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शंघाई सहयोग संगठन की बैठक इस साल भारत में होगी, क्या आमने-सामने होंगे मोदी और इमरान
Tue, 14 Jan 2020 10:05 PM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 14 Jan 2020 10:05 PM IST
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एससीओ के सेक्रेट्री जनरल ब्लादिमीर नोरोव और विदेश मंत्री एस जयशंकर
- फोटो : Twitter
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क्या इस साल पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान और भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आमना सामना हो सकता है? भारत में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक को लेकर यह सवाल उठने लगे हैं। एससीओ के सेक्रेट्री जनरल ब्लादिमीर नोरोव ने बताया कि भारत ही इस बैठक की मेजबानी करेगा और इसमें भारत के अलावा चीन, कजाकिस्तान, किरगिस्तान, रूस, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उजबेकिस्तान शामिल होंगे।
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इससे पहले जुलाई में एससीओ के सदस्य देशों के प्रमुखों की बैठक रूस में होगी जबकि भारत पहली बार एससीओ की मुख्य बैठक की मेजबानी करेगा। नोरोव ने बताया कि शंघाई सहयोग संगठन के सदस्यों ने भारत की मेजबानी की पहल का स्वागत किया है। हालांकि अभी यह साफ नहीं है कि इस बैठक के लिए पाकिस्तान भारत के निमंत्रण को स्वीकार करेगा या नहीं। दोनों देशों के बीच तनाव की स्थितियों को देखते हुए और खासकर पांच अगस्त को अधिकृत कश्मीर के स्पेशल स्टेटस का दर्जा खत्म करने के बाद से यह कहना मुश्किल है कि पाकिस्तान का रूख क्या रहेगा और यह बैठक दोनों देशों के बीच जमी बर्फ को पिघलाने की दिशा में कितनी कामयाब होगी।
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पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान अधिकृत कश्मीर को लेकर लगातार भारत की तीखी आलोचना करते रहे हैं। इमरान लगातार मोदी सरकार पर फासिस्ट तौर तरीके इस्तेमाल करने का और हिंसा का माहौल पैदा करने का भी आरोप लगाते रहे हैं। उन्होंने कुछ ही दिन पहले ये कहा था कि आखिर दुनिया कब तक मोदी सरकार के तौर तरीकों पर खामोश रह सकती है। गौरतलब है कि भारत और पाकिस्तान को 2017 में शंघाई सहयोग संगठन का पूर्णकालिक सदस्य का दर्जा मिला था।
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लेकिन शंघाई सहयोग संगठन की बैठक का भारत में होना और इसमें सभी सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों का शामिल होना बेशक एक सकारात्मक माहौल पैदा कर सकता है, बशर्ते पाकिस्तान भी इसमें शामिल होने का निमंत्रण स्वीकार करे।