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शबाना आजमी और जावेद अख्तर ने ठुकराया पाकिस्तान का आमंत्रण, नहीं जाएंगे कराची
Fri, 15 Feb 2019 04:42 PM IST
यशवीर सिंह
न्यूज डेस्क, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, नई दिल्ली
Published by: यशवीर सिंह
Updated Fri, 15 Feb 2019 04:42 PM IST
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शबाना आजमी और जावेद अख्तर
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मशहूर अभिनेत्री शबाना आजमी और उनके पति प्रसिद्ध गीतकार-लेखक जावेद अख्तर ने पुलवामा हमले के बाद पाकिस्तान का निमंत्रण ठुकरा दिया है। शबाना के पिता मशहूर शायर कैफी आजमी की जयंती विशेष पर कराची में आयोजित कार्यक्रम में दोनों शरीक होने नहीं जाएंगे।
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दोनों को कराची कला निगम की ओर से इस दो दिवसीय कार्यक्रम में बुलाया गया था। मालूम हो कि शबाना आजमी के पिता और जावेद अख्तर के ससुर कैफी आजमी मशहूर शायर रहे हैं।
जावेद अख्तर ने ट्वीट कर लिखा कि कराची आर्ट काउंसिल ने शबाना और मुझे दो दिन पहले कैफी आजमी और उनकी कविताओं के बारे में होने वाले लिटरेटर कॉन्फ्रेंस में आमंत्रित किया था। हमने इसे रद्द कर दिया है। 1965 में इंडो पाक युद्ध के दौरान कैफी साहब ने एक कविता लिखी थी ''और फिर कृष्णा ने अर्जुन से कहा''।
वहीं दूसरी ओर शबाना आजमी ने भी अपने ट्विटर एकाउंट पर लगातार इस संबंध में रिट्वीट किया है। दोनों के इस निर्णय की सराहना हो रही है। फॉलोअर्स उनके इस निर्णय के लिए सैल्यूट कर रहे हैं और आभार व्यक्त कर रहे हैं।
इससे पहले जावेद अख्तर ने हमले के तुरंत बाद निंदा की थी। उन्होंने ट्वीट किया था कि उनका CRPF से विशेष संबंध है।उनके लिए एंथम सॉन्ग लिखने से पहले उन्होंने कई सीआरपीएफ अधिकारियों से मुलाकात की थी। बहादुर जवानों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए शबाना आजमी ने भी हमले की कड़ी आलोचना की थी।
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Kranchi art council had invited. Shabana and me for a two day lit conference about Kaifi Azmi and his poetry . We have cancelled that . In 1965 during the indo Pak war Kaifi saheb had written a poem . “ AUR PHIR KRISHAN NE ARJUN SE KAHA “
— Javed Akhtar (@Javedakhtarjadu) February 15, 2019विज्ञापन
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दोनों को कराची कला निगम की ओर से इस दो दिवसीय कार्यक्रम में बुलाया गया था। मालूम हो कि शबाना आजमी के पिता और जावेद अख्तर के ससुर कैफी आजमी मशहूर शायर रहे हैं।
जावेद अख्तर ने ट्वीट कर लिखा कि कराची आर्ट काउंसिल ने शबाना और मुझे दो दिन पहले कैफी आजमी और उनकी कविताओं के बारे में होने वाले लिटरेटर कॉन्फ्रेंस में आमंत्रित किया था। हमने इसे रद्द कर दिया है। 1965 में इंडो पाक युद्ध के दौरान कैफी साहब ने एक कविता लिखी थी ''और फिर कृष्णा ने अर्जुन से कहा''।
वहीं दूसरी ओर शबाना आजमी ने भी अपने ट्विटर एकाउंट पर लगातार इस संबंध में रिट्वीट किया है। दोनों के इस निर्णय की सराहना हो रही है। फॉलोअर्स उनके इस निर्णय के लिए सैल्यूट कर रहे हैं और आभार व्यक्त कर रहे हैं।
इससे पहले जावेद अख्तर ने हमले के तुरंत बाद निंदा की थी। उन्होंने ट्वीट किया था कि उनका CRPF से विशेष संबंध है।उनके लिए एंथम सॉन्ग लिखने से पहले उन्होंने कई सीआरपीएफ अधिकारियों से मुलाकात की थी। बहादुर जवानों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए शबाना आजमी ने भी हमले की कड़ी आलोचना की थी।
I have a special relation with CRPF. I have written Their anthem Before putting the pen to paper I met a number of CRPF officers n what ever I learned my respect admiration and love for these braves increased by many a fold Today I share the grief of the dear ones of the martyrs
— Javed Akhtar (@Javedakhtarjadu) February 14, 2019