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PM Modi: पीएम मोदी के जन्मदिन पर ग्राम पंचायतों में शुरू होगा सेवा पखवाड़ा, आयुष्मान भव अभियान की होगी शुरुआत
Wed, 06 Sep 2023 05:17 AM IST
जलज मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जलज मिश्रा
Updated Wed, 06 Sep 2023 05:17 AM IST
सार
राज्यों को लिखे पत्र में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा है कि आगामी 13 सितंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस अभियान की शुरुआत करेगीं। साथ ही, 17 सितंबर को सेवा पखवाड़ा शुरू होगा जो दो अक्तूबर तक चलेगा।
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- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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विस्तार
जी-20 के कुछ ही दिन बाद देश में डिजिटल स्वास्थ्य को लेकर आयुष्मान भव अभियान शुरू होगा। इसके तहत गांवों को एक नई पहचान मिलेगी। इन गांवों के नाम के साथ आयुष्मान भी जोड़ा जाएगा और यह नई पहचान गांव की सीमा पर दिखाई देगी ताकि लोगों को यह पता चल सके कि इस गांव में स्वास्थ्य जांच से लेकर ई संजीवनी के जरिए डॉक्टर की सलाह, टीकाकरण और आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा सभी का लाभ घर बैठे लिया जा रहा है।
राज्यों को लिखे पत्र में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा है कि आगामी 13 सितंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस अभियान की शुरुआत करेगीं। साथ ही, 17 सितंबर को सेवा पखवाड़ा शुरू होगा जो दो अक्तूबर तक चलेगा। 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। इसके तहत अंगदान और रक्तदान शिविर का आयोजन भी होगा। अंगदान के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800114770 की जानकारी दी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि अभी करीब 50 से 55 फीसदी स्वास्थ्य योजनाएं ही डिजिटल मंच से जुड़े हैं। सभी योजनाओं को एक साथ लाने का मकसद है कि देश के सभी नागरिकों तक आयुष्मान भारत डिजिटल स्वास्थ्य योजनाएं पहुंच सकें। उम्मीद जताई है कि सेवा पखवाड़ा के जरिए गांवों को डिजिटल बनाने की पहल को काफी समर्थन मिलेगा।
ढाई लाख से ज्यादा पंचायतों में तैनात होंगी टीमें
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक निदेशक ने बताया, 2.50 लाख से ज्यादा गांवों के लिए स्वास्थ्य टीमों को तैनात किया जाएगा जो न सिर्फ प्रत्येक गांव में आयुष्मान सभा करेंगी बल्कि हर घर जाकर लोगों से बातचीत भी करेगीं। इनके पास मौजूद टेबलेट के जरिए रियल टाइम डाटा अपलोड होगा जो दिल्ली में मौजूद डिजिटल स्वास्थ्य कक्ष तक पहुंचेगा।
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क्या होंगे आयुष्मान गांव के फायदे
इस अभियान के जरिये सबसे पहले गांव डिजिटल हो जाएगा। दूसरा आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के सभी लाभार्थियों तक सरकार की पहुंच होगी। तीसरा इस गांव में टीबी, मलेरिया, डेंगू और अन्य गैर संचारी रोगों को लेकर एक वास्तविक स्थिति का पता भी चलेगा। आगे चलकर इन्हीं गांवों को मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सा छात्रों द्वारा गोद लिया जाएगा।
अभियान के बाद भी चलते रहेंगे प्रयास
एक सवाल पर स्वास्थ्य मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी ने बताया कि आगामी दो अक्तूबर तक अभियान पूरा होने के बाद भी गांवों का दौरा जारी रहेगा। सभी राज्यों से ऐसे गांवों का चयन करने के लिए कहा है जिन्हें कम समय में डिजिटल सेवाएं दी जा सकती हैं। साथ ही एक दूसरी सूची में अंतिम छोर या फिर दुर्गम स्थलों को शामिल किया है। प्रयास है कि अगले छह से सात माह में अधिकांश गांवों को आयुष्मान नाम की पहचान दिलाई जा सके।
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राज्यों को लिखे पत्र में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा है कि आगामी 13 सितंबर को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस अभियान की शुरुआत करेगीं। साथ ही, 17 सितंबर को सेवा पखवाड़ा शुरू होगा जो दो अक्तूबर तक चलेगा। 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। इसके तहत अंगदान और रक्तदान शिविर का आयोजन भी होगा। अंगदान के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800114770 की जानकारी दी जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि अभी करीब 50 से 55 फीसदी स्वास्थ्य योजनाएं ही डिजिटल मंच से जुड़े हैं। सभी योजनाओं को एक साथ लाने का मकसद है कि देश के सभी नागरिकों तक आयुष्मान भारत डिजिटल स्वास्थ्य योजनाएं पहुंच सकें। उम्मीद जताई है कि सेवा पखवाड़ा के जरिए गांवों को डिजिटल बनाने की पहल को काफी समर्थन मिलेगा।
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ढाई लाख से ज्यादा पंचायतों में तैनात होंगी टीमें
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के एक निदेशक ने बताया, 2.50 लाख से ज्यादा गांवों के लिए स्वास्थ्य टीमों को तैनात किया जाएगा जो न सिर्फ प्रत्येक गांव में आयुष्मान सभा करेंगी बल्कि हर घर जाकर लोगों से बातचीत भी करेगीं। इनके पास मौजूद टेबलेट के जरिए रियल टाइम डाटा अपलोड होगा जो दिल्ली में मौजूद डिजिटल स्वास्थ्य कक्ष तक पहुंचेगा।
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क्या होंगे आयुष्मान गांव के फायदे
इस अभियान के जरिये सबसे पहले गांव डिजिटल हो जाएगा। दूसरा आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना के सभी लाभार्थियों तक सरकार की पहुंच होगी। तीसरा इस गांव में टीबी, मलेरिया, डेंगू और अन्य गैर संचारी रोगों को लेकर एक वास्तविक स्थिति का पता भी चलेगा। आगे चलकर इन्हीं गांवों को मेडिकल कॉलेजों के चिकित्सा छात्रों द्वारा गोद लिया जाएगा।
अभियान के बाद भी चलते रहेंगे प्रयास
एक सवाल पर स्वास्थ्य मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी ने बताया कि आगामी दो अक्तूबर तक अभियान पूरा होने के बाद भी गांवों का दौरा जारी रहेगा। सभी राज्यों से ऐसे गांवों का चयन करने के लिए कहा है जिन्हें कम समय में डिजिटल सेवाएं दी जा सकती हैं। साथ ही एक दूसरी सूची में अंतिम छोर या फिर दुर्गम स्थलों को शामिल किया है। प्रयास है कि अगले छह से सात माह में अधिकांश गांवों को आयुष्मान नाम की पहचान दिलाई जा सके।