पूरे करते हैं यानी वे लिखित, शारीरिक और मेडिकल जांच में पास हुए हैं, उन्हें नियुक्ति पत्र दिया जाए।
कॉन्फेडरेशन ऑफ एक्स पैरामिलिट्री फोर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने इस बाबत 14 फरवरी से अनिश्चिकालीन धरना देने की बात कही है। यह धरना दिल्ली के जंतर-मंतर पर होगा। इसके लिए एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस को नोटिस दिया है। इस धरने में देश के विभिन्न हिस्सों से एसएससी आवेदक भाग लेंगे।
बता दें कि गत सप्ताह ही एसएससी जीडी 2018 भर्ती परीक्षा का परिणाम आया है। इसके जरिए विभिन्न केंद्रीय अर्धसैनिक बलों में करीब साठ हजार पदों को भरा जाना था। जब भर्ती की फाइनल मेरिट सूची जारी हुई तो उसमें 54 हजार उम्मीदवारों का नाम शामिल किया गया। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने संसद में एक सवाल के जवाब में कहा था कि सिपाहियों के 60210 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही है।
इसके साथ ही एसआई के 2534 और सहायक कमांडेंट के 330 पदों पर भी नियुक्तियां होनी हैं। इनकी प्रक्रिया भी जारी है। राज्य मंत्री ने यह जानकारी भी दी थी कि सीआरपीएफ में 26506, बीएसएफ में 28926, सीआईएसएफ 23906, एसएसबी 18643, आईटीबीपी 5784 और असम राइफल में 7328 पद खाली पड़े हैं।
एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह का कहना है कि तीन साल से चली आ रही भर्ती प्रक्रिया अब पूरी हुई है। करीब 85 हजार उम्मीदवारों का मेडिकल हुआ था। इन उम्मीदवारों को आस थी कि इनका चयन हो जाएगा। इसके पीछे आवेदकों का तर्क था कि उनमें से दो तिहाई आवेदक अब उम्रसीमा को पार कर चुके हैं। उन्होंने बहुत मेहनत के साथ यह परीक्षा दी थी। उनके पास अब दूसरा चांस नहीं बचा है। ऐसे में सरकार को 25 हजार पद बढ़ाकर सभी मेडिकल पास उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र देने चाहिए।
एसएससी के इन उम्मीदवारों ने ज्ञापन के जरिए और सोशल मीडिया पर अभियान चलाकर अपनी बात सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया था। आवेदकों ने एसोसिएशन के साथ मिलकर दिल्ली में राजघाट से लेकर विजय चौक तक एक शांतिपूर्वक मार्च भी निकाला था। उम्मीदवारों का कहना था कि केंद्र सरकार के पास विभिन्न अर्धसैनिक बलों में एक लाख से अधिक पद खाली हैं। ऐसे में केंद्र सरकार, अर्धसैनिक बलों में मौजूदा रिक्तियों की संख्या बढ़ाकर सभी मेडिकल पास आवेदकों को नियुक्ति पत्र दे सकती है।
महासचिव रणबीर सिंह ने कहा, तीन साल से चली आ रही भर्ती प्रक्रिया में एक लाख नौ हजार युवा मेडिकल परीक्षण में पास हुए हैं। नियुक्ति पत्र मात्र 54 हजार युवाओं को दिया गया है। आवेदकों की मांग है कि सरकार सभी मेडिकल फिट युवाओं को नियुक्ति पत्र जारी करे। साथ ही वेटिंग लिस्ट भी जारी की जाए। लंबी भर्ती प्रक्रिया के कारण अनेक उम्मीदवार ओवरएज हो गए हैं। इन्हें नई भर्ती 2021 में आवेदन करने के लिए एक साल की उम्र सीमा में छूट दी जाए।
कोषाध्यक्ष वीएस कदम के अनुसार, अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन के लिए 24 दिसंबर 2020 को प्रधानमंत्री कार्यालय को नोटिस दिया गया था। इसमें कहा गया था कि सभी मेडिकल फिट युवाओं को नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए गए तो 14 फरवरी को जंतर-मंतर पर पुलवामा शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित कर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। अगर सरकार सभी मेडिकल फिट युवाओं को नियुक्ति पत्र जारी कर देती तो इससे बजट में कोई बड़ा घाटा नहीं होगा।