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मनी लांड्रिंग मामलाः रॉबर्ट वाड्रा को मिली अग्रिम जमानत, देना होगा 5 लाख रुपये का बेल बॉन्ड

Mon, 01 Apr 2019 04:35 PM IST
तिवारी अभिषेक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: तिवारी अभिषेक Updated Mon, 01 Apr 2019 04:35 PM IST
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Special CBI court grants anticipatory bail plea to Robert Vadra in money laundering case
रॉबर्ट वाड्रा (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook

मनी लांड्रिंग मामले में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के बहनोई राबर्ट वाड्रा को विशेष सीबीआई अदालत से अग्रिम जमानत मिल गई है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, अदालत ने राबर्ट वाड्रा और उनके करीबी मनोज अरोड़ा को पांच लाख रुपये के बेल बॉन्ड पर अग्रिम जमानत की अनुमति दी है। बता दें कि रॉबर्ट वाड्रा और मनोज अरोड़ा दोनों फिलहाल अंतरिम जमानत पर थे।

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अदालत ने जमानत के साथ यह शर्त भी लगाई है कि रॉबर्ट वाड्रा और मनोज अरोड़ा दोनों ही पूर्व अनुमति के बिना देश नहीं छोड़ सकते हैं। दोनों को जांच प्रक्रिया में पूरा सहयोग देना होगा। साथ ही चेतावनी दी गई कि सबूत या गवाहों के साथ कोई छेड़छाड़ न की जाए। 


बता दें कि इससे पहले पिछली सुनवाई के दौरान अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) राबर्ट वाड्रा की कस्टडी रिमांड चाहता है और इसी वजह से उसने जमानत का विरोध किया था। अदालत में ईडी के वकील ने कहा था कि वाड्रा के खिलाफ सबूत पर्याप्त हैं और उससे हिरासत में लेकर पूछताछ की  जानी चाहिए। जांच एजेंसी का दावा है कि दोनों आरोपियों ने पेट्रोलियम और रक्षा सौदों में रिश्वत ली है।  

यह है पूरा मामला

ईडी एक पेट्रो-केमिकल कॉम्पलेक्स की जांच कर रहा है। इसे ओएनजीसी ने विशेष आर्थिक क्षेत्र बनाने का निर्णय लिया था। सैमसंग इंजीनियरिंग को इसका हिस्सा बनाने के लिए ओएनजीसी ने पैसे दिए थे। इसके बाद सैमसंग ने संजय भंडारी की दुबई स्थित कंपनी इंटरनेशनल एफजेडसी को काम दिया।

यह अनुबंध सैमसंग को दिसंबर 2008 में मिला था और कंपनी ने इसके बाद सेंटेक को 49,90,000 अमेरीकी डॉलर का भुगतान किया था। भंडारी की सेंटेक ने जून 2009 को लंदन के 12 ब्रायनस्टन स्क्वायर में संपत्ति खरीदी थी। यह संपत्ति वर्टेक्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर पंजीकृत थी। 

सेंटेक ने वर्टेक्स के खाते में 17 करोड़ रुपये के स्टर्लिंग स्थानांतरित किए। वर्टेक्स प्राइवेट लिमिटेड ने अपने सारे शेयर स्काई लाइट इनवेस्टमेंट एफजेडईऊ दुबई ने खरीद लिया था जिसका पूरा नियंत्रण लंदन में सी थम्पी करते थे। रिपोर्ट्स के अनुसार सी थम्पी रॉबर्ट वाड्रा के करीबी माने जाते हैं।



संजय भंडारी, सुमित चढ्डा (स्जय का लंदन स्थित रिश्तेदार), मनोज अरोड़ा और रॉबर्ट वाड्रा के बीच ईमेल के जरिए हुई बातचीत से पता चला है कि उन्हें वाड्रा की संपत्ति में गहरी रुची थी और वे इसके नवीकरण को लेकर किए जा रहे कामों को जानना चाहते थे।

ईडी का दावा है कि भंडारी ने स्टर्लिंग का 59 लाख रुपये का अतिरिक्त खर्च वहन किया। इसके बावजूद मेयफेयर एफजेडई शारजाह दुबई को 17 करोड़ रुपये स्टर्लिंग के लिए 12 ब्रायनस्टन स्क्वायर की संपत्ति बेच दी गई।
 

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