Maharashtra: 'राकांपा की अयोग्यता याचिकाओं पर 23 जनवरी से सुनवाई शुरू करेंगे स्पीकर', बोले जयंत पाटिल
Maharashtra: जयंत पाटिल ने कहा कि अजित पवार के धड़े ने उनकी ओर से दायर किए हलफनामों का अध्ययन करने के लिए और समय मांगा है और विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें समय दिया है। सुनवाई 23 जनवरी को होगी।
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महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग करने वाली याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई करेंगे। शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा के एक नेता यह बात कही।
पिछले साल जुलाई में अजित पवार और आठ विधायकों ने राकांपा को छोड़ दिया था और एकनाथ शिंदे की नेतृत्व वाली सरकार में शामिल हो गए थे। इसके बाद राकांपा दो धड़ों में बंट गई। तबसे दोनों धड़े पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर दावा कर रहे हैं। दोनों गुट विधानसभा अध्यक्ष से मांग कर रहे हैं कि दूसरे पक्ष के प्रति निष्ठा रखने वाले विधायकों को अयोग्य घोषित किया जाए।
'विधानसभा अध्यक्ष मंगलवार को करेंगे सुनवाई'
शरद पवार गुट के नेता जयंत पाटिल ने शनिवार को पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह इस उम्मीद से राज्य विधानसभा आए थे कि उनका बयान दर्ज किया जाएगा। उन्होंने कहा, लेकिन अजित पवार के धड़े ने हमारी ओर से दायर हलफनामों का अध्ययन करने के लिए और समय मांगा और विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें समय दे दिया है। सुनवाई 23 जनवरी को होगी।
किसी भी समय फैसला आने की उम्मीद: जयंत पाटिल
उन्होंने कहा, 'हमारे कुछ सहयोगियों को सरकार आए हुए छह महीने हो चुके हैं। हमने उनके खिलाफ अयोग्यता याचिकाएं दायर कीं थी। लेकिन, ऐसा लगता है कि लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए इसका समय तय किया गया है।' उन्होंने आगे कहा, 'चुनाव आयोग ने हमारे मामले की सुनवाई की है। फैसला किसी भी समय आने की उम्मीद है।' राकांपा की स्थापना साल 1999 में शरद पवार ने की थी। पार्टी 2014 तक राज्य में कांग्रेस की नेतृत्व वाली सरकार का हिस्सा बनी रही।
शिंदे सरकार में शामिल हुए थे अजित पवार
नवंबर 2019 में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) की सरकार बनी थी। इसके घटक दल राकांपा, शिवसेना और कांग्रेस थे। लेकिन, 2022 में एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद यह सरकार गिर गई। उसके बाद शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना और भाजपा की सरकार राज्य की सत्ता में आई। फिर राकांपा के अजित पवार और आठ विधायक भी पिछले साल जुलाई में सरकार में शामिल हो गए।
ईडी का किया जा रहा गलत इस्तेमाल: शरद पवार
इस बीच, शरद पवार ने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों को चुप कराने और डराने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का इस्तेमाल किया जा रहा है। दरअसल, महाराष्ट्र राज्य सहकारी बैंक घोटाले में धनशोधन की जांच के सिलसिले में विधायक रोहित पवार को एजेंसी ने समन भेजा है और पूछताछ के लिए उन्हें 24 जनवरी को पेश होने को कहा है। शरद पवार अपने पोते रोहित से जुड़े सवाल का जवाब दे रहे थे।