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जाकिर के भाषणों में मिली गंभीर गड़बड़ी, एनआईए करेगी एफआईआर

Sun, 10 Jul 2016 02:59 AM IST
गुंजन कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली
गुंजन कुमार/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 10 Jul 2016 02:59 AM IST
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serious disturbances were found in Zakir Naik speeches NIA will FIR
इस्लामी उपदेशक जाकिर नाईक के भाषणों की जांच में प्रथमदृष्टया गंभीर गड़बड़ी पाई गई है। एजेंसियां कानूनी सलाह लेकर यह तस्दीक कर रही हैं कि नाईक के भाषण हेट स्पीच यानी घृणा या द्वेश फैलाने वाले वक्तव्य की श्रेणी में हैं या नहीं।
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इस आधार पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जल्द ही उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करेगी। इसके अलावा पाया गया है कि नाईक की संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन (आईआरएफ) को सऊदी अरब से अच्छी खासी रकम मिल रही है।
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उच्चपदस्थ सूत्रों के मुताबिक सऊदी अरब में नाईक को उसकी विद्वता के लिए मार्च 2015 में किंग फैजल इंटरनेशनल पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। आईआरएफ को मिलने वाले विदेशी चंदे और उसके भारत में किए गए इस्तेमाल की जांच भी अंतिम चरण में है।
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मामले की जांच में लगे सूत्रों ने बताया कि नाईक सुन्नी बहुल सऊदी अरब के कट्टर वहाबी मत को अपने भाषण का आधार बना कर दुनिया भर में प्रचार करता है। उसके भाषण में शिया और अहमदिया मुसलमानों के लिए तीखा विरोध है। उसके भाषण से यह साफ है कि उसने सभी धर्मों के बारे में गहराई से अध्ययन किया है।

नाईक को करीब आठ महीने पहले दिल्ली के लोदी रोड स्थित इस्लामिक कल्चर सेंटर (आईसीएस) में आमंत्रित किया गया था। सेंटर के ज्यादातर सदस्यों ने मैनेजमेंट के इस फैसले का तीखा विरोध किया था।

गौरतलब है कि पिछले पांच सालों में मुंबई पुलिस और आईबी की तरफ से नाईक की गतिविधि और उसके भाषण के खिलाफ कार्रवाई के लिए केंद्र को लिखा गया था, लेकिन गृह मंत्रालय से ज्यादा तवज्जो नहीं मिली। अब बांग्लादेश प्रकरण सामने आने के बाद नाईक पर चौतरफा शिकंजा कसने की तैयारी चल रही है।

बांग्लादेश में भी जाकिर नाईक के खिलाफ जांच शुरू
भारत में विवादित इस्लामी उपदेशक जाकिर नाईक पर जांच का शिकंजा कसने के बाद बांग्लादेश सरकार ने भी उसके खिलाफ जांच शुरू कर दी है। बांग्लादेश सरकार ने शनिवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि वह नाईक के इस्लामी गुटों से संबंध की जांच कर रही है। उसके भाषणों पर प्रतिबंध लगाने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। 

‘अवैध रूप से चल रहे चैनलों पर कार्रवाई करें राज्य’

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जाकिर नाईक के विवादित उपदेश के पीस टीवी पर प्रसारण को देखते हुए केंद्र ने राज्य सरकारों से कहा है कि अवैध रूप से चल रहे चैनलों के खिलाफ कार्रवाई करें। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी एडवाइजरी में कहा गया है ‘ऐसी सूचना है कि टीवी पर प्रसारित सामग्री से सुरक्षा को खतरा है। इसका मकसद सांप्रदायिक उन्माद और आतंकी हिंसा फैलाना है।’

खासकर ऐसी रिपोर्ट मिल रही है कि ऐसी सामग्री का प्रसारण पीस टीवी जैसे निजी सेटेलाइट चैनलों के जरिये हो रहा है। इन्हें देश में डाउनलिंक करने की अनुमति नहीं है। ऐसे में राज्य सरकारों की भूमिका अहम हो जाती है कि केबल ऑपरेटर द्वारा बिना अनुमति प्राप्त चैनलों पर ऐसी सामग्री के प्रसारण पर रोक लगाई जाए।
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