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Maharashtra: शिवाजी के पराक्रम का गवाह विशालगढ़ किले में भड़की हिंसा, उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव किया

Tue, 16 Jul 2024 02:40 AM IST
दीपक कुमार शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोल्हापुर/मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोल्हापुर/मुंबई Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Tue, 16 Jul 2024 02:40 AM IST
सार

छत्रपति शिवाजी महाराज के पराक्रम का गवाह विशालगढ़ किला पिछले कुछ वर्षों से अतिक्रमण की चपेट में है। पूर्व सांसद छत्रपति संभाजीराजे ने किले पर हुए अतिक्रमण को हटाने की मांग को लेकर विशालगढ़ अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया और इसी के तहत सोमवार को उन्होंने अपने समर्थकों को चलो विशालगढ़ का संदेश दिया।

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Shivaji linked Vishalgarh Fort Violence broke out miscreants targets police during anti encroachment drive
प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महाराष्ट्र के कोल्हापुर जिले के विशालगढ़ किले में अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान हिंसा भड़क गई। भीड़ ने पुलिस कर्मियों पर पथराव कर दिया, जिससे किले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए तैनात पुलिसकर्मी घायल हो गए। प्रदर्शनकारियों ने संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए 500 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। वहीं, 21 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य की तलाश की जा रही है।  

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बता दें कि छत्रपति शिवाजी महाराज के पराक्रम का गवाह विशालगढ़ किला पिछले कुछ वर्षों से अतिक्रमण की चपेट में है। पूर्व सांसद छत्रपति संभाजीराजे ने किले पर हुए अतिक्रमण को हटाने की मांग को लेकर विशालगढ़ अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया और इसी के तहत सोमवार को उन्होंने अपने समर्थकों को चलो विशालगढ़ का संदेश दिया। संभाजीराजे के नेतृत्व में पुणे से पहुंचे दक्षिणपंथी कार्यकर्ताओं को निषेधाज्ञा के चलते किले के अंदर जाने से रोके जाने के बाद हिंसा भड़क गई। किले पर 15 जुलाई से 29 जुलाई तक महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम 1951 की प्रासंगिक धाराओं के तहत निषेधाज्ञा आदेश जारी किए गए हैं।
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रविवार को मार्च का नेतृत्व कर रहे संभाजीराजे ने मांग की थी कि अवैध कब्जेदारों की जाति और धर्म की परवाह किए बिना सभी अतिक्रमण हटा दिए जाएं। 

हिंसा के बाद महायुति सरकार पर हमलावर हुआ विपक्ष
हिंसा भड़कने के बाद विपक्ष ने शिवसेना की अगुवाई वाली महयुति सरकार पर निशाना साधा और सवाल किया कि क्या राज्य में 'जंगल राज' है। राज्य विधान परिषद में विपक्ष के नेता और शिवसेना (यूबीटी) से जुड़े अंबादास दानवे ने कहा कि मैंने दो बार विशालगढ़ किले का दौरा किया और अतिक्रमण देखा। संभाजीराजे ने राज्य सरकार से केवल अतिक्रमण हटाने के लिए कहा था, हालांकि, कार्रवाई करने के बजाय, उनके खिलाफ एक मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने पूछा, क्या सरकार इन अतिक्रमणों को बचा रही है?
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एआईएमआईएम नेता इम्तियाज ने संभाजीराजे पर साधा निशाना
वहीं, ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) के इम्तियाज जलील ने मार्च का नेतृत्व करने के लिए संभाजीराजे छत्रपति पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, आप दिल्ली जा सकते थे क्योंकि मुसलमानों ने आपको वोट दिया था। हम आपका सम्मान करते थे, लेकिन आपने विशालगढ़ किले में हिंसक विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया, इसलिए हमें आश्चर्य है कि क्या आप वास्तव में शाहू महाराज के वंशज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अतिक्रमण विरोधी अभियान में कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। लोगों के घरों में तोड़फोड़ की गई और उपद्रवियों द्वारा वाहनों को जला दिया गया। उन्होंने सवाल किया, क्या महाराष्ट्र में जंगल राज है?


सोमवार को प्रशासन ने हटाए 70 अतिक्रमण 
इधर, कोल्हापुर जिला कलेक्टर अमोल येडगे ने बताया कि जिला प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी में कड़ी सुरक्षा के बीच अतिक्रमण विरोधी अभियान सोमवार को दोबारा शुरू किया गया। अभियान राजस्व और पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की मौजूदगी में सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक चलाया गया। इस दौरान विशालगढ़ किले से 70 अतिक्रमण हटा दिए गए। किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया है। यह अभियान मंगलवार को भी जारी रहेगा।

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