कांग्रेस का गंभीर आरोप, लौह अयस्क के निर्यात में बड़ा घपला, बड़े उद्योगपतियों ने की 12 हजार करोड़ की टैक्स चोरी
- मोदी सरकार ने बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने के लिए निर्यात नियमों में किए बदलाव
- उच्च गुणवत्ता का लौह अयस्क विदेश में बेचने की इजाजत चंद खास उद्योगपतियों को दी
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कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने गुरुवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को सम्बोधित करते हुए कहा कि केंद्र सरकार अपने चंद करीबियों को लाभ पहुंचाने के लिए देश के प्रमुख संस्थानों को नष्ट करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि लौह अयस्क का निर्यात अब तक केवल एमएमटीसी के जरिये किया जाता था। लेकिन वर्तमान सरकार ने सत्ता संभालते ही नियमों में बदलाव कर दिया और KIOCL कंपनी को कई देशों को लौह अयस्क के निर्यात की अनुमति दे दी। इन देशों में चीन भी शामिल है।
खेड़ा ने कहा कि गलत तरीके से लौह अयस्क पर 30 फीसदी ड्यूटी को छर्रे के माध्यम से बेचने पर ड्यूटी को पूरी तरह माफ कर दिया गया। लौह अयस्क के संकेन्द्रण के मामलों में भी छूट दे दी गई। उनका आरोप है कि इस तरह से लगभग 40 हजार करोड़ रुपये का लौह अयस्क कई देशों को निर्यात किया गया है। उन्होंने कहा कि कई ऐसी कंपनियों ने भी महत्वपूर्ण लौह अयस्क बिना अनुमति के विदेश भेज दिया और इनमें 12 हजार करोड़ रुपये की ड्यूटी भी चुराई गई।
कांग्रेस प्रवक्ता खेड़ा ने कि इन मामलों में गलत तरीके से व्यापार करने पर भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान है। नियमों के मुताबिक इस पर लगभग 2 लाख करोड़ रुपये का जुर्माना वसूला जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को उन कम्पनियों के नाम सार्वजनिक करने चाहिए, जिन्होंने पिछले छह साल में उच्च गुणवत्ता के लौह अयस्क को विदेश निर्यात किया है। कांग्रेस ने सरकार से इन कंपनियों और इसकी अनुमति देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।