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पश्चिम बंगाल में संवैधानिक अराजकता के हालात : केंद्र सरकार
Sat, 30 Mar 2019 06:44 AM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Sat, 30 Mar 2019 06:44 AM IST
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पश्चिम बंगाल पुलिस (फाइल फोटो)
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केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था पूरी तरह फेल हो गई है और वहां संवैधानिक अराजकता जैसे हालात बन गए हैं। केंद्र सरकार ने यह भी कहा कि हालात इतने खराब हैं कि कस्टम अधिकारियों के कोलकाता हवाईअड्डे पर टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी की पत्नी को जांच के लिए रोकने पर पश्चिम बंगाल पुलिस उन्हें धमकाने पहुंच गई। अभिषेक बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं।
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चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि कस्टम अधिकारियों के खिलाफ महज इसलिए एफआईआर दर्ज की गई, क्योंकि उन्होंने 15-16 मार्च की मध्य रात दो महिलाओं के बैग की जांच की थी। इस पर कोलकाता पुलिस का भारी अमला एयरपोर्ट में पहुंच गया और कस्टम अधिकारियों को गिरफ्तार करने की कोशिश की। मेहता ने कहा कि यह पूरा प्रकरण सीसीटीवी कैमरों में कैद है।
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इस पर पीठ ने पूछा, आखिर आप हमसे क्या चाहते हैं? जवाब में मेहता ने कहा कि हम संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कराना चाहते हैं, जो अभी तक नहीं किया गया है। इसके बाद पीठ ने कहा कि अगर आप चाहते हैं कि हम इस मामले में कुछ करें, तो आपको आवेदन दाखिल करना चाहिए। इस पर मेहता सहमत हो गए। दूसरी तरफ, राज्य सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि राज्य सरकार का पक्ष जाने बगैर यह सब मसला सिर्फ मीडिया में चर्चा के लिए उठाया जा रहा है।
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