फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Solar energy is cheapest electricity in the world, costing only two rupees per unit

Solar Energy: सौर ऊर्जा दुनिया की सबसे सस्ती बिजली, एक यूनिट की लागत मात्र दो रुपए; कोयला और गैस को पीछे छोड़ा

Fri, 17 Oct 2025 04:26 AM IST
शिव शुक्ला अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: शिव शुक्ला Updated Fri, 17 Oct 2025 04:26 AM IST
सार

सौर ऊर्जा उत्पादन की तेज रफ्तार से कई देशों में बिजली ग्रिड पर दबाव बढ़ा है। कैलिफोर्निया और चीन जैसे क्षेत्रों में मांग से अधिक आपूर्ति होने पर बिजली बर्बाद हो जाती है।

विज्ञापन
Solar energy is cheapest electricity in the world, costing only two rupees per unit
सौर ऊर्जा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सौर ऊर्जा अब दुनिया में बिजली का सबसे सस्ता स्रोत बन चुकी है। जिन देशों में सूरज की रोशनी भरपूर मिलती है, वहां एक यूनिट (किलोवॉट-घंटा) बिजली उत्पादन की लागत मात्र दो रुपए (करीब 0.02 पाउंड) रह गई है जो कोयला, गैस और पवन ऊर्जा सभी से सस्ती है।

विज्ञापन


ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ सरे का अध्ययन एनर्जी एंड एनवायरमेंट मैटेरियल्स पत्रिका में प्रकाशित हुआ है। इसमें बताया गया है कि 2024 तक दुनियाभर में 1.5 टेरावॉट से अधिक सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित की जा चुकी है, जो 2020 की तुलना में दोगुनी है और करोड़ों घरों को बिजली देने के लिए पर्याप्त है। यूनिवर्सिटी ऑफ सरे के एडवांस्ड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (एटीआई) के वैज्ञानिक प्रोफेसर रवि सिल्वा के अनुसार सौर ऊर्जा इतनी सस्ती हो चुकी है कि ब्रिटेन जैसे देशों में भी जो भूमध्य रेखा से 50 डिग्री उत्तर में हैं, यह बड़े पैमाने पर बिजली उत्पादन का सबसे किफायती तरीका बन गई है। अब सोलर फोटोवोल्टिक (पीवी) तकनीक स्वच्छ और अक्षय ऊर्जा की रीढ़ बन चुकी है। प्रो. सिल्वा कहते हैं कि सौर तकनीक अब भविष्य नहीं रही यह वर्तमान है और कम-कार्बन दुनिया की नींव रख रही है। अध्ययन में बताया गया है कि लिथियम-आयन बैटरियों की कीमत 2010 से अब तक 89 फीसदी तक घट चुकी है। इसकी वजह से सौर ऊर्जा को बैटरियों में स्टोर कर जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल करना अब बेहद आसान और सस्ता हो गया है। इससे सोलर-प्लस-स्टोरेज यानी सौर और बैटरी वाले सिस्टम की लागत अब गैस पावर प्लांट्स जितनी सस्ती हो गई है।
विज्ञापन


नई चुनौतियां : बिजली नेटवर्क पर दबाव और स्मार्ट ग्रिड की जरूरत
वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि सौर ऊर्जा उत्पादन की तेज रफ्तार से कई देशों में बिजली ग्रिड पर दबाव बढ़ा है। कैलिफोर्निया और चीन जैसे क्षेत्रों में मांग से अधिक आपूर्ति होने पर बिजली बर्बाद हो जाती है। अध्ययन से जुड़े शोधकर्ता डॉ. एहसान रेजाई का कहना है, अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि सौर ऊर्जा को मौजूदा बिजली नेटवर्क से कैसे जोड़ा जाए। इसके लिए स्मार्ट ग्रिड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित पूर्वानुमान और क्षेत्रों के बीच मजबूत कनेक्शन जरूरी होंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


नीतिगत समर्थन से तय होगा भविष्य पर्यावरण के लिए भी नई उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि सौर ऊर्जा की यह सफलता केवल तकनीक की नहीं बल्कि नीतिगत समर्थन की भी देन है। अमेरिका का इन्फ्लेशन रिडक्शन एक्ट, यूरोप का आरईपावरईयू प्लान और भारत की उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना इस दिशा में निर्णायक कदम माने जा रहे हैं। प्रोफेसर सिल्वा ने कहा, स्पष्ट नीतियां, सतत निवेश और अंतरराष्ट्रीय  सहयोग ही दुनिया को स्वच्छ और विश्वसनीय ऊर्जा प्रणाली की ओर तेजी से ले जा सकते हैं। सौर ऊर्जा अब न केवल भविष्य की उम्मीद है बल्कि वर्तमान की सबसे सस्ती और स्वच्छ बिजली बन चुकी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed