फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   SC seeks response from states over 'violations' in DGP appointments

Supreme Court: डीजीपी की नियुक्ति में नियमों के उल्लंघन का मामला, सुप्रीम कोर्ट ने छह राज्यों से मांगा जवाब

Mon, 09 Dec 2024 08:50 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 09 Dec 2024 08:50 PM IST
सार

Supreme Court: पुलिस महानिदेशकों की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट ने छह राज्यों से जवाब मांगा है। याचिका में आरोप लगाया गया था कि सात राज्यों आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और झारखंड ने प्रकाश सिंह मामले में सुप्रीम कोर्ट के 2006 के फैसले और बाद में जारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया।

विज्ञापन
SC seeks response from states over 'violations' in DGP appointments
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक याचिका पर छह राज्यों से जवाब मांगा। इन राज्यों में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश शामिल हैं। याचिका में आरोप लगाया गया है कि इन राज्यों ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) की नियुक्ति के संबंध में शीर्ष के निर्देशों का पालन नहीं किया गया।

विज्ञापन


याचिका में कहा गया था कि सात राज्यों आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और झारखंड ने प्रकाश सिंह मामले में सुप्रीम कोर्ट के 2006 के फैसले और बाद में जारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया। इस फैसले में पुलिस प्रमुखों की नियुक्ति को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाए रखने के उपाय बताए गए थे। झारखंड सरकार पहले ही सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल कर चुकी है। 
विज्ञापन


यह मामला सुनवाई के लिए चीफ जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस संजय कुमार की बेंच के सामने आया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि कई राज्यों ने कोर्ट द्वारा तय प्रक्रियाओं का उल्लंघन किया है। इन प्रकियाओं में यह भी शामिल था कि डीजीपी की नियुक्ति क लिए उन्हें दो साल की तय सेवा अवधि पूरी करनी चाहिए। साथ ही डीजीपी संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा तैयार की गई तीन सबसे वरिष्ठ और योग्य आईपीएस अफसरों की सूची से चुना जाना चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने इन राज्यों को छह हफ्ते के भीतर अपने जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। इसके बाद, राज्यों को अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए चार हफ्ते का और समय मिलेगा। कोर्ट ने प्रकाश सिंह मामले में दिए गए अपने ऐतिहासिक फैसले की महत्ता को भी बताया और निर्देश दिया कि यूपीएससी को डीजीपी की नियुक्ति के लिए पैनल तैयार करना जारी रखना चाहिए। इसके साथ सुप्रीम कोर्ट ने यूपीएससी से कहा कि वह अगली सुनवाई से दस दिन पहले अपनी स्थिति रिपोर्ट दाखिल करे। यह सुनवाई मार्च 2025 में होगी। 


जन सेवा ट्रस् की ओर से वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनायणन ने कोर्ट में दलील दी कि राज्यों ने जानबूझकर कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन किया है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के डीजीपी की नियुक्ति के नियम का जिक्र किया और उसे सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन बताया। उन्होंने यह भी कहा कि यूपी को डीजीपी की नियुक्ति में इन नियमों का पालन करने से रोका जाना चाहिए। 


याचिका में यह भी कहा गया कि आंध्र प्रदेश में के. राजेंद्र प्रसाद रेड्डी को फरवरी 2022 में कार्यवाहक डीजीपी बनाया गया, जबकि वह वरिष्ठता की सूची में 13वें स्थान पर थे। तेलंगाना में भी अंजनी कुमार को दिसंबर 2022 में कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किया गया, जबकि वह वरिष्ठ अधिकारियों की सूची में पीछे थे। उत्तर प्रदेश में कई बार नियमों का उल्लंघन किया गया। प्रशांत कुमार को 2024 में कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किया गया जबकि वह 19वें स्थान पर थे। 

संबंधित वीडियो-

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed