फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Sending notice through WhatsApp or e-mail not valid, superme court rejects petition seeking amendment in order

SC: 'व्हाट्सएप या ई-मेल से नोटिस भेजना वैध नहीं', शीर्ष कोर्ट ने खारिज की आदेश में संशोधन की मांग वाली याचिका

Thu, 07 Aug 2025 06:59 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: बशु जैन Updated Thu, 07 Aug 2025 06:59 PM IST
सार

सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया था कि वे पुलिस को सीआरपीसी की धारा 41ए या बीएनएसएस की धारा 35 के तहत नोटिस भेजने के लिए केवल वहीं तरीके अपनाने का निर्देश दें, जिनकी कानून के तहत अनुमति हो। हरियाणा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करके आदेश में संशोधन करने की मांग की थी। 

विज्ञापन
Sending notice through WhatsApp or e-mail not valid, superme court rejects petition seeking amendment in order
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : एएनआई

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने एक बार फिर कहा कि दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) या भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के तहत व्हाट्सएप और ईमेल से नोटिस भेजना वैध नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा राज्य की ओर से अपने जनवरी 2025 के आदेश में संशोधन की मांग वाली याचिका खारिज कर दी।
विज्ञापन


जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस नोंग्मीकापम कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि हम खुद यह विश्वास दिलाने में असमर्थ हैं कि ई-मेल और व्हाट्सएप जैसे इलेक्ट्रॉनिक संचार बीएनएसएस की धारा 35 के तहत सूचना तामील कराने का एक वैध तरीका है। बीएनएसएस में ऐसी प्रक्रिया को शामिल करना विधानमंडल की विधायी मंशा का उल्लंघन होगा।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: हाईकोर्ट जज के मामले में दोबारा सुनवाई करेगा शीर्ष कोर्ट, दीवानी केस में आपराधिक कार्रवाई को दी थी मंजूरी
विज्ञापन
विज्ञापन


हरियाणा ने दायर की थी याचिका
सुप्रीम कोर्ट में हरियाणा राज्य ने याचिका दायर की थी। इसमें सतेंद्र कुमार अंतिल बनाम सीबीआई और अन्य 2025 में पारित आदेश में संशोधन की मांग की गई थी। याचिका में कहा गया था कि बीएनएसएस 2023 की धारा 64(2) सिस्टम-जनरेटेड समन यानी ई-समन एप से संबंधित है। जबकि धारा 71 विधिवत हस्ताक्षरित, स्कैन और इलेक्ट्रॉनिक रूप से भेजे गए भौतिक समन से संबंधित है, इसलिए किसी वॉटरमार्क सील की अलग से कोई आवश्यकता नहीं है। बीएनएसएस की धारा 35 के तहत एक नोटिस धारा 71 के तहत समन की ही श्रेणी में आता है और इसलिए इसे इलेक्ट्रॉनिक रूप से प्रेषित करने की अनुमति दी जानी चाहिए।


इस पर पीठ ने कहा कि धारा 35 के तहत नोटिस की तामील इस मूल अधिकार की रक्षा के लिए की जानी चाहिए, क्योंकि नोटिस का पालन न करने से व्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रभाव पड़ सकता है। बीएनएसएस 2023 को सीधे तौर पर पढ़ने पर पता लगता है कि विधानमंडल ने इलेक्ट्रॉनिक संचार के उपयोग पर प्रतिबंध लगाए हैं। पीठ ने कहा  कि बीएनएस की धारा 35 के तहत जारी नोटिस धारा 71 के तहत जारी समन की ही श्रेणी में नहीं आता है। क्योंकि धारा 71 इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से तामील की अनुमति देती है। धारा 71 के तहत जारी समन और उसके गैर-अनुपालन का किसी व्यक्ति की स्वतंत्रता पर तत्काल प्रभाव नहीं पड़ता है। जबकि धारा 35 के तहत जारी नोटिस का अनुपालन न होने पर  व्यक्ति की स्वतंत्रता पर तत्काल प्रभाव पड़ सकता है।

ये भी पढ़ें: बंदी प्रत्यक्षीकरण मामले की सुनवाई से पहले लड़की की मौत; हत्या के आरोप में पिता-चाचा गिरफ्तार

जनवरी में कोर्ट ने दिया था आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया था कि वे पुलिस को सीआरपीसी की धारा 41ए या बीएनएसएस की धारा 35 के तहत नोटिस भेजने के लिए केवल वहीं तरीके अपनाने का निर्देश दें, जिनकी कानून के तहत अनुमति हो।  व्हाट्सएप या अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से नोटिस भेजना सीआरपीसी और बीएनएसएस के तहत तय की गई विधियों का विकल्प नहीं हो सकता। सुप्रीम कोर्ट ने उच्च न्यायालयों के रजिस्ट्रार जनरल और सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को तीन हफ्ते के भीतर अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed