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Parliament: लोकसभा से अधीर रंजन चौधरी के निलंबन पर कांग्रेस सख्त, सोनिया गांधी ने बुलाई सांसदों की बैठक
Fri, 11 Aug 2023 09:10 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Fri, 11 Aug 2023 09:10 AM IST
सार
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी अधीर रंजन के निलंबन को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। मनीष तिवारी का कहना है कि यह संविधान के अनुच्छेद 105(1) का खुला उल्लंघन है।
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सोनिया गांधी
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
लोकसभा में अधीर रंजन चौधरी के निलंबन के मुद्दे पर कांग्रेस ने सख्त रुख अपनाया है और वह सरकार से दो-दो हाथ करने के मूड में नजर आ रही है। बता दें कि कांग्रेस संसदीय समिति की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने पार्टी के सांसदों की आज सुबह बैठक बुलाई है। यह बैठक अधीर रंजन चौधरी के लोकसभा से निलंबन के मुद्दे पर होगी। बता दें कि गुरुवार को संसदीय मामलों के मंत्री प्रहलाद जोशी ने एक प्रस्ताव पास किया, जिसमें अधीर रंजन चौधरी के लोकसभा से निलंबन का प्रस्ताव दिया गया। जिसे ध्वनिमत से मंजूरी दी गई।
पीएम मोदी पर की थी टिप्पणी
बता दें कि सदन में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान अधीर रंजन चौधरी ने अपने संबोधन में महाभारत के एक संदर्भ का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री के खिलाफ टिप्पणी की थी। जिस पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी भी सदन में मौजूद थे। इसी के चलते प्रहलाद जोशी ने अधीर रंजन के खिलाफ निलंबन प्रस्ताव पेश किया। फिलहाल यह मामला विशेषाधिकार समिति के पास भेजा गया है, तब तक अधीर रंजन चौधरी सदन से निलंबित रहेंगे।
अधीर रंजन चौधरी ने दी सफाई
वहीं इस विवाद पर अधीर रंजन चौधरी ने सफाई पेश करते हुए कहा कि मैंने प्रधानमंत्री का अपमान नहीं किया है। मोदी जी हर बात पर बोलते हैं लेकिन मणिपुर मुद्दे पर वह 'नीरव' बैठे हैं। जिसका मतलब है 'चुप बैठना'। पीएम मोदी को नहीं लगा कि उनका अपमान किया गया लेकिन उनके दरबारियों को ऐसा लगा और वह मेरे खिलाफ निलंबन प्रस्ताव लाए।
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कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी अधीर रंजन के निलंबन को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। मनीष तिवारी का कहना है कि यह संविधान के अनुच्छेद 105(1) का खुला उल्लंघन है। इसका लोकतंत्र और संसद में बोलने की आजादी और विधायिका पर असर होगा। मनीष तिवारी ने संकेत दिए कि पार्टी इस मामले को कोर्ट में चुनौती दे सकती है।
भाजपा बोली- यह उनकी आदत बन गई है
वहीं प्रहलाद जोशी ने बताया कि यह उनकी (अधीर) आदत बन गई है। वह कांग्रेस पार्टी के सदन में नेता हैं लेकिन बार-बार चेतावनी के बावजूद वह खुद में सुधार नहीं करते। हमेशा अपने भाषणों में वह आधारहीन आरोप लगाते हैं और सरकार के मान को कम करने की कोशिश करते हैं। उनके तर्कों में कोई तथ्य नहीं होते और वह कभी माफी भी नहीं मांगते। हम मांग करते हैं कि वह माफी मांगे। जब गृहमंत्री अमित शाह ने सदन को संबोधित किया था, उस वक्त भी उन्होंने (अधीर रंजन) ऐसा ही किया था।
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पीएम मोदी पर की थी टिप्पणी
बता दें कि सदन में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान अधीर रंजन चौधरी ने अपने संबोधन में महाभारत के एक संदर्भ का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री के खिलाफ टिप्पणी की थी। जिस पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी भी सदन में मौजूद थे। इसी के चलते प्रहलाद जोशी ने अधीर रंजन के खिलाफ निलंबन प्रस्ताव पेश किया। फिलहाल यह मामला विशेषाधिकार समिति के पास भेजा गया है, तब तक अधीर रंजन चौधरी सदन से निलंबित रहेंगे।
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अधीर रंजन चौधरी ने दी सफाई
वहीं इस विवाद पर अधीर रंजन चौधरी ने सफाई पेश करते हुए कहा कि मैंने प्रधानमंत्री का अपमान नहीं किया है। मोदी जी हर बात पर बोलते हैं लेकिन मणिपुर मुद्दे पर वह 'नीरव' बैठे हैं। जिसका मतलब है 'चुप बैठना'। पीएम मोदी को नहीं लगा कि उनका अपमान किया गया लेकिन उनके दरबारियों को ऐसा लगा और वह मेरे खिलाफ निलंबन प्रस्ताव लाए।
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कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने भी अधीर रंजन के निलंबन को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। मनीष तिवारी का कहना है कि यह संविधान के अनुच्छेद 105(1) का खुला उल्लंघन है। इसका लोकतंत्र और संसद में बोलने की आजादी और विधायिका पर असर होगा। मनीष तिवारी ने संकेत दिए कि पार्टी इस मामले को कोर्ट में चुनौती दे सकती है।
भाजपा बोली- यह उनकी आदत बन गई है
वहीं प्रहलाद जोशी ने बताया कि यह उनकी (अधीर) आदत बन गई है। वह कांग्रेस पार्टी के सदन में नेता हैं लेकिन बार-बार चेतावनी के बावजूद वह खुद में सुधार नहीं करते। हमेशा अपने भाषणों में वह आधारहीन आरोप लगाते हैं और सरकार के मान को कम करने की कोशिश करते हैं। उनके तर्कों में कोई तथ्य नहीं होते और वह कभी माफी भी नहीं मांगते। हम मांग करते हैं कि वह माफी मांगे। जब गृहमंत्री अमित शाह ने सदन को संबोधित किया था, उस वक्त भी उन्होंने (अधीर रंजन) ऐसा ही किया था।