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श्रीलंका आर्थिक संकट: महंगाई और पेट्रोल-डीजल के आसमान छूते दामों से चौपट हुआ पर्यटन, डेस्टिनेशन वेडिंग भी कैंसिल करा रहे लोग

Thu, 07 Apr 2022 04:01 PM IST
Rahul Sampal राहुल संपाल
Updated Thu, 07 Apr 2022 04:01 PM IST
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सार
पर्यटन के क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि आर्थिक संकट के बावजूद श्रीलंका में सैलानियों की आवाजाही जारी थी। लेकिन शनिवार से 36 घंटे के रात्रि कर्फ्यू और आपातकाल की घोषणा की वजह से भारतीय सैलानी अपनी योजनाओं पर पुनर्विचार करने में लग गए हैं। श्रीलंका में 'डेस्टिनेशन वेडिंग' लोकप्रिय है। लेकिन बढ़ते संकट के कारण राजधानी कोलंबों में कई भारतीयों ने पांच सितारा होटलों की बुकिंग कैंसिल कर दी गई है...
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Sri Lanka crisis: inflation and costly petrol and diesel prices ruined tourism, couples cancelling destination weddings
श्रीलंका टूरिज्म - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

श्रीलंका में आए आर्थिक संकट की वजह से पूरे देश में क्रोध और असंतोष फैल गया है। महंगाई की वजह से खाने-पीने का संकट है और पेट्रोल-डीजल की कमी वजह से उद्योग-धंधे बंद हो गए हैं। अपने खूबसूरत बीच की वजह से जिस श्रीलंका में कभी पर्यटकों की भीड़ हुआ करती थी वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। थोड़े बहुत जो पर्यटक बचे हैं वे भी महंगाई के चलते वापस जाने की तैयारी कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के विरोध प्रदर्शन की वजह से होटलों में बुकिंग कैंसिल हो रही हैं। पेट्रोल-डीजल की कमी से टैक्सी और ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम ठप हो गया है। खाने-पीने की चीजों की भारी कमी औऱ महंगे दामों की वजह से पर्यटक श्रीलंका नहीं आना चाहते हैं। इस बीच भारत से श्रीलंका जाने वाले पर्यटकों और ट्रैवल एजेंसियों ने भी लंका की यात्रा को फिलहाल ठंडे बस्ते में डाल दिया है।



आर्थिक संकट के बावजूद श्रीलंका में सैलानियों की आवाजाही जारी थी। लेकिन शनिवार से 36 घंटे के रात्रि कर्फ्यू और आपातकाल की घोषणा की वजह से भारतीय सैलानी अपनी योजनाओं पर पुनर्विचार करने में लग गए हैं। पर्यटन के क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि, श्रीलंका में 'डेस्टिनेशन वेडिंग' लोकप्रिय है। कई भारतीय परिवार यहां शादियों के बड़े आयोजन करते है। लेकिन बढ़ते संकट के कारण राजधानी कोलंबों में कई भारतीयों ने पांच सितारा होटलों की बुकिंग कैंसिल कर दी गई है। लगातार भारतीय यात्रियों की संख्या में कमी देखी जा रही है। जबकि यात्रा कंपनियों को भी श्रीलंका जाने की मांग में नरमी नजर आ रही है, क्योंकि ग्राहक समीक्षा और प्रतीक्षा को तरजीह दे रहे हैं।

लगातार पर्यटकों को अपडेट कर रही कंपनियां

हाल ही इंडिगो एयरलाइंस ने एक बयान में कहा है, 'मौजूदा संकट की कारण हमें कोलंबो के लिए बुकिंग कम नजर आ रही है। हम भी इसकी लगातार निगरानी कर रहे हैं। श्रीलंका में मांग और स्थिति के आधार पर क्षमता को व्यवस्थित करने के लिए उचित कार्रवाई कर सकते हैं। जबकि इधर एयर इंडिया ने कोलंबो के लिए अपनी साप्ताहिक उड़ानों को मौजूदा 16 से कम करके 13 कर दिया है। यह संशोधित समय-सारणी 8 अप्रैल से प्रभावी होगी।

पर्यटन क्षेत्रों से जुड़े लोगों का कहना है कि श्रीलंका संकट से जल्द खड़े होने वाले देशों में से एक है। यह देश आतंकवाद और वैश्विक महामारी कोविड-19 के खिलाफ लड़ा है। हमें उम्मीद है कि यह मौजूदा संकट जल्दी ही बीत जाएगा। फिलहाल हम श्रीलंका के अपने स्थानीय साझेदारों के साथ मौजूदा स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं। लगातार अपने ग्राहकों को अपडेट कर रहे हैं। निकट भविष्य में श्रीलंका जाने वाले यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हमारी टीम यात्रियों को यात्रा के दिशानिर्देशों और मानक यात्रा के नियमों सहित नवीनतम घटनाक्रम के प्रति सचेत रखने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रही है। हमने यात्रियों की सुविधा के आधार पर बिना लागत वाले गंतव्य परिवर्तन का विकल्प भी दिया है।

फरवरी से बढ़ने लगी थी मांग

अपने सामर्थ्य और पहुंच की वजह से श्रीलंका भारतीय पर्यटकों का पसंदीदा स्थान रहा है। वर्ष 2021 में 56,000 से अधिक आगंतुकों के साथ भारतीय पर्यटकों के आगमन के मामले में सबसे ऊपर हैं। श्रीलंका भारत सहित विदेशी सैलानियों के लिए आगमन पर वीजा की सुविधा फरवरी फिर से शुरू कर दी थी। इसके बाद से ही पर्यटकों की डिमांड बढ़ने लगी थी। मार्च अप्रैल में होने वाले शादी विवाह समेत अन्य कार्यक्रमों के लिए होटल बुकिंग बड़े पैमाने पर देखी गई। लेकिन सरकार के आपातकालीन उपायों ने विदेशी सैलानियों की यात्रा की योजनाओं पर पानी फेर दिया है।


शनिवार को भारत से 40,000 टन अतिरिक्त डीजल भेजा गया था। भारत पहले ही इस देश को एक अरब डॉलर का ऋण दे चुका है। श्रीलंका में कुछ लोगों का मानना है कि छिटपुट घटनाओं पर मीडिया का अनावश्यक ध्यान गया है और इससे पर्यटन प्रभावित हो रहा है। श्रीलंका इंडिया सोसाइटी का कहना है कि ऐसा नहीं है कि पूरा देश बंद हो गया है और खाने के लिए भोजन तक नहीं है। लेकिन आपातकाल की इस घोषणा ने ट्रैवल एजेंटों को चिंता में डाल दिया है।

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