फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Space Exploration and Research Agency aka SERA Blue Origin India partner nation human space flight

SERA-Blue Origin: अंतरिक्ष में इंसान को भेजने की योजना, सेरा-ब्लू ओरिजिन ने भारत को साझेदार देश बनाया

Mon, 01 Jul 2024 04:17 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: ज्योति भास्कर Updated Mon, 01 Jul 2024 04:17 PM IST
सार

अंतरिक्ष में इंसान को भेजने की योजना पर काम कर रही अमेरिकी संस्था- स्पेस एक्सप्लोरेशन एंड रिसर्च एजेंसी (SERA) और ब्लू ओरिजिन ने भारत को साझेदार देश बनाने का फैसला लिया है। इस योजना के तहत अंतरिक्ष जाने के बाद यात्रियों को सुरक्षित धरती पर भी लाया जाएगा।

विज्ञापन
Space Exploration and Research Agency aka SERA Blue Origin India partner nation human space flight
सेरा और ब्लू ओरिजिन ने मानव अंतरिक्ष मिशन के लिए भारत को साझेदार चुना (प्रतीकात्मक) - फोटो : एएनआई / सीएनएन

विस्तार

अंतरिक्ष जगत में काम कर रहीं दो अमेरिकी संस्थाओं ने भारत को साझेदार बनाने का फैसला लिया है। SERA और ब्लू ओरिजिन ने अपनी महत्वाकांक्षी योजना के लिए भारत को साझेदार देश चुना है। विशेष विमान से इंसानों को अंतरिक्ष में भेजने के कार्यक्रम पर काम रहीं यह दोनों संस्थाएं ऐसे देश को चुन रही हैं, जिसके नागरिक अभी तक अंतरिक्ष में नहीं भेजे जा सके हैं। इन एजेंसियों की सूची में ऐसे देश भी शामिल होंगे, जिसके बहुत कम यात्री अंतरिक्ष भेजे गए हैं।  मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम पर काम कर रहीं दोनों एजेंसियों ने भारत को भागीदार बनाने के बाद कहा, 'हम अंतरिक्ष को सभी के लिए सुलभ बनाना चाहते हैं।'
विज्ञापन


पंजीकरण के लिए केवल 208 रुपये का शुल्क
सेरा और ब्लू ओरिजिन के अधिकारियों के मुताबिक एजेंसी को एक भारतीय नागरिक को यह दुर्लभ मौका प्रदान करने की खुशी है। इसमें ऐसे शख्स को चुना जाएगा जो अंतरिक्ष यात्रा के चमत्कारों का अनुभव करना चाहता है। कोई भी भारतीय नागरिक लगभग 2.50 अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 208 रुपये का शुल्क देकर इस कार्यक्रम के लिए पंजीकरण करा सकता है।
विज्ञापन


लगभग 11 मिनट की होगी यात्रा; दुनियाभर से केवल छह यात्री
मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम के तहत न्यू शेपर्ड नाम के रॉकेट के इंसान को अंतरिक्ष भेजा जाएगा। दुनियाभर से छह नागरिक इस मिशन के लिए चुने जाएंगे। लगभग 11 मिनट की इस यात्रा के दौरान विशेष विमान अंतरिक्ष यात्रियों को कॉर्मन रेखा (100 किमी) से आगे ले जाएगा। कॉर्मन लाइन अंतरिक्ष की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सीमा है। दोनों एजेंसियों ने बताया कि अंतरिक्ष यात्री उड़ान के लिए वापस उतरने से पहले कई मिनट तक भारहीनता (weightlessness) का अनुभव कर सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


फिटनेस की जांच के बाद मिलेगी अंतरिक्ष यात्रा की अनुमति
अपनी योजना के बारे में सेरा के सह संस्थापक जोशुआ स्कुर्ला ने कहा, हम भारत को अपने मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम का हिस्सा बनाने के लिए बहुत उत्साहित हैं। पंजीकरण कराने के बाद छह यात्रियों को चुने जाने के लिए आम जनता से वोटिंग कराई जाएगी। ब्लू ओरिजिन अंतरिक्ष के मानकों के मुताबिक फिटनेस की जांच करेगा। चुने जाने वाले भावी अंतरिक्ष यात्रियों को ब्लू ओरिजिन की तरफ से निर्धारित शारीरिक मानकों को पूरा करना होगा।


यात्रियों को चुनने के लिए वोटिंग क्यों? सेरा के सह संस्थापक ने बताया
SERA के सह संस्थापक सैम हचिसन ने बताया, छह यात्रियों में एक सीट वैश्विक है, जबकि बाकी सीटें अलग देश और क्षेत्रों को आवंटित की जा चुकी हैं। लोग अपने क्षेत्र के लोगों के लिए ही वोट कर सकेंगे। अंतरिक्ष यात्रियों को चुनने की शक्ति आम जनता को देकर, सेरा सुनिश्चित करेगा कि यह मानव अंतरिक्ष मिशन लोगों द्वारा और लोगों के लिए ही संचालित हो।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed