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Maharashtra: केंद्र पर शरद पवार का हमला, कहा- ED के जरिये विपक्ष को खत्म करने की कोशिश, कानून बदलने की जरूरत

Sat, 17 May 2025 11:24 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: बशु जैन Updated Sat, 17 May 2025 11:24 PM IST
सार

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत की पुस्तक नरकातील स्वर्ग (नरक में स्वर्ग) का विमोचन अवसर पर एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि ईडी कानून के कुछ प्रावधान खतरनाक हैं। ईडी कानून में नया प्रावधान कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के कार्यकाल में जोड़ा गया था। उस समय मैंने भविष्य के खतरों को देखते हुए ऐसा न करने का सुझाव दिया था। मेरा सुझाव नहीं माना गया।

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Sharad Pawar's attack on Centre, said- attempt to eliminate the opposition through ED, need to change the law
एनसीपी एसपी के प्रमुख शरद पवार - फोटो : पीटीआई

विस्तार

एनसीपी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार ने शनिवार को केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि एनडीए सरकार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जरिये विपक्ष को खत्म करने की कोशिश कर रही है। जब यूपीए सरकार के दौरान कानून बदला जा रहा है तो मैंने चेतावनी दी थी कि सरकार बदलने पर इसका दुरुपयोग किया जाएगा। जब भी केंद्र में सत्ता बदलती है तो कानून में संशोधन किया जाना चाहिए।
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मुंबई के रवींद्र नाट्य मंदिर में शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत की पुस्तक नरकातील स्वर्ग (नरक में स्वर्ग) का विमोचन अवसर पर एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने कहा कि ईडी कानून के कुछ प्रावधान खतरनाक हैं। सत्ता का दुरुपयोग किस प्रकार किया जाता है, इसका उदाहरण संजय राउत के लेखों से मिलता है। 
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शरद पवार ने कहा कि ईडी कानून में नया प्रावधान कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के कार्यकाल में जोड़ा गया था। उस समय मैंने भविष्य के खतरों को देखते हुए ऐसा न करने का सुझाव दिया था। मेरा सुझाव नहीं माना गया जिसके परिणाम अब सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार बदलने के बाद चिदंबरम के खिलाफ कार्रवाई की गई और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। सत्ता का दुरुपयोग किया गया। भाजपा नेतृत्व वाली सरकार पीएमएलए का इस्तेमाल  विपक्ष को नष्ट करने के लिए कर रही है।
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राउत की किताब का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान नौ नेताओं के खिलाफ पीएमएलए के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया था, लेकिन उनमें से किसी को भी गिरफ्तार नहीं किया गया।  पवार ने कहा कि एनडीए के दौर में कांग्रेस, टीएमसी, बीजेडी, अविभाजित शिवसेना और एनसीपी, आरजेडी, बीएसपी, आप, टीडीपी, समाजवादी पार्टी, सीपीआई (एम), एआईएडीएमके, डीएमके और टीआरएस के नेताओं समेत 19 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

उन्होंने कहा कि संजय राउत को फंसाया गया। राउत ने केंद्र को भ्रष्टाचार के लिखित सबूत दिए लेकिन बिना कोई कार्रवाई किए उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख को भी गिरफ्तार किया गया। लेकिन इन सभी ने कठिनाइयों के बावजूद हार नहीं मानी। सभी एक साथ रहे और एक-दूसरे को हिम्मत दी।


कोई तानाशाह न बने, एक दिन जाना ही पड़ता है : उद्धव
वहीं, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि कोई तानाशाह न बने क्योंकि हिटलर भी तानाशाह था और आखिर में उसने आत्महत्या कर ली थी। तानाशाह को एक दिन जाना ही पड़ता है। उन्होंने कहा कि शिवसेना को खत्म करने का यह पहला प्रयास नहीं है। इससे पहले भी ऐसे प्रयास हो चुके हैं।

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विपक्षी नेताओं को जेल भेजने की जगह बाहर व्यस्त रखना चाहिए : जावेद
वहीं, किताब का विमोचन करने वाले जावेद अख्तर ने कहा कि कई नेताओं ने जेल में रहते हुए किताबें लिखी हैं। इनमें महात्मा गांधी से लेकर पं. जवाहरलाल नेहरू आदि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी नेताओं को जेल भेजने की बजाय बाहर व्यस्त रखना चाहिए क्योंकि जेल जाने पर उन्हें सोचने का मौका मिलता है और फिर वे किताब लिखते हैं।

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