सोनी बनीं ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ मुहिम की ब्रांड एंबेसडर, स्मृति ने किया सम्मानित
लगातार 126 घंटा 5 मिनट नृत्य करने वाली सोनी चौरसिया को गुरुवार की शाम ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान का वाराणसी महानगर का ब्रांड एंबेसडर घोषित कर दिया गया। उन्हें अभियान की पट्टी पहनाई गई।
बतौर मुख्य अतिथि केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी ने प्रतीक चिह्न भेंट कर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने काशी की बेटी को सराहा। कहा कि एक बार असफल होने के बाद भी हिम्मत नहीं हारी और बाद में उसने सफलता के शिखर को चूम लिया। मंत्री ने सोनी के परिजनों के साथ ही उनके गुरु की प्रशंसा की, जिनके प्रोत्साहन और सहयोग की बदौलत सोनी इस मुकाम तक पहुंच सकीं।
मानव संसाधन मंत्री ने कहा कि काशी की धरती हमेशा इतिहास रचती रही है। उसी कड़ी में सोनी लगन और परिश्रम के बल पर अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज करा चुकी हैं। सोनी के अलावा काशी विद्यापीठ की अध्यक्ष आयुषी श्रीमाली को भी उन्होंने सम्मानित किया।
समारोह के आरंभ में गायिका प्रियंका सहवाल ने बेटियों पर आधारित गीत पेश किए। केंद्रीय मंत्री को बेटी बचाओ काशी क्षेत्र की ओर से मंगल कलश, मां अन्नपूर्णा का सिक्का, अंगवस्त्रम् प्रदान किया गया।
इस मौके पर काशी क्षेत्र के भाजपा अध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, अजय मिश्रा, डाली भाटिया, रश्मि केशरवानी, आकाश पाठक सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे। संचालन बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की संयोजक डॉ. रचना अग्रवाल ने किया।
पीएम मोदी के चलते बाबा साहब का दुनिया में गुणगान
आज न सिर्फ राष्ट्र में बल्कि इतिहास में पहली बार संयुक्त राष्ट्र संघ में भी बाबा साहब अंबेडकर का स्मरण हो रहा है, उनका गुणगान हो रहा है। यह संभव तब हुआ है जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बने हैं।
गुरुवार की दोपहर प्रधानमंत्री के सांसद आदर्श ग्राम नागेपुर में यह बातें मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने कहीं। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से हर वर्ग को सशक्त करना बाबा साहब के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है, मात्र फूल-माला चढ़ाना नहीं।
नागेपुर में अंबेडकर प्रतिमा का अनावरण और नंदघर यानी आधुनिक आंगनबाड़ी का लोकार्पण करने के बाद स्मृति ईरानी सभा को संबोधित कर रही थीं। स्मृति ने कहा कि बाबा साहब ने जिस सशक्त भारत का सपना देखा था, उसे साकार करने में प्रधानमंत्री मोदी लगातार प्रयासरत हैं।
देश की जनता ने स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार देखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संत रविदास मंदिर में सामान्य नागरिक की तरह दोनों हाथ जोड़कर प्रसाद ले रहे हैं। यह बात नागेपुर की जनता को इसलिए बता रही हूं कि पीएम मोदी एकमात्र ऐसे नेता हैं जिन्हें किसी गरीब के घर में पत्रकार के साथ रोटी खाकर नाटक करने की जरूरत नहीं है।
यह देश का सौभाग्य है कि गरीबी और अभाव के बीच आगे बढ़ने वाले के हाथ में देश की कमान है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कई राजनीतिक पार्टियों ने बाबा साहब का स्मरण तो किया लेकिन पहली बार संविधान दिवस मनाने का अवसर देश को तब मिला जब पीएम मोदी ने इसके लिए पहल की।
कहा कि अंबेडकर जयंती पर डिजिटल आंगनबाड़ी केंद्र ‘नंदघर’ नागेपुर को समर्पित किया जाना एक ऐतिहासिक शुरुआत है। इस नंदघर के माध्यम से महिलाओं के कौशल विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा। वे कंप्यूटर से खुद और अपने बच्चों को पीएम के डिजिटल इंडिया से जोड़ेंगी। नागेपुर में ई-रिक्शा वितरण भी स्वरोजगार की दिशा में बड़ी पहल है।
उन्होंने कहा कि यहां गांव के बुजुर्ग बैठे हैं, कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा था कि दिल्ली से एक रुपया चलता है तो गांव तक 10 पैसा पहुंचता है। मगर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समय में देश का पैसा देशवासियों के लिए है। वो देश के एक-एक व्यक्ति की चिंता करते हैं। इसके पहले सभा की शुरुआत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम से हुई।
अंत में 151 लोगों को ई-रिक्शा, 40 महिला स्वयं सहायता समूह के बीच 250 गाय का वितरण, 12 महिलाओं को केंद्र सरकार की पेंशन व जीवन बीमा योजना का प्रमाण पत्र और पीएम के मन की बात सुनने के लिए रेडियो दिया गया।
इस दौरान मंच पर भाजपा काशी क्षेत्र के अध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य, प्रदेश सह प्रभारी सुनील ओझा, संगठन मंत्री चंद्रशेखर, एमएलए रवींद्र जायसवाल, एमएलसी केदारनाथ सिंह, पूर्व मेयर कौशलेंद्र सिंह, जिलाध्यक्ष हंसराज विश्वकर्मा, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, नागेपुर ग्राम प्रधान पारसनाथ राजभर, डॉ. आजाद सिंह गौतम, रामसकल पटेल मौजूद रहे। वापसी के दौरान गांव में बनाए गए यात्री विश्रामालय का लोकार्पण भी केंद्रीय मंत्री ने किया।