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तृणमूल प्रतिनिधिमंडल को सिलचर हवाई अड्डे पर रोका गया, नेताओं ने लगाया दुर्व्यवहार का आरोप

Thu, 02 Aug 2018 03:36 PM IST
भाषा, सिलचर 
भाषा, सिलचर  Updated Thu, 02 Aug 2018 03:36 PM IST
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Six Trinamool Congress MPs and two MLAs detained at Silchar Airport

एनआरसी के पूर्ण मसौदे के प्रकाशन के आलोक में असम की स्थिति का जायजा लेने के लिए आज यहां आए तृणमूल कांग्रेस के एक प्रतिनिधिमंडल को हवाई अड्डे पर ही रोक दिया गया। 

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प्रतिनिधिमंडल के सदस्य सुखेंदु रॉय ने पीटीआई भाषा को बताया कि पुलिस ने उनके पहुंचने के बाद हवाई अड्डे पर उन्हें यह कहकर रोक दिया कि उनकी यात्रा से समस्या खड़ी हो सकती है। पुलिस ने उनसे दुर्व्यवहार किया।
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उन्होंने कहा, ‘‘यह लोकतंत्र की हत्या है। हमें बाहर नहीं जाने दिया गया।’’ 

पार्टी नेता यहां एक सभागार में एक बैठक करने वाले थे।

पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने दावा किया कि हवाई अड्डे पर तृणमूल प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों, जिनमें महिलाएं भी हैं, के साथ दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने भाजपा पर देश में सुपर आपातकाल लगाने का आरोप लगाया।
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बनर्जी ने कहा कि भाजपा इस घटना से बेनकाब हो गयी है और उन्होंने जानना चाहा कि किस कानून के तहत तृणमूल प्रतिनिधिमंडल को रोका गया।

अधिकारियों ने बताया कि बराक घाटी क्षेत्र के कछार जिले में यहां कुंभीग्राम हवाई अड्डे पर तृणमूल प्रतिनिधिमंडल को वीआईपी विश्रामालय में ठहराया गया। 

उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और पांच मजिस्ट्रेट तृणमूल प्रतिनिधिमंडल से बातचीत करने के लिए हवाई अड्डे पर मौजूद थे।

कछार जिला प्रशासन ने कल रात सीआरपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा जारी की थी ।

हालांकि जिला प्रशासन के सूत्रों ने कहा कि निषेधाज्ञा का तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल की यात्रा से कोई लेना-देना नहीं है।

तृणमूल प्रतिनिधिमंडल पार्टी सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश पर वहां गया ।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (विशेष शाखा) पल्लब भट्टाचार्य ने कहा कि सिलचर में सुरक्षा बढ़ा दी गयी है।

उन्होंने कहा, ‘‘कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जो भी कदम जरुरी होगा, उठाया जाएगा। ’’

रॉय ने एक टीवी चैनल पर कहा, ‘‘उन्होंने चार महिला सदस्यों समेत हमारे साथ दुर्व्यवहार किया। मैं हृदय का मरीज हूं। हम उन लोगों से बातचीत करने आये हैं जिनके नाम हटा दिये हैं। हम समस्या खड़ी करने नहीं आये हैं।’’ 

उनकी साथी ममताबाला देवी ने कहा कि उन्हें धक्का दिया गया और उनके साथ दुर्व्यवहार हुआ। 

तृणमूल के आरोपों पर राज्य सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आयी है। 

इस बीच आसू महासचिव लुरिंगज्योति गोगोई ने ममता बनर्जी पर वोटबैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा वह असम में ध्रुवीकरण कर रही हैं और शांतिपूर्ण माहौल को बिगाड़ रही हैं। हमारे पास मुख्यमंत्री है। कोई बाहरी मुख्यमंत्री असम के मूल लोगों की तकदीर नहीं तय कर सकता है।


उधर, पश्चिम बंगाल भाजपा के अध्यक्ष दिलीप घोष ने भी तृणमूल प्रतिनिधिमंडल को रोक देने के असम सरकार के कदम का स्वागत किया।

कोलकाता में तृणमूल ने एक बयान जारी कर कहा कि प्रतिनिधिमडल में छह सांसद, राज्य के एक मंत्री और एक विधायक थे। 

बनर्जी भाजपा नीत केंद्र सरकार पर एनआरसी के मुद्दे पर ‘वोटबैंक की राजनीति’ करने का आरोप लगा रही हैं और कह रही हैं कि भारतीय नागरिक अपनी ही जमीन पर शरणार्थी बन गये हैं। 
 

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