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ATS: भारत में गिरफ्तार आईएस आतंकियों से श्रीलंका पुलिस के अधिकारी करेंगे पूछताछ, अहमदाबाद से पकड़े गए थे
Wed, 22 May 2024 03:57 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: श्वेता महतो
Updated Wed, 22 May 2024 03:57 PM IST
सार
श्रीलंका के पुलिस प्रवक्ता और वरिष्ठ अधीक्षक निहाल थल्डुवा ने कहा कि नियुक्त किए गए डीआईजी के पास अपराध जांच प्रभाग और आतंकवाद जांच प्रभाग है। वे इस जांच में खुफिया एजेंसियों के साथ समन्वय करेंगे।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
विस्तार
अहमदाबाद हवाई अड्डे पर इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) के चार आतंकियों को गिरफ्तार किया गया था। ये चारों ही श्रीलंका के नागरिक हैं। श्रीलंका पुलिस के शीर्ष अधिकारी भी इन आतंकियों से पूछताछ करेंगे और श्रीलंका पुलिस ने इस मामले की जांच के लिए एक टीम का गठन किया, जिसका नेतृत्व एक वरिष्ठ उप महानिरीक्षक करेंगे। एक गुप्त सूचना के आधार पर गुजरात आतंकवाद निरोधी दस्ता (एटीएस) ने कार्रवाई करते हुए रविवार को उन चारों आतंकियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, ये लोग प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) से जुड़े हैं और आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए भारत आए थे।
गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी पाकिस्तान में रहने वाले श्रीलंका के एक कट्टरपंथी नेता के लिए काम करते हैं। पुलिस प्रवक्ता और वरिष्ठ अधीक्षक निहाल थल्डुवा ने बताया, मामले की जांच के लिए पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) देशबंधु तेनाकून द्वारा एक वरिष्ठ उप महानिरीक्षक के नेतृत्व में एक पुलिस टीम नियुक्त की गई है।
निहाल थल्दुवा ने कहा कि नियुक्त किए गए डीआईजी के पास अपराध जांच प्रभाग और आतंकवाद जांच प्रभाग है। वे इस जांच में खुफिया एजेंसियों के साथ समन्वय करेंगे। मंगलवार को सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री तिरान एलेस और आईजीपी देशबंधु तेनाकून ने कहा कि वे इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं और घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे भारतीय अधिकारियों से भी चर्चा कर रहे हैं।
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आईएसआईएस आंतकी के संपर्क में थे चारो आतंकी
गुजरात के डीजीपी विकास सहाय ने बताया कि फरवरी 2024 से ये चार लोग अबू नाम के एक शख्स के संपर्क में थे, जो पाकिस्तान में रहता है और आईएसआईएस आतंकी है। वे सोशल मीडिया के जरिए उसके संपर्क में थे। अबू ने उन्हें भारत में आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए उकसाया। वे इतने कट्टरपंथी थे कि आत्मघाती बम विस्फोट के लिए भी तैयार हो गए। पाकिस्तानी निवासी अबू ने उन्हें श्रीलंकाई मुद्रा में चार लाख रुपये भी दिए। उनके पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। फोन में उनके खिलाफ सबूत के लिए तमाम तस्वीरें और वीडियो हैं। मोबाइल फोन में अहमदाबाद के पास नाना चिलोडा क्षेत्र की एक तस्वीर थी। इससे पता चला कि यहां आतंकवादी हमले को अंजाम देने के लिए गोला-बारूद छिपाया गया था।
चारों आरोपियों की पहचान मोहम्मद नुसरत, मोहम्मद नुफ्रान, मोहम्मद फारिस और मोहम्मद राजदीन के तौर पर की गई है। उनके पास से पाकिस्तान निर्मित गोला-बारूद, तीन पाकिस्तान में ही बने पिस्तौल और 20 सक्रिय कारतूस बरामद किए गए हैं।
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गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी पाकिस्तान में रहने वाले श्रीलंका के एक कट्टरपंथी नेता के लिए काम करते हैं। पुलिस प्रवक्ता और वरिष्ठ अधीक्षक निहाल थल्डुवा ने बताया, मामले की जांच के लिए पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) देशबंधु तेनाकून द्वारा एक वरिष्ठ उप महानिरीक्षक के नेतृत्व में एक पुलिस टीम नियुक्त की गई है।
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निहाल थल्दुवा ने कहा कि नियुक्त किए गए डीआईजी के पास अपराध जांच प्रभाग और आतंकवाद जांच प्रभाग है। वे इस जांच में खुफिया एजेंसियों के साथ समन्वय करेंगे। मंगलवार को सार्वजनिक सुरक्षा मंत्री तिरान एलेस और आईजीपी देशबंधु तेनाकून ने कहा कि वे इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं और घटनाक्रम पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। उन्होंने बताया कि वे भारतीय अधिकारियों से भी चर्चा कर रहे हैं।
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आईएसआईएस आंतकी के संपर्क में थे चारो आतंकी
गुजरात के डीजीपी विकास सहाय ने बताया कि फरवरी 2024 से ये चार लोग अबू नाम के एक शख्स के संपर्क में थे, जो पाकिस्तान में रहता है और आईएसआईएस आतंकी है। वे सोशल मीडिया के जरिए उसके संपर्क में थे। अबू ने उन्हें भारत में आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए उकसाया। वे इतने कट्टरपंथी थे कि आत्मघाती बम विस्फोट के लिए भी तैयार हो गए। पाकिस्तानी निवासी अबू ने उन्हें श्रीलंकाई मुद्रा में चार लाख रुपये भी दिए। उनके पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। फोन में उनके खिलाफ सबूत के लिए तमाम तस्वीरें और वीडियो हैं। मोबाइल फोन में अहमदाबाद के पास नाना चिलोडा क्षेत्र की एक तस्वीर थी। इससे पता चला कि यहां आतंकवादी हमले को अंजाम देने के लिए गोला-बारूद छिपाया गया था।
चारों आरोपियों की पहचान मोहम्मद नुसरत, मोहम्मद नुफ्रान, मोहम्मद फारिस और मोहम्मद राजदीन के तौर पर की गई है। उनके पास से पाकिस्तान निर्मित गोला-बारूद, तीन पाकिस्तान में ही बने पिस्तौल और 20 सक्रिय कारतूस बरामद किए गए हैं।