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विदेश मंत्रालय: अफगानिस्तान पर पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक की भारत ने की निंदा, रूस-यूक्रेन युद्ध पर क्या कहा?
Tue, 22 Sep 2026 08:28 PM IST
शिवम गर्ग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शिवम गर्ग
Updated Tue, 22 Sep 2026 08:28 PM IST
सार
पाकिस्तान के अफगानिस्तान पर हवाई हमले को लेकर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई है। विदेश मंत्रालय ने नागरिकों की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि ऐसी आक्रामकता क्षेत्रीय शांति के खिलाफ है। भारत ने आतंकवाद और रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी अपना रुख साफ किया।
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रणधीर जायसवाल, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता
- फोटो : Amar Ujala Graphics
विस्तार
भारत ने अफगानिस्तान के पक्तिका और कुनार पर पाकिस्तान की ओर से किए गए हवाई हमले की निंदा की है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को प्रेस वार्ता में भारत का पक्ष रखा। रणधीर जायसवाल ने एक सवाल के जवाब में कहा, "पाकिस्तान के हमले की हम कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। उस हिंसा में कई आम लोगों की जान गई, हमारी उनके साथ संवेदनाएं पीड़ित परिवार के साथ हैं, जो घायल हैं उनके लिए कामना है कि वो जल्द ठीक हो जाए। ऐसी आक्रामकता क्षेत्र की अखंडता और शांति व्यवस्था के खिलाफ है। हम अफगानिस्तान के साथ हैं। पाकिस्तान को अपने कार्रवाई पर ध्यान देना चाहिए। इससे पहले की दुनिया उससे इसे लेकर सवाल पूछे।"
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21 सितंबर को अफगानिस्तान के कुनार और पक्तिका प्रांतों में पाकिस्तानी हवाई हमले किए थे। जिसमें तालिबान सरकार के अनुसार तीन लोगों की मौत हो गई थी। एयर स्ट्राइक की निंदा करते हुए तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने चेतावनी दी थी कि इन हमलों का 'उचित जवाब' दिया जाएगा। मुजाहिद के मुताबिक पाकिस्तान ने कुनार में रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया। जहां पाकिस्तानी बमबारी में एक महिला और दो पुरुषों की मौत हो गई, जबकि दो महिलाएं और दो पुरुष घायल हो गए थे।
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'पाकिस्तान को सिर्फ बयान नहीं, ठोस कार्रवाई करनी होगी'
पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के संकल्प वाले बयान पर भारत ने प्रतिक्रिया दी है। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान को अपने बयानों को विश्वसनीय बनाने के लिए सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ठोस और भरोसेमंद कार्रवाई करनी होगी।
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जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान को कार्रवाई और दृढ़ प्रतिबद्धता दिखानी होगी। उन्होंने कहा कि जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ विश्वसनीय कदम नहीं उठाता, तब तक दुनिया उसके दावों पर भरोसा नहीं कर सकती। यह प्रतिक्रिया पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा था कि पाकिस्तानी सशस्त्र बल आतंकवाद को हराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मुनीर ने 22 सितंबर को पेशावर में कोर मुख्यालय का दौरा किया था, जहां उन्हें खैबर पख्तूनख्वा की सुरक्षा स्थिति और आतंकवाद विरोधी अभियानों की जानकारी दी गई।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर क्या बोला भारत?
विदेश मंत्रालय ने रूस-यूक्रेन संघर्ष को लेकर भी भारत का रुख स्पष्ट किया। जायसवाल ने बताया कि विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल ही में यूक्रेन के विदेश मंत्री से मुलाकात की और संघर्ष से जुड़े ताजा घटनाक्रम पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत लगातार यह मानता रहा है कि किसी संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान संवाद और कूटनीति के जरिए ही निकाला जा सकता है। भारत रूस और यूक्रेन दोनों के संपर्क में है और अगर वह शांति प्रयासों में किसी तरह योगदान दे सकता है तो इसके लिए तैयार है।
जायसवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस टिप्पणी का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि अंतहीन युद्ध अब खत्म होने की दिशा में बढ़ने चाहिए। भारत ने कहा है कि वह संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए संवाद और कूटनीति का समर्थन करता रहेगा।
पाकिस्तान के कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन वाले दावे पर भी जवाब
पाकिस्तान की ओर से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को भेजे गए पत्र के बारे में पूछे जाने पर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने की आदत रखता है। उन्होंने पाकिस्तान के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस फैसले को स्थायी मध्यस्थता न्यायालय का फैसला बताया जा रहा है, वह भारत के अनुसार एक 'अवैध रूप से गठित अदालत' का फैसला है। जायसवाल ने इसे वास्तविकता को अलग तरीके से पेश करने की एक और कोशिश बताया। भारत पहले भी इस मध्यस्थता निकाय को मान्यता नहीं देने की बात कह चुका है और उसके फैसलों को स्वीकार करने से इनकार करता रहा है।