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अन्ना हजारे ने टाला अनशन का फैसला: देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में किया एलान
Fri, 29 Jan 2021 10:22 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पुणे
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Fri, 29 Jan 2021 10:22 PM IST
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महाराष्ट्र : पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ समाजसेवी अन्ना हजारे।
- फोटो : ANI
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सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने केंद्र सरकार की ओर से लाए गए कृषि कानूनों के विरोध में शनिवार से शुरू होने वाला आमरण अनशन अब न करने का फैसला किया है। उन्होंने शुक्रवार को इसकी घोषणा भाजपा नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में की। सरकार इस कोशिश में थी कि अन्ना हजारे अपना अनशन त्याग दें।
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हजारे ने कहा, 'मैं लंबे समय से कई मुद्दों पर आंदोलन कर चुका हूं। शांतिपूर्वक प्रदर्शन करना कोई अपराध नहीं है। मैं तीन साल से किसानों के मुद्दे उठा रहा हूं। वह आत्महत्या करते हैं क्योंकि उन्हें उनकी उपज की सही कीमत नहीं मिलती। सरकार ने न्यूनतन समर्थन मूल्य (एमएसपी) को 50 फीसदी तक बढ़ाने का फैसला किया है- मुझे इस संबंध में पत्र मिला है।'
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उन्होंने आगे कहा, अब जबकि केंद्र सरकार ने इन 15 मुद्दों पर (किसानों के लिए अन्ना हजारे की मांगें) पर काम करने का फैसला कर लिया है, तो ऐसे में मैंने कल का अनशन रद्द करने का फैसला किया है। बता दें कि इस महीने की शुरुआत में हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर कहा था कि जनवरी के अंत में अंतिम भूख हड़ताल शुरू करेंगे।
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हजारे को मनाने में लगी थी पूरी टीम
अन्ना हजारे को मनाने के लिए महाराष्ट्र विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष हरीभाऊ बागडे, देवेंद्र फडणवीस, भाजपा नेता राधाकृष्ण विखे पाटिल, अहमदनगर के सांसद सुजय विखे पाटिल समेत अन्य नेताओं ने उनसे मुलाकात की है। आज केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने भी उनसे मुलाकात की थी। वहीं, केंद्र सरकार को आखिरकार अपनी कोशिशों में सफलता मिल गई।
ड्राफ्ट के जरिए भी मनाने की कोशिश
इस मामले को सुलझाने के लिए कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने भी कमर कसी थी। उन्होंने दिल्ली में देवेंद्र फडणवीस और गिरीश महाजन से मुलाकात कर एक ड्राफ्ट तैयार किया था, जो हजारे को दिया गया। अन्ना हजारे ने इस ड्राफ्ट की कमियों की जानकारी दी। वहीं, सरकार ने इन कमियों को दूर करने पर हामी भरी जिसके बाद अन्ना ने अनशन रद्द कर दिया।