Southern Zonal Council Meet: गृह मंत्री अमित शाह बोले- देश के विकास के लिए टीम इंडिया की तरह काम करें राज्य
गृह मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में पिछले आठ सालों में क्षेत्रीय परिषद का कलेवर बदला है। बैठकों की संख्या में खासी वृद्धि हुई है। 2014 से पहले परिषदों की बैठक में सुलझाए गए मुद्दों का प्रतिशत 43 था। 2006 से 2013 के बीच क्षेत्रीय परिषद की बैठकों में 104 मुद्दों पर चर्चाएं हुई।
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केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने देश के विकास के लिए राज्यों से टीम इंडिया की तरह काम करने का आग्रह किया। शाह ने दक्षिण क्षेत्रीय परिषद की बैठक में कहा, पीएम मोदी ने देश के सामने टीम इंडिया की अवधारणा रखी है इसी नीति के तहत सभी राज्यों के साथ हमें मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने कहा इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य केंद्र-राज्यों और अंतरराज्यीय विवादों व मुद्दों का सहमति से समाधान करना, राज्यों के बीच क्षेत्रीय सहयोग को प्रोत्साहित करना, देश में सभी राज्यों को साझा राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए मंच प्रदान करना और सभी भागीदारों के बीच मजबूत सहयोग तंत्र स्थापित करना है। गृह मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में पिछले आठ सालों में क्षेत्रीय परिषद का कलेवर बदला है। बैठकों की संख्या में खासी वृद्धि हुई है। 2014 से पहले परिषदों की बैठक में सुलझाए गए मुद्दों का प्रतिशत 43 था। 2006 से 2013 के बीच क्षेत्रीय परिषद की बैठकों में 104 मुद्दों पर चर्चाएं हुई। वहीं 2014 से 2022 तक 555 मुद्दों पर चर्चाएं हुईं और इनमें से 64 प्रतिशत को आपसी सहमति से सुलझा लिया गया। शाह ने कहा, भारत के 9 तटीय राज्यों में से 3 प्रदेश इस परिषद में शामिल हैं। देश में 12 प्रमुख बंदरगाहों में से 7 प्रमुख बंदरगाह इसी क्षेत्र में हैं। वहीं भारत के कुल 3,461 फिशिंग गांवों में से 1763 फिशिंग इन्हीं राज्यों के जोन में हैं।
7737 करोड़ रुपये की लागत से 61 परियोजनाएं निर्माणाधीन
गृह मंत्री ने कहा, तटीय जिलों के समग्र विकास के लिए कुल 7,737 करोड़ रुपये की लागत से 61 परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा ब्लू रिवॉल्यूशन के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना चलाई जा रही है। 2015 से दक्षिण भारत के आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, पुद्दुचेरी, तमिलनाडु और तेलंगाना राज्यों में फिशरीज इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड स्कीम के लिए 4,206 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में बंदरगाह और मत्स्य पालन के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 2,711 करोड़ रुपये की लागत से 56 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
जल विवाद का संयुक्त समाधान तलाशें दक्षिणी राज्य
- केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नदी जल बंटवारे के मुद्दे पर दक्षिण के राज्यों से संयुक्त समाधान तलाशने पर जोर दिया। दक्षिण में अंतरराज्यीय नदी जल विवादों में तमिलनाडु व कर्नाटक के बीच कावेरी मुद्दा और तेलंगाना व आंध्र प्रदेश के बीच कृष्णा नदी जल बंटवारा शामिल हैं।
- 26 मुद्दों पर हुई चर्चा : बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री ने 26 मुद्दों पर चर्चा की। इसमें 9 मुद्दों का समाधान किया गया, जबकि 17 मुद्दों को भविष्य के लिए आरक्षित कर लिया गया। आरक्षित मुद्दों में से 9 आंध्र प्रदेश के पुनर्गठन से संबंधित हैं।
12 लाख मछुआरों को मिले क्यूआर आधार कार्ड
गृह मंत्री शाह ने कहा, लगभग 12 लाख से अधिक मछुआरों को क्यूआर संबंधी पीवीसी आधार कार्ड दिए जा चुके हैं। इसे तटीय राज्यों के मछुआरों को पहचान मिलने के साथ सुरक्षा भी मजबूत होगी। इसके अलावा फॉरेंसिक साइंस लैब के लिए नीति बनाकर राज्यों को भेजी जा चुकी है। इस दौरान शाह ने कहा, परिषद् के सदस्य राज्य अपने-अपने क्षेत्र में हर गांव के पांच किमी की सीमा में बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध करवाने के प्रयास करें। नारकोटिक्स की समस्या पर गृहमंत्री ने कहा कि पूरी सख्ती के साथ नकेल कसने के प्रयास जारी हैं।
बैठक में इन राज्यों ने की शिरकत
शाह ने कहा कि परिषद की स्थायी समिति की 12वीं बैठक में कुल 89 मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें से कुल 63 मुद्दों का निपटारा आपसी सहमति से हुआ जो कि एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस दौरान बैठक में केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु के मुख्यमंत्रियों, पुडुचेरी, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल, लक्षद्वीप के प्रशासक, दक्षिणी क्षेत्र के राज्यों के मुख्य सचिव, केंद्रीय गृह सचिव, सचिव, अंतरराज्यीय परिषद सचिवालय और राज्यों और केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों के अन्य अधिकारियों ने भाग लिया।