अब सुप्रीम कोर्ट में महाराष्ट्र की महाभारत, शिवसेना, एनसीपी-कांग्रेस की याचिका पर आज सुनवाई
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देवेंद्र फडणवीस की सीएम और अजित पवार को डिप्टी सीएम पद की शपथ दिलाने के महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के फैसले के खिलाफ शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। तीनों दलों की संयुक्त याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में रविवार को सुबह 11:30 बजे सुनवाई होगी।
Supreme Court to hear on tomorrow at 11.30 am the joint plea of Shiv Sena, Nationalist Congress Party and Indian National Congress against the decision of Maharashtra Governor inviting Devendra Fadnavis to form the government on November 23. pic.twitter.com/Be4lMgmSNH
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) November 23, 2019
महाराष्ट्र के राज्यपाल के फैसले के खिलाफ शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस ने शनिवार रात सुप्रीम कोर्ट में एक संयुक्त याचिका दाखिल की। तीनों दलों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले वरिष्ठ वकील देवदत्त कामत ने कहा कि हमने अपनी याचिका में मांग की है कि बहुमत परीक्षण रविवार को ही करवाया जाए। हमें उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट हमारी याचिका पर गौर करेगा।
Senior Advocate Devadutt Kamat for Congress-NCP-Shiv Sena: In our petition, we requested SC for an urgent direction for a Floor Test to be held tomorrow itself. We are hopeful the Supreme Court will hear us. Our petition has been numbered. pic.twitter.com/epo2HuCR8M
— ANI (@ANI) November 23, 2019
वहीं महाराष्ट्र सरकार के गठन पर कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने कहा कि हमारे 44 विधायक हमारे पास हैं। महाराष्ट्र के राज्यपाल ने सभी मानदंडों और नियमों को दरकिनार किया है। बिना किसी सत्यापन के, उन्होंने भाजपा को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया। हमने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। हम इस मुद्दे को संसद में भी उठाएंगे।
उन्होंने एक बयान में कहा कि महाराष्ट्र में गैरकानूनी ढंग से बनी भाजपा सरकार को बहुत जल्द ही रुसवाई के साथ हटना पड़ेगा। सुबह से चल रहे घटनाक्रम इसका संकेत देते हैं कि भाजपा को राजनीतिक खरीद-फरोख्त के लिए जल्द ही बड़ा झटका लगेगा। उन्होंने सत्ता की लालसा में जिस राजनीतिक अनैतिकता का परिचय दिया है वो निंदनीय है। कांग्रेस इसके खिलाफ लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने दावा किया कि देवेंद्र फडणवीस बहुमत साबित नहीं कर पाएंगे और उन्हें पद से हटना पड़ेगा।