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अमेरिकी अखबार ने लिखा, 'विवादों की रानी, स्मृति ईरानी'

Mon, 04 Jul 2016 06:14 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली Updated Mon, 04 Jul 2016 06:14 PM IST
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Smriti Irani as a queen of controversies in an American Newspaper Article
स्मृत‌ि ईरानी - फोटो : file photo

टीवी के पत्रकार ने स्मृति ईरानी से पूछा ''मोदी ने आप में ऐसा क्या देखा कि आपको मंत्री बना दिया?'' स्मृति ईरानी ने जवाब नहीं दिया और पत्रकार के सवाल को स्टूडियों में बैठे दर्शकों से दोहरा दिया। ईरानी के इतना करते ही दर्शक भड़क गए और पत्रकार की लगभग पिटाई कर दी। आपा-धामी में ईरानी उठीं और पत्रकार को दर्शकों की भीड़ से बचाया।

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अमेरिका के प्रसिद्ध अखबार वॉशिंगटन पोस्ट पर स्मृति ईरानी को लेकर एक बड़ा लेख छपा है, जिसमें बात यहीं से शुरू होती है। अखबार के मुताबिक स्मृति ईरानी मोदी के कैबिनेट की सबसे हाई-प्रोफाइल और फजीहत झेलने वाली नेता हैं। 
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अखबार के मुताबिक 40 वर्षीय स्मृति ईरानी मानव संसाधन विकास मंत्री रहते हुए देश में शिक्षा के क्षेत्र को भी देख रही हैं और विवादों की रानी हैं। अखबार कहता है कि टीवी धारावाहिक में काम करने वाली से नेता बनने के बाद स्मृति ईरानी हमेशा हाजिरजवाबी और तमाशे के चलते सुर्खियों में रहती हैं, लेकिन वह अपनी शैक्षणिक योग्यता के कारण विश्वविद्यालयों के प्रोफेसरों के निशाने पर रहती हैं।

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'अज्ञान और घमंड का मिश्रण स्मृति ईरानी'

Smriti Irani as a queen of controversies in an American Newspaper Article

अखबार के लेख में ईरानी को प्रधानमंत्री का सबसे प्रिय नेता बताया गया है और यह भी कि वह शिक्षा में हिंदू धर्म को जबरने थोपने के आरोप झेलती हैं, वे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था में देश के पढ़े-लिखे युवाओं को नौकरियां दिलाने में नाकाम रहीं। ईरानी देश में नई शिक्षा नीति ला रही हैं, जो बीते तीन दशकों में नहीं किया गया।

फरवरी में दिल्ली के बाहर 42 विश्वविद्यालयों के प्रमुखों संग हुई बैठक में ईरानी ने उनसे कहा कि अब वे अपने आरामदायक घोंसलों से बाहर आ जाएं। उन्होंने तस्वीरें खींचने पर दो प्रोफेसरों की फटकार भी लगा दी थी।

अखबार ने राजनीति के इतिहासकार रामचंद्र गुहा की उस बात को भी कोड करते हुए लिखा जिसमें उन्होंने ईरानी को अज्ञान और घमंड का मिश्रण बताते हुए विनाशपूर्ण शिक्षा मंत्री करार दिया था। गुहा के मुताबिक ईरानी ने पहले से कमजोर विश्वविद्यालयों की अनदेखी की, वह सरकार की मंशा के अनुसार विद्वानों और वैज्ञानिकों का अपमान कर रही हैं। 

'ईरान को बहन बताकर मोदी ने मांगे थे वोट'

Smriti Irani as a queen of controversies in an American Newspaper Article
अखबार ने ईरानी को लेकर प्रधानमंत्री मोदी की उस बात का भी जिक्र किया जब 2014 में लोकसभा चुनावों के दौरान उन्होंने ईरानी को अपनी बहन बताकर वोट मांगे थे। 

ईरानी राहुल गांधी के संसदीय क्षेत्र अमेठी से चुनाव मैदान में उतरी थीं, लेकिन हार गई थीं। 

मोदी ने जब ईरानी को मंत्री बनाया तो विपक्ष ने सवाल उठाया था कि ईरानी कभी कॉलेज नहीं गईं। इस पर ईरानी ने खुद जवाब दिया था, उन्होंने ने येल में प्राप्त की डिग्री का हवाला देकर विपक्ष की जुबान पर लगाम लगाने की कोशिश की थी।

नाचने-गाने वाली महिला की छवि बरकरार!

Smriti Irani as a queen of controversies in an American Newspaper Article

ईरानी उस वक्त खूब विवादों में रहीं, जब उन्होंने अपने एक ट्वीट में गवर्नर की स्पेलिंग गलत लिख दी। ईरानी ने 'Governor' की जगह 'Governer' लिखा था। आलोचनाओं से घिर जाने पर ईरानी ने खुद पर व्यंग कसा और खुद को अनपढ़ कहा था।

अखबार ने स्मृति ईरानी के मंत्री बनने के बाद से लेकर अब तक के लगभग सभी विवादित पहलुओं पर लिखा है। यह भी लिखा है कि कांग्रेस के नेता उन्हें अब भी 'नाचने-गाने वाली महिला' कहते हैं। 

अखबार के लेख में बताया गया कि स्मृति ईरानी लंबे समय तक टीवी धारावाहिक ''क्योंकि सास भी कभी बहू थी'' में अभिनय करती रही है। उन्होंने साल 2003 में बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की थी।

वॉशिंगटन पोस्ट ने स्मृति ईरानी के बारे में लेख उनके इंटरव्यू से इनकार करने के बाद लिखा है।

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