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NSGB2024: खेल मंत्री ने हितधारकों के साथ खेल विधेयक के मसौदे पर की चर्चा; प्रशासनिक सुधारों पर जोर
Thu, 17 Oct 2024 06:56 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 17 Oct 2024 06:56 PM IST
सार
इस परामर्श बैठक में कई एनएसएफ, एनएसपीओ और आईओए के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की, जिन्होंने प्रशासकों के लिए आयु और कार्यकाल सीमा में छूट, एथलीट कल्याण उपायों और प्रशासन में पारदर्शिता जैसे प्रस्तावित सुधारों पर अपने दृष्टिकोण साझा किए।
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राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक 2024 के मसौदे पर मंथन
- फोटो : pib.gov.in
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विस्तार
खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने गुरुवार को दिल्ली में राष्ट्रीय खेल प्रशासन विधेयक 2024 के मसौदे पर हितधारकों के साथ परामर्श बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें शासन सुधार, एथलीट कल्याण उपाय और प्रशासन में पारदर्शिता को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। इस बैठक में केंद्रीय युवा मामले एवं खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा खडसे, भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी उषा, राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) और राष्ट्रीय खेल संवर्धन संगठनों (एनएसपीओ) के प्रतिनिधि मौजूद थे।
इस मौके पर खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि, राष्ट्रीय खेल शासन विधेयक 2024 का मसौदा भारत में एक मजबूत और पारदर्शी खेल शासन संरचना बनाने के हमारे मिशन में एक मील का पत्थर है जो ओलंपिक और पैरालिंपिक चार्टर समेत अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है। हमारे खेल समुदाय की आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करने वाली नीतियों को आकार देने के लिए विभिन्न हितधारकों और जनता की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने आगे कहा कि, एथलीट-केंद्रित महासंघों को सशक्त बनाकर, सुरक्षित खेल नीति की शुरुआत करके और अपीलीय खेल न्यायाधिकरण की स्थापना करके, हम एक मजबूत ढांचा तैयार कर रहे हैं जो न केवल हमारे एथलीटों को आगे बढ़ाएगा बल्कि वैश्विक खेल मंच पर भारत की स्थिति को भी मजबूत करेगा। इस परामर्श बैठक में कई एनएसएफ, एनएसपीओ और आईओए के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की, जिन्होंने प्रशासकों के लिए आयु और कार्यकाल सीमा में छूट, एथलीट कल्याण उपायों और प्रशासन में पारदर्शिता जैसे प्रस्तावित सुधारों पर अपने दृष्टिकोण साझा किए।
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खेल मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है, चर्चा में एथलीटों के अधिकारों की सुरक्षा, खेल निकायों के कामकाज को सुव्यवस्थित करने और भारत की वैश्विक खेल स्थिति को बढ़ाने जैसे प्रमुख मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक में शामिल एक सूत्र के अनुसार, सभी एनएसएफ ने नए विधेयक में आयु और कार्यकाल में छूट के सरकार के प्रस्ताव की सराहना की।
सूत्र ने बताया, खेल मंत्री ने कहा कि भारतीय खेलों की भलाई के लिए सभी के साथ मिलकर काम करना हमारी ओर से एक सक्रिय और अच्छा कदम है। प्रस्तावित मसौदा विधेयक के अनुसार, अध्यक्ष, महासचिव और कोषाध्यक्ष सहित एनएसएफ के पदाधिकारी 70 वर्ष की आयु पार करने के बावजूद अपने पद पर बने रह सकते हैं, बशर्ते कि उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा न किया हो। खेल मंत्री ने हितधारकों को आश्वासन दिया कि मसौदा विधेयक को परिष्कृत करने में उनके सुझावों पर सावधानीपूर्वक विचार किया जाएगा। हालांकि, मंत्रालय के बयान में कई हितधारकों की तरफ से दिए गए सुझावों को साझा नहीं किया गया।
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इस मौके पर खेल मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि, राष्ट्रीय खेल शासन विधेयक 2024 का मसौदा भारत में एक मजबूत और पारदर्शी खेल शासन संरचना बनाने के हमारे मिशन में एक मील का पत्थर है जो ओलंपिक और पैरालिंपिक चार्टर समेत अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है। हमारे खेल समुदाय की आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करने वाली नीतियों को आकार देने के लिए विभिन्न हितधारकों और जनता की सक्रिय भागीदारी महत्वपूर्ण है।
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उन्होंने आगे कहा कि, एथलीट-केंद्रित महासंघों को सशक्त बनाकर, सुरक्षित खेल नीति की शुरुआत करके और अपीलीय खेल न्यायाधिकरण की स्थापना करके, हम एक मजबूत ढांचा तैयार कर रहे हैं जो न केवल हमारे एथलीटों को आगे बढ़ाएगा बल्कि वैश्विक खेल मंच पर भारत की स्थिति को भी मजबूत करेगा। इस परामर्श बैठक में कई एनएसएफ, एनएसपीओ और आईओए के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी की, जिन्होंने प्रशासकों के लिए आयु और कार्यकाल सीमा में छूट, एथलीट कल्याण उपायों और प्रशासन में पारदर्शिता जैसे प्रस्तावित सुधारों पर अपने दृष्टिकोण साझा किए।
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खेल मंत्रालय के एक बयान में कहा गया है, चर्चा में एथलीटों के अधिकारों की सुरक्षा, खेल निकायों के कामकाज को सुव्यवस्थित करने और भारत की वैश्विक खेल स्थिति को बढ़ाने जैसे प्रमुख मुद्दों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक में शामिल एक सूत्र के अनुसार, सभी एनएसएफ ने नए विधेयक में आयु और कार्यकाल में छूट के सरकार के प्रस्ताव की सराहना की।
सूत्र ने बताया, खेल मंत्री ने कहा कि भारतीय खेलों की भलाई के लिए सभी के साथ मिलकर काम करना हमारी ओर से एक सक्रिय और अच्छा कदम है। प्रस्तावित मसौदा विधेयक के अनुसार, अध्यक्ष, महासचिव और कोषाध्यक्ष सहित एनएसएफ के पदाधिकारी 70 वर्ष की आयु पार करने के बावजूद अपने पद पर बने रह सकते हैं, बशर्ते कि उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा न किया हो। खेल मंत्री ने हितधारकों को आश्वासन दिया कि मसौदा विधेयक को परिष्कृत करने में उनके सुझावों पर सावधानीपूर्वक विचार किया जाएगा। हालांकि, मंत्रालय के बयान में कई हितधारकों की तरफ से दिए गए सुझावों को साझा नहीं किया गया।