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अब सेना में भर्ती के लिए एक दिन में बुलाए जाएंगे महज 600 अभ्यर्थी

Thu, 07 Jul 2016 04:06 AM IST
राजीव सिन्हा/अमर उजाला,नई दिल्ली
राजीव सिन्हा/अमर उजाला,नई दिल्ली Updated Thu, 07 Jul 2016 04:06 AM IST
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six hundread applicants will participated in army recruitment

अब सीआरपीएफ, आईटीबीपी, बीएसएफ सहित तमाम केंद्रीय पुलिस बलों में होने वाली होनी वाली भर्तियों में एक दिन में एक जगह पर छह सौ लोगों से अधिक लोगों को नहीं बुलाया जाएगा। 2011 में शाहजहांपुर में हुए हादसे को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया है।

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साथ ही शीर्ष अदालत ने रेलवे को उन तमाम फुट ओवरब्रिज, पुल आदि को हटाने के लिए कहा है जो नियमों के अनुरूप नहीं बने हैं। रेलवे को यह काम दो साल के भीतर पूरा करने के लिए कहा गया है।
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चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर और न्यायमूर्ति यूयू ललित की पीठ ने कहा कि शाहजहांपुर में हुई घटना दोबारा नहीं हो इसलिए तमाम केंद्रीय पुलिस बलों में होने वाली भर्तियों के लिए किसी एक जगह पर एक दिन में छह सौ से अधिक आवेदकों को आमंत्रित नहीं करेंगे। पीठ ने कहा कि इतने लोगों को किसी एक जगह पर मैनेज किया जा सकता है। शीर्ष अदालत ने इस आदेश की प्रति गृह मंत्रालय तक पहुंचाने के लिए कहा है।
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मालूम हो कि भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में चतुर्थ वर्गीय 417 कर्मचारियों की भर्ती के लिए बरेली में करीब तीन लाख नवयुवक आए थे। जिसके बाद वहां भगदड़ जैसी स्थिति हो गई थी। एक फरवरी 2011 को भर्ती में आए लोग हिमगिरी एक्सप्रेस के ऊपर बैठकर वापस जा रहे थे। शाहजहांपुर यार्ड के पास स्थित फुट ओवरब्रिज से टकराकर 20 लोगों की मौत हो गई थी जबकि कई गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

सुप्रीम कोर्ट ने इस हादसे में मारे गए सभी युवकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। साथ ही विकलांग और घायलों को मुआवजा देने का आदेश दिया है। पीठ ने अपने आदेश में कहा कि ट्रेन के ऊपर सफर करना तो गलत है लेकिन इसमें रेलवे की भी गलती है।

नियमों के विरुद्ध बने पुल और फुट ओवरब्रिज का पता लगाएगी कमेटी
अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने रेलवे को तमाम ऐसे फुट ओवरब्रिज, पुल आदि का पता लगाने के लिए कहा है, जो रेलवे के लिए नियमों के अनुरूप नहीं हो। अगर वे नियमों के तहत नहीं हैं तो उन्हें हटाने के लिए रोडमैप तैयार किया जाए।

शीर्ष अदालत ने इसके लिए वरिष्ठ अधिकारी की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित करने को कहा है जो नियम के अनुरूप न बनने वाले फुट ओवरब्रिज, पुल आदि का पता लगाएगी और उन्हें हटाने के लिए कार्ययोजना तैयार करेगी।


कमेटी में तकनीकी विशेषज्ञों को भी शामिल करने के लिए कहा गया है। अदालत ने चार हफ्ते के भीतर कमेटी का गठन करने के लिए कहा है। साथ ही जल्द से जल्द डाटा एकत्रित कर कार्ययोजना तैयार करने के लिए कहा है। कमेटी को हर छह महीने में रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा गया है।

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