कश्मीर टाइम्स की कार्यकारी संपादक की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने मामले को तुरंत सूचीबद्ध की बात मानी
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उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कश्मीर टाइम्स की कार्यकारी संपादक अरुराधा भसीन की याचिका पर सुनवाई करते हुए इसे तुरंत सूचीबद्ध करने के अनुरोध पर विचार करने के लिए हामी भरी है। याचिका में अनुच्छेद 370 को समाप्त करने के फैसले के बाद घाटी में काम कर रहे पत्रकारों पर लगे प्रतिबंधों को चुनौती दी गई है।
Supreme Court says, "will consider an urgent listing of plea filed by Anuradha Bhasin, the Executive Editor of Kashmir Times challenging the restriction on working journalists in the Kashmir valley in the wake of the revocation of Article 370". pic.twitter.com/oszAE3eoOL— ANI (@ANI) August 13, 2019
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न्यायालय ने कहा कि वह जम्मू कश्मीर में मीडिया पर लगी पाबंदियां हटाने की मांग करने वाली अपनी याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने के लिए न्यायालय के रजिस्ट्रार को ज्ञापन दें। जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान केंद्र द्वारा समाप्त कर दिए जाने के बाद वहां कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कुछ पाबंदियां लगाई गई हैं।
न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की अगुवाई वाली पीठ ने भसीन की वकील वृंदा ग्रोवर से कहा, 'आप रजिस्ट्रार को ज्ञापन सौंप दें और वह उस पर गौर करेंगे।' ग्रोवर ने पीठ को बताया कि भसीन कश्मीर के एक प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र की संपादक हैं और घाटी में पूरी तरह से बंद होने के कारण पत्रकार काम नहीं कर पा रहे हैं। इस पर पीठ ने कहा, 'हम गौर करेंगे।'