{"_id":"5d4460208ebc3e6ce864293f","slug":"sharad-tripathi-former-bjp-mp-is-afraid-of-his-party-government-and-mla-rakesh-singh-baghel","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपनी पार्टी की सरकार और विधायक से डरने लगे हैं भाजपा के ये पूर्व सांसद","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
अपनी पार्टी की सरकार और विधायक से डरने लगे हैं भाजपा के ये पूर्व सांसद
Fri, 02 Aug 2019 09:39 PM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Fri, 02 Aug 2019 09:39 PM IST
सार
- सुरक्षा घटते ही बढ़ा विधायक को जूता मारने वाले सांसद का डर
- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के चेले हैं विधायक राकेश सिंह बघेल
- सांसद जी तो नप गए लेकिन विधायक को बचा ले गए सीएम योगी
विज्ञापन
शरद त्रिपाठी, राकेश सिंह बघेल (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
विस्तार
उन्नाव गैंगरेप का आरोप झेल रहे भाजपा के पूर्व दबंग विधायक कुलदीप सिंह सेंगर जहां भाजपा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए परेशानी का सबब बन रहे हैं, वहीं पार्टी के एक पूर्व सांसद शरद त्रिपाठी ने भाजपा के ही विधायक से जान का खतरा महसूस करना शुरू कर दिया है। शरद त्रिपाठी ही वह भाजपा के नेता हैं, जो संत कबीर नगर से सांसद थे और समीक्षा बैठक के दौरान विधायक राकेश सिंह बघेल को जूते से पीट दिया था। शरद त्रिपाठी का कहना है कि विधायक ने उनके साथ बद्तमीजी की थी और इसके चलते आवेश में उन्हें ऐसा कदम उठाना पड़ा था।
विज्ञापन
अब जान का खतरा है
शरद त्रिपाठी यूपी भाजपा के पूर्व अध्यक्ष और देवरिया से सांसद रमापति राम त्रिपाठी के बेटे हैं। विधायक को जूता मारने के बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में शरद का टिकट अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए काट दिया गया था। इस बारे में शरद त्रिपाठी के समर्थकों का कहना है कि योगी आदित्यनाथ के दबाव में कार्रवाई केवल शरद त्रिपाठी को झेलनी पड़ी। पार्टी ने विधायक के फिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। जबकि विधायक राकेश सिंह बघेल भी दोषी थे। बताते हैं राकेश सिंह बघेल को मुख्यमंत्री का शिष्य होने का आशीर्वाद मिल गया।
विज्ञापन
अब शरद त्रिपाठी के समर्थकों को राकेश सिंह बघेल से जान का खतरा नजर आने लगा है। बताते हैं त्रिपाठी के समर्थकों में उनकी (शरद त्रिपाठी) सुरक्षा में कटौती यह डर पैदा कर रही है। त्रिपाठी के करीबी को इसमें किसी तरह के षडयंत्र की भी बू आ रही है। बताते हैं जल्द ही शरद त्रिपाठी भाजपा अध्यक्ष और केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह तथा कार्यवाहक अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को इसके बाबत पत्र लिखकर अपनी जान-माल का आग्रह करने वाले हैं।
विज्ञापन
विधायक ने खुले आम दी थी धमकी
त्रिपाठी के समर्थक का कहना है कि जूताकांड के बाद विधायक ने खुलेआम शरद त्रिपाठी को देख लेने की धमकी दी थी। शरद त्रिपाठी का भी कहना है कि मामला संवेदनशील है। यह सबको पता है कि टकराव हो गया था। हालांकि कार्रवाई केवल मैं (शरद त्रिपाठी) झेल रहा हूं। त्रिपाठी ने भी फोन पर माना कि हाल में उनके सुरक्षा कम कर दी गई। अब सुरक्षा में केवल एक गनर है। त्रिपाठी के करीबियों का कहना है कि शरद की सुरक्षा में कटौती यूपी सरकार ने की है।