फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Sharad Pawar On shiv sena symbol row Eknath Shinde Uddhav Thackeray supporters clash in Ratnagiri Maharashtra

Shiv Sena Row: पार्टी ऑफिस को लेकर भिड़े शिवसेना के दोनों गुट, पवार ने ठाकरे को दिया यह सुझाव

Sat, 18 Feb 2023 01:58 AM IST
गुलाम अहमद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: गुलाम अहमद Updated Sat, 18 Feb 2023 01:58 AM IST
सार

पुलिस अधिकारी ने कहा कि शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं ने दापोली में शिवसेना के दफ्तर पर कब्जा करने की कोशिश की, जिसके कारण हाथापाई हुई। इसके कारण कुछ देर के लिए इलाके में तनाव पैदा हो गया

विज्ञापन
Sharad Pawar On shiv sena symbol row Eknath Shinde Uddhav Thackeray supporters clash in Ratnagiri Maharashtra
सांकेतिक तस्वीर (फाइल फोटो) - फोटो : social media

विस्तार

महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उद्धव ठाकरे के समर्थकों के बीच झड़प का मामला सामना आया है। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार शाम रत्नागिरी जिले के दापोली में शिवसेना के एक कार्यालय को लेकर पार्टी के दोनों गुटों के समर्थक  आपस में भिड़ गए। यह घटना चुनाव आयोग द्वारा शिंदे गुट को असली शिवसेना के रूप में मान्यता दिए जाने के कुछ घंटे बाद हुई। पुलिस अधिकारी ने कहा कि शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं ने दापोली में शिवसेना के दफ्तर पर कब्जा करने की कोशिश की, जिसके कारण हाथापाई हुई। इसके कारण कुछ देर के लिए इलाके में तनाव पैदा हो गया, लेकिन पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रण में किया।

विज्ञापन


पवार ने उद्धव को दी यह सलाह
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार ने कहा कि 'धनुष और बाण' चुनाव चिह्न खो जाने से उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना पर कोई फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि लोग उनके नए चुनाव चिन्ह को स्वीकार करेंगे। पवार ने कहा कि इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस ने 1978 में नया चुनाव चिह्न अपनाया था, लेकिन इसका पार्टी पर कोई असर नहीं हुआ था। पवार एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को वास्तविक शिवसेना के रूप में मान्यता देने और उसे मूल 'धनुष और बाण' चिन्ह देने के चुनाव आयोग के फैसले पर प्रतिक्रिया दे रहे थे।
विज्ञापन


एनसीपी प्रमुख ने ठाकरे समूह को सलाह दी कि एक बार फैसला हो जाने के बाद कोई चर्चा नहीं हो सकती है। इसे स्वीकार करें, एक नया चुनाव चिह्न लें। इसका (पुराने चुनाव चिह्न के नुकसान का) कोई प्रभाव नहीं पड़ने वाला है। उन्होंने याद दिलाया कि आपातकाल के बाद इंदिरा गांधी को भी ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ा था।
विज्ञापन
विज्ञापन


अजित पवार ने पूछा, शिवसेना मामले में फैसले की जल्दबाजी क्यों कर रहा चुनाव आयोग?
एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजीत पवार ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को असली शिवसेना के रूप में मान्यता देने के चुनाव आयोग के फैसले को अप्रत्याशित करार दिया और पूछा कि चुनाव आयोग फैसला सुनाने में जल्दबाजी क्यों कर रहा है। उन्होंने कहा कि शिवसेना के आम कार्यकर्ता उद्धव ठाकरे के साथ खड़े रहेंगे।

अजित पवार ने कहा कि यह एक अप्रत्याशित फैसला है। यह समझना मुश्किल है कि चुनाव आयोग द्वारा इतनी जल्दबाजी क्यों दिखाई गई, जब सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार सुबह ही कहा था कि वह 21 फरवरी से दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद संबंधित मामले में निर्णय देगा। 


उन्होंने कहा कि हर कोई जानता है कि शिवसेना की स्थापना किसने की। हिंदू-हृदय सम्राट कौन था? शिवसेना प्रमुख कौन था? बालासाहेब की मृत्यु के बाद सेना का नेतृत्व कौन कर रहा था? इसलिए आम शिवसैनिक और शिवसेना में विश्वास रखने वाले मतदाता उद्धव जी के प्रति सम्मान बनाए रखेंगे और चुनाव में साबित कर देंगे कि उनकी शिवसेना ही असली शिवसेना है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed