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तैयारी: दूध उत्पादन बढ़ाने को विकसित होगी सेक्स्ड सीमन तकनीक, डीबीटी ने मांगे प्रस्ताव

Tue, 17 Jan 2023 05:36 AM IST
देव कश्यप परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली।
परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Tue, 17 Jan 2023 05:36 AM IST
सार

केंद्र सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) ने देश के अनुसंधान केंद्रों से सेक्स्ड सीमन तकनीक विकसित करने के प्रस्ताव मांगे हैं ताकि आगामी दिनों में किसानों को स्वदेशी और कम दाम में उपलब्ध हो सके।

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Sexed semen technology will be developed to increase milk production, DBT asks for proposals
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

देश के दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने वैज्ञानिक सिद्धांतों पर कार्य करना शुरू कर दिया है। जिस तरह कभी आर्टिफिशियल इंसेमिनेशन तकनीक ने डेयरी पशु प्रजनन का परिदृश्य ही बदल दिया था, उसी तरह अब सरकार ने सेक्स्ड सीमन तकनीक को विकसित करने का फैसला लिया है, जिसे अभी तक दूसरे देशों से मंगाकर किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा है।

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केंद्र सरकार के जैव प्रौद्योगिकी विभाग (डीबीटी) ने देश के अनुसंधान केंद्रों से सेक्स्ड सीमन तकनीक विकसित करने के प्रस्ताव मांगे हैं ताकि आगामी दिनों में किसानों को स्वदेशी और कम दाम में उपलब्ध हो सके।
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30 करोड़ से अधिक गोवंश आबादी भारत में
डीबीटी के एक वरिष्ठ वैज्ञानिक ने बताया कि देश में 30 करोड़ से ज्यादा गोवंश आबादी है। मौजूदा समय में कृषि और उद्योग में मशीनीकरण को अपनाने से नर मवेशियों की उपयोगिता कम हुई है लेकिन दुग्ध उत्पादों के लिए मादा मवेशियों की संख्या भी सीमित है।

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  • ऐसे में, कृत्रिम गर्भाधान तकनीक एक आशाजनक तकनीक है, जिसके जरिए डेयरी व्यवसाय में तेजी और    सुधार लाया जा सकता है।


आय में इजाफा होगा
सेक्स्ड सीमन के उपयोग से किसानों को नर पशुओं के रखरखाव का खर्च नहीं उठाना पड़ेगा, जिससे उनकी आय में इजाफा होगा। अपनी ही डेरी में बछिया तैयार होने से किसान को बाहर से गायें नहीं खरीदनी पड़ेगीं।

  • सीमन आयात करने की प्रक्रिया काफी जटिल है। इसकी अनुमति मिलने में ही कई बार एक से दो साल का समय लग जाता है।


इस तकनीक से 2011 में पैदा हुआ पहला बछड़ा  
भारत में सेक्स्ड सीमन का उत्पादन सबसे पहले पश्चिम बंगाल गौ संपदा विकास संस्थान ने 2009 में शुरू किया था। संस्था ने आरकेवीवाई प्रोजेक्ट के तहत 2.9 करोड़ की लागत से हरिन्गथा में बीडी इन्फ्लक्स हाई स्पीड सेल सॉर्टर स्थापित किया। यहां उत्पादित सेक्स्ड सीमन से पहला बछड़ा 1 जनवरी 2011 को पैदा हुआ था, जिसका नाम श्रेयश था।

  • वर्तमान में कई राज्यों के लाइवस्टोक डेवलपमेंट बोर्ड विदेशों से सेक्स्ड सीमन आयात कर किसानों को सब्सिडी पर उपलब्ध करा रहे हैं। सब्सिडी के बाद किसानों को यह सीमन 400 से 500 रुपए के आसपास में मिल रहा है।
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