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Spitting Row: राउत का अजित पवार पर पलटवार, बोले- गद्दारों पर थूकना हिंदू संस्कृति, सुनाया सावरकर का किस्सा

Sat, 03 Jun 2023 07:58 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नासिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नासिक Published by: निर्मल कांत Updated Sat, 03 Jun 2023 07:58 PM IST
सार

अजित पवार ने कहा कि इस तरह का थूकना महाराष्ट्र की संस्कृति नहीं है और किसी को भी बोलते समय सावधान रहना चाहिए। इस पर पलटवार करते हुए राउत ने कहा, थूकना पेशाब करने से बेहतर है। उन्होंने अजित पवार की 2013 में की गई विवादास्पद टिप्पणी की ओर इशारा किया।

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Spitting row Sanjay Raut and NCP leader Ajit Pawar lock horns
Sanjay Raut - फोटो : Social Media

विस्तार

शिवसेना सांसद संजय राउत और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अजित पवार के बीच शनिवार को उस वक्त जुबानी जंग छिड़ गई, जब दोनों नेताओं ने थूकने को लेकर हुए विवाद के बीच अप्रत्यक्ष रूप से एक-दूसरे पर हमला बोला। शिवसेना (यूबीटी), राकांपा और कांग्रेस महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के घटक हैं जो 2024 का चुनाव  गठबंधन में लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।

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राउत ने कहा- दांतों में है समस्या, जानबूझकर नहीं किया
राउत ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कैमरों के सामने जमीन पर थूक दिया था, जब पत्रकारों ने शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे के उद्धव ठाकरे पर निशाना साधने वाले तंज पर उनकी प्रतिक्रिया मांगी थी। आलोचनाओं का सामना कर रहे राउत ने शनिवार को दावा किया कि थूकना दुर्घटनावश हुआ था और जानबूझकर नहीं किया गया था क्योंकि उन्हें दांतों में समस्या थी।
 

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अजित पवार ने क्या कहा था?
इससे पहले दिन में अजित पवार ने कहा कि इस तरह का थूकना महाराष्ट्र की संस्कृति नहीं है और किसी को भी बोलते समय सावधान रहना चाहिए। इस पर पलटवार करते हुए राउत ने कहा, थूकना पेशाब करने से बेहतर है। उन्होंने 2013 में अजित पवार की उस विवादास्पद टिप्पणी की ओर इशारा किया जिसमें वह महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री थे।
 

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'जब गद्दारों के नाम लिए गए तो थूका..'
राउत ने त्रिम्बकेश्वर में कहा, मुझे दिखाइए कि मैं कहां थूकता हूं। यह उनकी सोच है, उनकी मानसिकता है उन्हें लगता है कि लोग उन पर थूकते हैं और यह सच है। मैंने कल आपको बताया था कि मेरे दांतों में कुछ समस्या है और इसके चलते यह कृत्य हुआ। मेरी जुबान तब मेरे दांतों के तले आ गई, जब महाराष्ट्र, शिवसेना और बालासाहेब ठाकरे को धोखा देने वाले शख्स के नाम का जिक्र किया गया और मैंने थूक दिया। जब किसी नेता नाम लिया गया तो मैंने थूका नहीं, लेकिन जब गद्दारों के नाम लिए गए तो मैंने थूका। 
 

'गद्दारों पर थूकना हिंदू संस्कृति'
उन्होंने दावा किया कि जब वीडी सावरकर को एक मामले के संबंध में अदालत में पेश किया गया था, तो उन्होंने उस व्यक्ति (गद्दार) को देखकर थूक दिया था जिसने उनके बारे में झूठ बोला था। गद्दारों पर थूकना हिंदू संस्कृति है। उन्होंने कहा कि यह हिंदुत्व है, अपराध नहीं। थूकना पेशाब करने से बेहतर है। जो पीड़ित हैं वे दर्द जानते हैं। हम पीड़ित हैं और इसके बावजूद हम जमीन पर खड़े हैं। मैं अब भी अपनी पार्टी के साथ हूं। मैं समस्याओं से बचने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) जैसी पार्टियों के साथ गठबंधन करने के बारे में नहीं सोचता।
 

अजित पवार ने क्या दिया था विवादित बयान
अजित पवार ने 2013 में राज्य में पानी की भारी कमी का मजाक उड़ाते हुए अपनी टिप्पणी से विवाद खड़ा कर दिया था। सूखा प्रभावित एक किसान की भूख हड़ताल का जिक्र करते हुए अजित पवार ने कहा था, 'वह पिछले 55 दिनों से अनशन पर हैं। अगर बांध में पानी नहीं है, तो हम इसे कैसे छोड़ सकते हैं? क्या हमें इसमें पेशाब करना चाहिए? अगर पीने के लिए पानी नहीं है, तो पेशाब भी संभव नहीं है।" बाद में उन्होंने अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांग ली थी। 

महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के मौजूदा नेता अजित पवार से जब शनिवार सुबह 'थूकने' वाले विवाद पर टिप्पणी करने के लिए कहा गया तो उन्होंने कहा कि इस तरह का कृत्य महाराष्ट्र की संस्कृति नहीं है।

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