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अब शिवसेना के नेताओं को भी राज्यपाल से लगानी पड़ रही है गुहार
Fri, 06 Nov 2020 10:10 PM IST
मुकेश कुमार झा
सुरेन्द्र मिश्र, मुंबई
सुरेन्द्र मिश्र, मुंबई
Published by: मुकेश कुमार झा
Updated Fri, 06 Nov 2020 10:10 PM IST
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उद्धव ठाकरे- भगत सिंह कोश्यारी
- फोटो : ANI
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे सूबे के विधायक और सांसद ही नहीं बल्कि शिवसेना के विधायकों और मंत्रियों की पहुंच से भी काफी दूर है। विधायक और मंत्री उनसे मिलने के लिए तरसते हैं। ताजा मामला दर्जाप्राप्त राज्यमंत्री व विदर्भ के शिवसेना नेता किशोर तिवारी का है जो बीते चार दिन से मुंबई में उद्धव ठाकरे से मिलने की बाट जोह रहे हैं लेकिन उन्हें बुलावा नहीं आया। आखिरकार, उन्होंने राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी से मिलकर अपनी व्यथा सुनाई।
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वैसे महाराष्ट्र का राजभवन हर किसी के लिए खुला है। लेकिन सबसे ज्यादा भाजपा के नेता अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राज्यपाल के पास जाते रहते हैं। इसको लेकर शिवसेना लगातार भाजपा नेताओं पर तंज भी कसती रहती है। हाल ही में मुख्यमंत्री के चचेरे भाई मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे भी राजभवन में अपनी फरियाद लेकर पहुंचे थे। लेकिन अब शिवसेना के नेता भी राजभवन की चौखट पर जाने के लिए मजबूर हो गए हैं।
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शिवसेना नेता किशोर तिवारी वसंतराव नाईक स्वावलंबन मिशन के अध्यक्ष है। वह लंबे समय से विदर्भ जन आंदोलन समिति के माध्यम से किसान आत्महत्या का मामला उठाते रहे हैं। न्यूज चैनलों पर भी तिवारी शिवसेना का पक्ष रखते हैं लेकिन, उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से ही समय नहीं मिल पाया।
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किशोर तिवारी ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि शुक्रवार को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलकर विदर्भ और मराठवाड़ा का अनुशेष दूर करने की मांग की। इसके अलावा अतिवृष्टि प्रभावित किसानों के लिए राज्य सरकार द्वारा घोषित 10 हजार करोड़ के पैकेज में विदर्भ को बहुत कम हिस्सेदारी मिलने की शिकायत की।
इसी मांग को लेकर वह मुख्यमंत्री से मिलने के लिए कई दिनों से मुंबई में डेरा डाले हुए हैं। लेकिन मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं हो पाई। राज्यपाल से मिलकर उनसे विदर्भ के यवतमाल जिले में केलापुर-पांढरकला, झरीजामनी और मोरेगांव जैसे ग्रामीण इलाकों का दौरा करने का निवेदन किया। राज्यपाल से मांग की कि वह अपने विशेषाधिकार का इस्तेमाल कर विदर्भ और मराठवाड़ा के पिछले इलाकों को न्याय दिलाएं।
सांसद ने किए 50 फोन, उद्धव ने नहीं दिया जवाब
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री सांसदों और विधायकों के लिए नॉट रीचेबल हैं। अमरावती के विधायक रवि राणा और उनकी सांसद पत्नी नवनीत राणा ने मुख्यमंत्री से मिलने की बहुत कोशिश की लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। रवि राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकरे को 50 बार फोन किया। लेकिन उन्होंने इसका अब तक कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने भी राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी से मिलकर अपनी मांगों के संदर्भ में राज्य सरकार को निर्देश देने का निवेदन किया।