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जिस देश में नारी को पूजने की परंपरा है, वहां अभद्र बयानबाजी दुखदायी है
Wed, 17 Apr 2019 10:22 PM IST
Amit Digital
अमित शर्मा, नई दिल्ली
अमित शर्मा, नई दिल्ली
Published by: Amit Digital
Updated Wed, 17 Apr 2019 10:22 PM IST
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सोनल मानसिंह
- फोटो : फाइल
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लोकसभा चुनाव का महायज्ञ शुरू हो चुका है। चुनावी प्रचार चरम पर है और पहले चरण का मतदान हो चुका है। पक्ष-विपक्ष, मत-विमत पर चर्चा हो रही है। राजनेताओं के अलावा समूह विशेष भी किसी न किसी के पक्ष में मत करने की अपील कर रहे हैं। हाल ही में देश-दुनिया में विख्यात पद्मविभूषण नृत्यांगना सोनल मानसिंह ने भी ऐसी ही एक अपील की है। उनका मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दोबारा देश की कमान मिलनी चाहिए।
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जब अमर उजाला ने उनसे इस अपील के विषय में विस्तार से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि सच को सच मानने और उसे दोहराने में डरना कैसा। उनका मानना है कि जो व्यक्ति पांच वर्ष से देशहित के लिए अथक जुटा हुआ हो, वह तारीफ के काबिल है। उन्होंने कहा कि मोदी की वजह से पूरी दुनिया में हिंदुस्तान का नाम रोशन हुआ है। देश ने लालबहादुर शास्त्री के बाद अब जाकर इस तरह का नेतृत्व पाया है।
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जब सोनल जी से हमने यह जानना चाहा कि आखिर ऐसी क्या वजह है जो बॉलीवुड में एक समूह विशेष देश के मौजूदा नेतृत्व के विरोध में मतदान की अपील कर रहा है। तो उन्होंने कहा, सूरज पर काली स्याही फेंकने से उसका प्रकाश प्रभावित नहीं होता है।
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देश में डर के माहौल की बात करने वालों के लिए सोनल जी ने कहा कि जो लोग इस देश में रहकर शोहरत, नाम और पैसा कमा रहे हैं और निडर होकर व्यवस्था की आलोचना कर रहे हैं। वो यह कैसे कह सकते हैं कि उन्हें यहां डर लगता है।
जयाप्रदा के खिलाफ हाल ही में समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान की टिप्पणी से सोनल जी काफी व्यथित नजर आईं। उन्होंने राजनीति में भाषा के गिरते स्तर पर चिंता जताते हुए कहा कि जिस देश में नारी को शक्ति का रूप माना जाता है, उन्हें पूजा जाता है, वहां इस तरह की भाषा का उपयोग होना बेहद तकलीफदेह है।