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यमुना में डंप किया जा रहा ठोस कचरा, नाराज एनजीटी ने यूपी सरकार को लगाई फटकार
Sun, 24 Jan 2021 04:19 AM IST
देव कश्यप
एजेंसी, नई दिल्ली
एजेंसी, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Sun, 24 Jan 2021 04:19 AM IST
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यमुना नदी में गंदगी (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Amar Ujala
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राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने वृंदावन में पांच साल तक लगातार निगरानी के बावजूद यमुना नदी के डूब क्षेत्र में ठोस कचरा ठिकाने लगाए जाने को लेकर नाराजगी जताई है। एनजीटी ने उत्तर प्रदेश सरकार को इस मुद्दे पर फटकार लगाते हुए कहा कि इस दिशा में उठाए गए कदम पर्याप्त नहीं है। पीठ ने यूपी सरकार को कचरा ठिकाने लगाने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
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एनजीटी अध्यक्ष जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा, 'लगातार पांच साल से निगरानी और दंडात्मक कार्रवाइयों के बावजूद भी कोई प्रगति नहीं दिख रही है।' पीठ ने कहा, 'पर्यावरण नियमों का उल्लंघन भी उतना ही गंभीर है, जितना किसी अन्य आपराधिक कानून को तोड़ना है। ऐसे अपराधों को रोकने में अधिकारियों की असफलता उस जन विश्वास की विफलता है, जो नागरिक अधिकारों के संरक्षण के लिए ऐसे अधिकारियों में जनता की तरफ से दिखाया जाता है।' पीठ ने यमुना नदी के प्रभावित क्षेत्र में बायो डायवर्सिटी पार्क बनाने की भी सलाह दी है।
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पीठ ने पूर्व हाईकोर्ट जज की अध्यक्षता वाली ओवरसाइट कमेटी की सिफारिशों को स्वीकार करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को इस मुद्दे पर पर्यावरण और जन स्वास्थ्य के हित में कदम उठाने का आदेश दिया। पीठ ने यह निर्देश एक पुजारी मधुमंगल शुक्ला की याचिका पर सुनवाई के दौरान दिए, जिन्होंने वृंदावन में यमुना नदी के डूब क्षेत्र में ठोस कचरे के अवैध और अनियमित निस्तारण के खिलाफ एनजीटी से अपील की थी।
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नागरिकों को कानून तोड़ने वालों की दया पर छोड़ा
एनजीटी पीठ ने कहा, यह दिखाता है कि वरिष्ठ अधिकारियों ने ऐसी जबरदस्त विफलता पर भी कोई गंभीर कदम नहीं उठाया है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। नागरिकों को कानून तोड़ने वालों की दया पर छोड़ दिया गया है। हम उम्मीद करते हैं कि कम्पोस्ट प्लांट को अब जल्द से जल्द चालू कर दिया जाएगा।