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अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट: गुजरात में दूसरा स्टील ब्रिज लॉन्च, जमीन से 15.5 मी. की ऊंचाई पर बना पुल
Thu, 25 Apr 2024 12:11 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: श्वेता महतो
Updated Thu, 25 Apr 2024 12:11 PM IST
सार
अधिकारियों ने बताया कि रेलवे लाइनों, एक्सप्रेसवे और हाइवे को पार करने में स्टील के ब्रिज उपयुक्त हैं। बता दें कि भारत के पास 100 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों के लिए स्टील ब्रिज बनाने की विशेषज्ञता है।
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Ahmedabad-Mumbai Bullet Train Project
- फोटो : ANI
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विस्तार
गुजरात के नडियाद के पास अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए दूसरा 100 मीटर लंबा स्टील ब्रिज लॉन्च किया गया है। 1486 मेट्रिक टन स्टील ब्रिज का निर्माण भुज जिले में स्थित वर्कशॉप में किया गया है। इस ब्रिज को जमीन से 15.5 मीटर की ऊंचाई पर बनाया गया है। इस पुल को भारतीय रेलवे लाइन की पावर ब्लॉक और ट्रैफिक की योजना को देखते हुए बनाया गया है।
स्टील ब्रिज की लंबाई 60 मीटर से 130 मीटर तक
अधिकारियों ने बताया कि स्टील के प्रत्येक उत्पादन बैच का अल्ट्रासॉनिक टेस्टिंग (यूटी) के जरिए निर्माता के परिसर में परीक्षण किया गया है। कॉरिडोर के लिए यह 28 में से दूसरा ब्रिज है। पहला स्टील ब्रिज को सूरत के नेशनल हाईवे 53 पर लॉन्च किया गया है। इन स्टील ब्रिज के निर्माण में 70,000 एमटी निर्दिष्ट स्टील का उपयोग किया गया है। इन स्टील ब्रिज स्पैन की लंबाई 60 मीटर से 130 मीटर तक है।
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अधिकारियों ने कहा कि रेलवे लाइनों, एक्सप्रेसवे और हाइवे को पार करने में स्टील के ब्रिज उपयुक्त हैं। बता दें कि भारत के पास 100 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों के लिए स्टील ब्रिज बनाने की विशेषज्ञता है। अब इसी विशेषज्ञता को 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली एमएएचएसआरसी (मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर) पर भी लागू की जा रही है।
2017 में शुरू हुआ था बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट
बता दें कि अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को 1.08 लाख करोड़ की लागत से तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मुंबई से अहमदाबाद की 508 किमी की दूरी महज दो घंटे में पूरा करना है। बुलेट ट्रेन की अधिकतम गति 320 किलोमीटर प्रति घंटा है। इस ट्रेन के लिए करीब 24 नदी पुल, 28 स्टील ब्रिज और सात पहाड़ी सुरंग बनाई जा रही है। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर काम 2017 में शुरू किया गया था। केंद्रीय रेलवे मंत्री ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।
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#WATCH | Gujarat: A 100-meter-long second steel bridge was launched near Nadiad for the Ahmedabad-Mumbai Bullet Train Project. This 1486 metric ton steel bridge has been manufactured in the workshop located in Bhuj district. (24.04)
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(Source: NHSRCL) pic.twitter.com/p59MLHsjhR — ANI (@ANI) April 25, 2024
स्टील ब्रिज की लंबाई 60 मीटर से 130 मीटर तक
अधिकारियों ने बताया कि स्टील के प्रत्येक उत्पादन बैच का अल्ट्रासॉनिक टेस्टिंग (यूटी) के जरिए निर्माता के परिसर में परीक्षण किया गया है। कॉरिडोर के लिए यह 28 में से दूसरा ब्रिज है। पहला स्टील ब्रिज को सूरत के नेशनल हाईवे 53 पर लॉन्च किया गया है। इन स्टील ब्रिज के निर्माण में 70,000 एमटी निर्दिष्ट स्टील का उपयोग किया गया है। इन स्टील ब्रिज स्पैन की लंबाई 60 मीटर से 130 मीटर तक है।
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अधिकारियों ने कहा कि रेलवे लाइनों, एक्सप्रेसवे और हाइवे को पार करने में स्टील के ब्रिज उपयुक्त हैं। बता दें कि भारत के पास 100 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों के लिए स्टील ब्रिज बनाने की विशेषज्ञता है। अब इसी विशेषज्ञता को 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली एमएएचएसआरसी (मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर) पर भी लागू की जा रही है।
2017 में शुरू हुआ था बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट
बता दें कि अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट को 1.08 लाख करोड़ की लागत से तैयार किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मुंबई से अहमदाबाद की 508 किमी की दूरी महज दो घंटे में पूरा करना है। बुलेट ट्रेन की अधिकतम गति 320 किलोमीटर प्रति घंटा है। इस ट्रेन के लिए करीब 24 नदी पुल, 28 स्टील ब्रिज और सात पहाड़ी सुरंग बनाई जा रही है। बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट पर काम 2017 में शुरू किया गया था। केंद्रीय रेलवे मंत्री ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।